कृषि विभाग,

उत्तर प्रदेश

पारदर्शी किसान सेवा योजना,

किसान का अधिकार किसान के द्वार

वर्मी कम्पोस्ट

वर्मी कम्पोस्ट यूनिट स्थापना की प्रस्तावित कार्ययोजना वर्ष 2017-18

बढ़ती जनसंख्या, जोतो का छोटा होता जाना, कृषिगत भूमि में लगाातार कमी होते जाने के कारण, उपलब्ध कृषि भूमि में उन्नतिशील प्रजातियों की बुआई एवं लगातार फसलों द्वारा भूमि से पोषक तत्वों का दोहन/शोषण तथा कृषकों द्वारा असन्तुलित मात्रा में उर्वरकों का प्रयोग, गोबर एवं कम्पोस्ट खादों के नगण्य मात्रा में प्रयोग के कारण मृदा में जीवांश कार्बन की मात्रा का लगातार ह्रास हो रहा है।

अतः मृदा में जीवांश कार्बन बढ़ाने के लिए वर्मी कम्पोस्ट यूनिट की स्थापना के प्रति कृषकों को प्रोत्साहित/जागरूक करना आवश्यक है। कृषकों में फसल अवशेषों को जलाने की दुष्प्रवृत्ति गत कुछ वर्षो से प्ररिलक्षित हो रही है, जिसका कुप्रभाव न केवल मृदा गठन एवं संरचना पर पड़ रहा है बल्कि मृदा उर्वरता भी शनैः-शनैः क्षीण होती जा रही है। इन्हीं तथ्यों के दृष्टिगत प्रदेश के कृषकों को जागरूक, प्रशिक्षित एवं पे्ररित करने के उद्देश्य से मृदा मे जीवांश कार्बन बढ़ाने हेतु वर्मी कम्पोस्ट योजना, राष्ट्रीय कृषि विकास योजना एवं उत्तर प्रदेश राज्य अनुदान के समन्वय से संचालित करने हेतु तैयार की गयी हैं।

योजना का उद्देश्य

  1. योजना के संचालन से पशुओं द्वारा उत्सर्जित मल-मूत्र, फसल अवशेषों एवं घरेलु व्यर्थ अवशेषों का अधिक एवं अनुकूलतम प्रयोग।
  2. प्रक्षेत्रों में कार्बन नत्रजन ;ब्रूछद्ध अनुपात में वृद्धि करना।
  3. लाभदायक सूक्ष्म जीवाणुओं के पोषण की उपलब्धता सुनिश्चित कराकर उनकी क्रियाशीलता में वृद्धि कर भूमि के जैविक गुणों में सुधार करना।
  4. प्रति इकाई उत्पादन लागत में कमी कर अधिकतम उत्पादन प्राप्त करना।
  5. मृदा स्वास्थ्य को अक्षुण रखते हुये पर्यावरण का संरक्षण करना।
  6. कृषको की आर्थिक स्थिति को सुधार कर उनका आर्थिक सशक्तिकरण करना।

योजना से सम्भावित लाभ

  1. योजना के क्रियान्वयन से वर्ष 2017-18 में प्रदेश के 97814 कृषक लाभान्वित होंगे।
  2. आच्छादित क्षेत्रफल में 2 प्रतिशत अतिरिक्त खाद्यान्न उत्पादन में वृद्धि सम्भावित है।
  3. जीवांश कार्बन की विशेष कमी वाले प्रक्षेत्रों में सी.एन. (ब्रूछ) अनुपात संतुलित होगा।
  4. मृदा स्वास्थ्य में आशातीत सुधार होगा, जिससे उर्वरक उपयोग क्षमता में भी वृद्धि होगी।
  5. इकोफ्रेण्डली गुणवत्तायुक्त खाद्यान्न उत्पादन प्राप्त होगा।

भौतिक व वित्तीय लक्ष्य

  1. योजना के उपरोक्त वर्णित उद्देश्यों की पूर्ति के लिये राष्ट्रीय कृषि विकास योजनान्तर्गत प्रदेश के समस्त 97814 आबाद राजस्व ग्रामों में एक-एक वर्मी कम्पोस्ट इकाई की स्थापना (7x3x1)=21 घन फिट आकार किया जाना है।
  2. वर्मी कम्पोस्ट यूनिट वर्ष 2017-18 के स्थापना लागत मूल्य धनराशि रू0 8,000 प्रति इकाई के निर्माण पर कृषकों को लागत मूल्य का आर0के0वी0वाई योजनान्तर्गत 50 प्रतिशत एवं राज्य सरकार द्वारा विशेष अनुदान 25 प्रतिशत कुल अनुदान 75 प्रतिशत अथवा अधिकतम रू0 6,000 जो भी कम हो की सीमा तक अनुदान देय है।
क्र.सं. कार्य विवरण इकाई भौतिक लक्ष्य प्रति इकाई स्थापना हेतु धनराशि (रू में) प्रति इकाई स्थापना हेतु आर0 के0 वी0 वाई0 योजना अंतर्गत देय धनराशि (रू0 में) प्रति इकाई स्थापना हेतु राज्य सरकार द्वारा देय धनराशि (रू0 में) प्रति इकाई स्थापना हेतु कृशकों को देय धनराशि (रू0 में) कुल वित्तीय आवष्यकता (धनराषि लाख में)
50% 25% 75%
1 2 3 4 5 6 7 8 9
1 वर्मी कम्पोस्ट इकाई स्थापना (7X3  X1) फिट संख्या में 97814 8000.00 4000.00 2000.00 6000.00 5868.84

अभी तक बजट आवंटन प्राप्त नही है।

योजना के भौतिक एवं वित्तीय लक्ष्यो के पूर्ति की फेजिंग (वित्तीय वर्ष 2017-18)

विवरण सितम्बर 2017 अक्टूबर 2017 नवम्बर 2017 दिसम्बर 2017 जनवरी 2018 फरवरी 2018 मार्च 2018
1 2 3 4 5 6 7 8
भौतिक लक्ष्य 9781 29344 48907 68470 88033 97814 -
वित्तीय लक्ष्य (लाख में) 586.88 1760.65 2934.42 4108.19 5281.96 5868.84 -