कृषि विभाग,

उत्तर प्रदेश

पारदर्शी किसान सेवा योजना,

किसान का अधिकार किसान के द्वार

मृदा स्वास्थ्य का सुदृढ़ीकरण

182 तहसील स्तरीय मृदा परीक्षण प्रयोगशालाओं के द्वारा मृदा परीक्षण विस्तार कार्यक्रम की योजना-(वर्ष 2017-18)

प्रदेश के सुदूर ग्रामीण अंचलों के कृषकों के जोतों का मृदा परीक्षण करने के उद्देश्य से तहसील स्तरीय मृदा परीक्षण प्रयोगशाला के क्रियान्वयन का कार्यक्रम संचालित किया गया हैं। उक्त कार्यक्रम के क्रियान्वयन से सुदूर ग्रामीण कृषकों के जोतों के मृदा नमूनों का यथाशीघ्र विश्लेषण कर सन्तुलित उर्वरक की मात्रा की जानकारी मृदा स्वास्थ्य कार्ड के माध्यम से उपलब्ध कराना है जिससे मृदा स्वास्थ्य को अक्षुण रखते हुए मृदा उर्वरता एवं उत्पादकता में वृद्धि हो सकें। उक्त उद्देश्य के पूर्ति हेतु वर्ष 2007-08 में मृदा स्वास्थ्य सुधार कार्यक्रम के अन्तर्गत प्रदेश की 182 तहसीलों में मृदा परीक्षण कार्यक्रम के विस्तार हेतु योजना स्वीकृत हुई हैं। जिसे वर्ष 2010-11 से क्रियान्वित किया जा रहा है। तहसील स्तरीय मृदा परीक्षण प्रयोगशालाओं को वित्तीय वर्ष 2017-18 में भी संचालित किये जाने की आवश्यकता है। इन प्रयोगशालाओं से वित्तीय वर्ष 2017-18 में नेशनल मिशन फॉर सस्टेनेबल एग्रीकल्चर योजनान्तर्गत संचालित मृदा स्वास्थ्य कार्ड कार्यक्रम के अन्तर्गत चयनित क्षेत्रों से तहसील स्तरीय मृदा परीक्षण प्रयोगशालावार ग्रिड आधारित आंवटित/संग्रहित मृदा नमूनों के परीक्षण कार्यक्रम के उत्तरोत्तर विस्तार की योजना कार्यान्वित की जायेगी।

मृदा परीक्षण कार्यक्रम के उद्देश्य
तहसील स्तरीय मृदा परीक्षण प्रयोगशालाओं के द्वारा मृदा परीक्षण विस्तार कार्यक्रम के निम्न मुख्य उद्देश्य

  1. कृषकों को तत्काल मृदा परीक्षण परिणामों पर आधारित रसायनिक उर्वरकों एवं जैविक खादों के संतुलित प्रयोग के मात्रा की संस्तुति उनके द्वारा बोई जाने वाली फसल विशेष की आवश्यकतानुसार मृदा स्वास्थ्य कार्ड के रूप में उपलब्ध कराना।
  2. एन0एम0एस0ए0 योजनान्तर्गत संचालित मृदा स्वास्थ्य कार्ड कार्यक्रम अन्तर्गत, ग्रिड आधारित संग्रहित मृदा नमूनों का L1 प्रयोगशाला के रूप में मुख्य पोषक तत्वों का विश्लेषण तहसील स्तरीय मृदा परीक्षण प्रयोगशालाओं द्वारा सम्पादित किया जाना हैं।
  3. सन्तुलित उर्वरकों के प्रयोग द्वारा मृदा स्वास्थ्य को अक्षुण रखते हुए उर्वरता स्तर एवं उत्पादकता में वृद्धि करना।
  4. समस्याग्रस्त भूमि, जैसे- ऊसर/अम्लीय भूमि में मृदा परीक्षण से समस्या के सघनता की जानकारी करना तथा समस्या के सघनतानुसार इनके सुधार हेतु मृदा सुधारकों जैसे जिप्सम/चूनें की आवश्यक मात्रा का निर्धारण करना।

1.1 संचालित 182 तहसील स्तरीय मृदा परीक्षण प्रयोगशालाओं के लिये कर्मचारियों की व्यवस्था

वर्ष 2010-11 में जारी शासनादेश संख्या 1725/12-2-2010-147/2007, दिनांक 07-05-2010 द्वारा प्राप्त स्वीकृति के अनुसार कार्यक्रम के अन्तर्गत 182 तहसील स्तरीय मृदा परीक्षण प्रयोगशालाओं को वर्ष 2017-18 में भी संचालन हेतु चयनित सर्विस प्रोवाइडर के माध्यम से अनुबन्ध करते हुए निर्धारित योग्यताधारी प्रयोगशाला कार्मिकों की सेवायें निर्धारित दर से चार्जेज के भुगतान के अन्तर्गत प्राप्त की जानी हैं। उक्त क्रम में 182 तहसील स्तरीय प्रयोगशालाओं में सर्विस प्रोवाइडर के माध्यम से प्रयोगशाला कार्मिकों की सेवायें निर्धारित दर से चार्जेज के भुगतान के आधार पर सुसंगत नियमों का परिपालन करते हुए प्रत्येक तहसील स्तरीय प्रयोगशाला के लिए न्यूनतम एक मृदा विश्लेषक, दो तकनीकी सहायक तथा एक प्रयोगशाला परिचर की व्यवस्था प्रस्तावित है। वर्ग-2 तथा वर्ग-3 के विभागीय कर्मचारियों का 182 तहसील स्तरीय परीक्षण प्रयोगशालाओं से सम्बद्धीकरण पर्यवेक्षण कार्य हेतु किया गया है। सेवा प्रदाता/प्रदाताओं द्वारा प्रयोगशालाओं में सेवा हेतु निम्नानुसार उपलब्ध कराये गये कुल 728 कार्मिकों के पारिश्रमिक तथा सेवा प्रदाता/प्रदाताओं को देय सेवा शुल्क तथा सेवाकर के भुगतान हेतु वर्ष 2017-18 में वित्तीय आवश्यकता का विवरण निम्नवत् है

वित्तीय वर्ष 2017-18 में तहसील स्तरीय प्रयोगशालाओं में कर्मचारियों की व्यवस्था हेतु प्रस्तावित व्यय

क्र.सं. पदनाम कर्मचारियों की सं0 प्रति प्रयोगशाला प्रयोगशाला कार्मिकों का प्रतिमाह पारिश्रमिक (रू0 लाख में) प्रति प्रयोगशाला प्रति वर्ष व्यय (रू0 लाख में) प्रदेश के 182 तहसीलों हेतु कर्मचारियों की कुल सं0 प्रस्तावित व्यय (रू0 लाख में) प्रस्तावित व्यय (रू0 लाख में)
1 मृदा विश्लेषक 1 0.12 1.44 182 262.08
2 तकनीकी सहायक 2 0.096 2.304 364 419.328
3 प्रयोगशाला परिचर 1 0.06 0.72 182 131.04
योग 4 0.276 4.464 728 812.448
4 मानक मद 16-व्यावसायिक तथा विशेष सेवाओं के लिए भुगतान से प्रयोगशाला कार्मिकों के पारिश्रामिक का प्रस्तावित भुगतान 812.448
5 मानक मद 16-व्यावसायिक तथा विशेष सेवाओं के लिए भुगतान से सेवा प्रदाता को देय सेवा शुल्क (पारिश्रमिक के प्रस्तावित भुगतान धनराशि रू0 812.448 का 10 प्रतिशत) 81.244
6 क्रम संख्या 4 व 5 का योग 893.69
7 मानक मद 16-व्यावसायिक तथा विशेष सेवाओं के लिए भुगतान से सेवा प्रदाता को देय सेवा कर (क्र0सं0 6 पर प्रस्तावित व्यय की धनराशि रू0 893.69 का 15.00 प्रतिशत) 134.053
8 शासन के पत्र संख्या-991/12-2-2014-147/2007/दिनांक 28.03.2014 के क्रम में ई.पी.एफ. एवं ई.एस.आई. का नियमानुसार भुगतान प्रभावी दरों के आधार पर सेवा प्रदाता को अलग से किया जयेगा। वर्तमान में ई.पी.एफ. (13.36 प्रतिशत नियोक्ता अंश) एवं ई.एस.आई. (4.75 प्रतिशत नियोक्ता अंश) है इस प्रकार कर्मचारियों के पारिश्रमिक/मानदेय पर कुल सम्भावित धनराशि ई.पी.एफ. पर रू0 15000.00 तक 13.36 प्रतिषत (रू0 108.54 लाख) तथा ई.एस.आई पर रू0 15000.00 तक 4.75 प्रतिषत (रू0 38.59 लाख) है। कुल सम्भावित व्यय रू0 147.13 लाख 147.13
योग (रू0 812.448 + रू0 81.244 + रू0 134.053 + रू0 147.13) 1174.875