कृषि विभाग,

उत्तर प्रदेश

पारदर्शी किसान सेवा योजना,

किसान का अधिकार किसान के द्वार

प्रौद्योगिकी का उपयोग

पंजीकरण कराने का तरीका

किसान और मजदूर भाई अपना पंजीकरण निम्न में से किसी भी तरीके से करा सकते हैं-

  • किसान पंजीकरण केन्द्र पर जाकर-
    • किसान और मजदूर भाई किसान पंजीकरण केन्द्र पर जाकर भी अपना पंजीकरण करा सकते हैं।
    • किसान पंजीकरण केन्द्र पर किसानों से सम्बन्धित जानकारियाँ एकत्र की जायेंगी। उनसे यह जानकारी भी ली जायेगी कि वे किस लाभ हेतु पंजीकरण कराना चाहते हैं।
    • सभी जानकारी लेने के बाद किसान का पंजीकरण कर लिया जायेगा और उसके मोबाइल पर कम्प्यूटर द्वारा पंजीकरण नम्बर स्वतः भेज दिया जायेगा।
    • किसान और मजदूर भाई ऊपर लिखे तीनों अभिलेखों की फोटोकापी अपने साथ अवश्य लायें।
    • पंजीकरण के बाद अपनी पंजीकरण रसीद लेना न भूलें।
  • कृषि विभाग की वेबसाइट agriculture.up.nic.in पर ऑनलाइन आवेदन करके-
    • किसान और मजदूर भाई कृषि विभाग की वेबसाइट पर स्वंय या ई-सुविधा केन्द्र आदि पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
    • सभी जानकारी ऑनलाइन भरने के पश्चात किसान भाई का पंजीकरण कर लिया जायेगा और मोबाइल पर कम्प्यूटर द्वारा पंजीकरण नम्बर स्वतः भेज दिया जायेगा।
    • मोबाइल पर पंजीकरण संख्या प्राप्त होने के उपरान्त किसान और मजदूर भाई ऊपर लिखे तीनों अभिलेखों की फोटोकापी को अपने राजकीय बीज केन्द्र अथवा जनपदीय उप कृषि निदेशक कार्यालय में 7 दिन के अन्दर जमा कराना होगा। तीनों कागजों पर अपनी पंजीकरण संख्या लिखनी होगी।

पंजीकरण के उपरान्त वितरण प्रक्रिया-

  • जिन किसानों का शासन द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के अन्तर्गत चयन होगा, उन किसानों के मोबाइल पर लाभ वितरण हेतु सन्देश भेजा जायेगा।
  • सन्देश प्राप्ति के पश्चात, चयनित कृषक को निर्धारित अवधि के अन्दर लाभ वितरण केन्द्र पर पहुंचकर अपना फोटो खिंचवाकर और मशीन पर अंगूठा निशान अकिंत कराकर लाभ मिल जायेगा।
  • लाभार्थी कृषक को कृषि विभाग द्वारा रसीद दी जायेगी और साथ ही मोबाइल पर सन्देश भी भेजा जायेगा कि कृषक को क्या और कितना लाभ दिया गया है।
  • लाभार्थियों का विवरण कृषि विभाग की वेबसाइट agriculture.up.nic.in पर आम जनता के लिये उपलब्ध रहेगा।

योजना के लाभ-

  • कम्प्यूटरीकरण के लिये आधारभूत ढांचे की स्थापना।
  • माइक्रो से मैक्रो स्तर तक के सभी कार्य दोष रहित तरीके से सम्पन्न कराते हुये शतप्रतिशत पारदर्शी व्यवस्था की स्थापना।
  • योजनाओं का सामयिक अनुश्रवण, मूल्यांकन एंव क्रियान्वयन।
  • नवीन योजनाओं की संरचना हेतु आंकड़ों का विश्लेषण।
  • मण्डलीय एंव जनपदीय कार्यालयों से नेटवर्क के माध्यम से सूचनाओं/आकड़ों का त्वरित आदान प्रदान।
  • विभागीय कार्यकलापों की जन सामान्य को जानकारी।
  • लाभार्थियों के खाते में अनुदान की धनराशि का सीधे नगद भुगतान।
  • ऑनलाइन पारदर्शी कार्यक्रम क्रियान्वयन व्यवस्था की स्थापना।
  • लेखा विशेषज्ञों की देख रेख में योजनाओं का वित्तीय प्रबन्धन होने से वित्तीय अनियमितता पर रोक।
  • मदवार वित्तीय एंव भौतिक प्रगति ऑनलाइन उपलब्ध।
  • योजनाओं के समस्त कम्प्यूटरीकृत वित्तीय प्रतिवेदनों का समय से प्रस्तुतीकरण।
  • किसानों को ऑनलाइन मृदा स्वास्थ्य कार्ड उपलब्ध।
  • मृदा परीक्षण परिणामों के आधार पर फसल उत्पादन रणनीति तैयार करना सहज।
  • सरकार द्वारा उपलब्ध करायी जा रही समस्त सुविधाओं, नवीनतम् तकनीक, कृषि विभाग की गतिविधियों, वैज्ञानिक खेती के तरीके, किसान किस महीने में कौन सा कार्य करें, नकली खाद की पहचान घरेलू विधि से कैसे करें, आधुनिक कृषि यंत्रों के बारे में जानकारी, विभिन्न फसलों के कीट-रोग की पहचान तथा निदान, किसान भाई देंखे ओर करें (छोटी-छोटी वीडियो फिल्म) तथा किस समस्या के निदान के लिये किससे मिलें आदि के सम्बन्ध में टच स्क्रीन कीओस्क के माध्यम से कम पढे़ लिखे छोटे किसानों को जानकारी उपलब्ध कराना अर्थात नवीनतम् कम्प्यूटर तकनीक से आम जनता को जोड़ना।
  • किसानों एंव मजदूरों के साथ धोखाधड़ी की सम्भावना समाप्त।
  • बार-बार कुछ प्रभावशाली कृषकों द्वारा लाभ प्राप्त करने पर रोक लाभार्थियों की संख्या में वृद्धि।
  • सरकार के प्रति विश्वास की बहाली।