कृषि विभाग,

उत्तर प्रदेश

पारदर्शी किसान सेवा योजना,

किसान का अधिकार किसान के द्वार

बीज

14.    बीज निरीक्षक की शक्तियां :-

  • बीज निरीक्षक
    • निम्नलिखित से किसी अधिसूचित किस्म या उपकिस्म के बीज के नमूने ले सकेगा :–
      • ऐसे बीज को बेचने वाला कोई व्यक्ति।
      • कोई व्यक्ति जो किसी क्रेता या परेषिती को ऐसा बीज प्रवहित करने परिदत्त करने या परिदत्त करने की तैयारी करने की अनुक्रम में है।
      • कोई क्रेता या परेषिती जिसे ऐसे बीज का परिदान हो चुका है।
    • ऐसा नमूना उस क्षेत्र के बीज विश्लेषक को, जिसमें वह नमूना लिया विश्लेषणार्थ भेज सकेगा।
    • किसी ऐसे स्थान में, जिसके बारे में उसके पास यह विश्वास करने का कारण उसमें इस अधिनियम के अधीन कोई अपराध किया गया है या किया जा रहा सहायता के साथ,यदि कोई हो, जैसी वह आवश्यक समझे, सब युक्तियुक्त पर प्रवेश कर सकेगा और उसके तलाशी ले सकेगा, तथा किसी ऐसे बीज के, बारे में अपराध किया गया है या किया जा रहा है, कब्जे में रखने वाले लिखित आदेश दे सकेगा कि वह तीस दिन से अनधिक की विनिर्दिष्ट के पर्यन्त ऐसे अधिसूचित बीज के किसी स्टाक का व्ययन न करे, अथवा तब के जब कि अभिकथित अपराध ऐसा हो कि त्रुटि बीज के कब्जाधारी द्वारा दूर सकती है ऐसे बीज के स्टाक का अभिग्रहण कर सकेगा
    • खंड (ग) में वर्णित किसी स्थान में पाए गए किसी अभिलेख ,रजिस्टर, दस्ता अन्य भौतिक पदार्थ की परीक्षा कर सकेगा और यदि उसके पास वह विश्वास का कारण हो कि वह इस अधिनियम के अधीन दंडनीय किसी अपराध के कि का साक्ष्य हो सकेगा तो उसका अभिग्रहण कर सकेगा
    • अन्य ऐसी शक्तियों का, जो इस अधिनियम या तदधीन बनाए गए किसी प्रयोजनों के कार्यान्वयन के लिए आवश्यक हों प्रयोग कर सकेगा।
    • जहां किसी अधिसूचित किस्म या उपकिस्म के बीज का नमूना उपधारा (1) के (क) के अधीन लिया जाय, वह उसकी उस दर से संगणित कीमत, जिस पर बीज प्रायः जनता को बेचा जाता है, मांगे जाने पर उसे व्यक्ति को दी जायेगी, वह नमूना लिया गया हो।
    • इस धारा द्वारा प्रदत्त शक्ति के अन्तर्गत ऐसे कोई आधान, जिसमें किसी किस्म या उपकिस्म का बीज हो, तोड़कर खोलने की शक्ति या ऐसी किसी परिसर द्वार को, जिसमें ऐसा बीज विक्रयार्थ रखा हो तोड़कर खोलने की शक्ति आती हो।
    • परन्तु द्वार तोड़कर खोलने की शक्ति का प्रयोग तभी किया जायेगा स्वामी या उस परिसर का अधिभोगी अन्य व्यक्ति, यदि वह उसमें उपस्थित हो तो करने की अपेक्षा किये जाने पर भी द्वार खोलने से इन्कार करे।

    • जहां कि बीज निरीक्षक उपधारा (1) के खण्ड (क) के अधीन कार्यवाही कर वह सम्भव दो से अन्यून व्यक्तियों को उस समय पर उपस्थित होने के लिए बुलाएगा। ऐसी कार्यवाई की जाय और वह उनके हस्ताक्षर एक ज्ञापन कर कराएगा जो कि विहित प्रारूप में और विहित रीति से तैयार किया जाएगा।
    • दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1898 (1898 का 5) के उपबन्ध इस धारा के अधीन की किसी तलाशी या अधिग्रहण को उसी प्रकार लागू होंगे जैसे वे उक्त संहिता की धारा 98 के अधीन निकाले गए वारन्ट के प्राधिकारी से ली गई तलाशी या किए गये अभिग्रहण को लागू होते हैं।

15.    बीज निरीक्षकों द्वारा अनुसरण की जाने वाली प्रक्रिया :-

  • जब कभी किसी बीज निरीक्षक का आशय किसी अधिसूचित किस्म या उपकिस्म के बीज का विश्लेषणार्थ नमूना लेने का हो तब वह-
    • उस व्यक्ति को जिससे नमूना लेने का उसका आशय हो अपने उस आशय की लिखित सूचना तुरन्त वहीं देगा
    • उन विशेष मामलों के सिवाय जिनका इस अधिनियम के अधीन बनाए गए नियमों के द्वारा उपबन्ध किया जाय, तीन प्रतिनिधि नमूने विहित रीति से लेगा और हर एक नमूने की ऐसी रीति से, जो उसकी प्रकृति के अनुसार अपनाई जा सके, चिन्हित करेगा और मुद्राबन्द करेगा या बांधेगा।
  • जब कि किसी अधिसूचित किस्म या उपकिस्म के बीज के नमूने उपधारा (1) के अधीन लिए जायं, तो बीज निरीक्षक-
    • एक नमूना उस व्यक्ति को परिदत्त करेगा जिससे वह लिया गया है
    • दूसरा नमूना उस क्षेत्र के बीज विश्लेषक को जिसमें वह नमूना लिया गया हो विश्लेषणार्थ विहित रीति भेजेगा, तथा
    • शेष नमूने को विहित रीति से प्रतिधारित करेगा जिससे यथास्थिति, विधिक कार्यवाही की जाने की दशा में वह पेश किया जाए या केन्द्रीय बीज प्रयोगशाला द्वारा धारा 16 की उपधारा (2) के अधीन उसका विश्लेषण किया जाय
  • यदि वह व्यक्ति जिससे नमूने लिए गये हों उन नमूनों में से एक प्रतिग्रहण करने से इंकार करे तो बीज निरीक्षक ऐसे इन्कार की प्रज्ञापना बीज विश्लेषक को भेज देगा और तब वह बीज विश्लेषक जिसे विश्लेषणार्थ नमूना प्राप्त हुआ हो उसे दो भागों में विभाजित करेगा और उनमें से एक भाग को मुद्राबन्द करेगा या बांधेगा और, या तो नमूने की प्राप्ति पर या जब वह अपनी रिपोर्ट का परिदान करे तब उसे बीज निरीक्षक को परिदत्त कराएगा जो विधिक कार्यवाही किए जाने की दशा में पेश करने के लिए उसे प्रतिधारित करेगा।
  • जहां कि बीज निरीक्षक धारा 14 की उपधारा (1) के खण्ड (ग) के अधी कार्यवाही करें वहां:-
    • वह इस बात का अभिनिश्चय करने के लिए पूरी शीघ्रता करेगा कि वह धारा 7 के उपबन्धों में से किसी का उल्लंघन करता है या नहीं और अभिनिश्चय हो जाय कि वह बीज ऐसा उल्लंघन नहीं करता है यथास्थिति, उक्त खण्ड के अधीन पारित आदेश तुरन्त प्रतिसंहत करेगा या ऐसी कार्यवाही करेगा जो अभिग्रहीत बीज के स्टाक को वापस व लिए आवश्यक हो।
    • यदि वह बीज के स्टाक का अधिग्रहण करे तो वह मजिस्ट्रेट को यथा शयक्शीघ्र इत्तिला देगा और उस स्टॉक की अभिरक्षा के बारे में उसके आदेश लेगा
    • किसी अभियोजन के संस्थित किए जाने पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना अभिकथित अपराध ऐसा हो कि त्रुटि बीज का कब्जा रखने वाले द्वारा जा सके तो वह, अपना इस बात का समाधान हो जाने पर कि त्रुटि इस दूर दी गई है, उक्त खण्ड के अधीन पारित आदेश तुरन्त प्रतिसह लेगा।
  • जहां कि बीज निरीक्षक धारा 14 की उपधारा (1) के खण्ड (घ) के अधीन अभिलेख, रजिस्टर, दस्तावेज या अन्य भौतिक पदार्थ अभिग्रहित करे जहां मजिस्ट्रेट को यथाशक्य शीघ्र इत्तिला देगा और उसकी अभिरक्षा के बारे में आदेश लेगा।