कृषि विभाग,

उत्तर प्रदेश

पारदर्शी किसान सेवा योजना,

किसान का अधिकार किसान के द्वार

बीज

9.    प्रमाणन अभिकरण द्वारा प्रमाण पत्र का अनुदान :-

  • यदि कोई व्यक्ति, जो किसी अधिसूचित किस्म या उपकिस्म का बीज बेचे, प्रस्थापना करे, उसका वस्तु विनिमय करे या अन्यथा संदाय करे, तो उस प्रमाणन अभिकरण द्वारा प्रमाणित करनें की वांछा करे तो वह उस प्रमाणपत्र के लिए प्रमाणन अभिकरण से आवेदन कर सकेगा।
  • उपधारा (1) के अधीन हर आवेदन ऐसे प्रारूप में किया जायेगा, उसमें ऐसी अन्तर्दिष्ट होंगी और उसके साथ में ऐसी फीस होगी जो विहित की जाये।
  • प्रमाणपत्र के अनुदान के लिए ऐसे किसी आवेदन के प्राप्त होने पर अभिकरण, ऐसी जांच के पश्चात् जो वह ठीक समझें और अपना इस बात का करने के पश्चात् कि वह बीज जिसके सम्बन्ध में आवेदन है, उस बीज के 6 के खण्ड (क) के अधीन विनिर्दिष्ट अंकुरण और शुद्धता की न्यूनतम अनुरूप है, एक प्रमाणपत्र ऐसे प्रारूप में और ऐसी शर्तों के अनुदत्त कर विहित की जाएं।

10.    प्रमाणपत्र का प्रतिसंहरण :-

यदि प्रमाणन अभिकरण का, उससे इस निमित्त निर्देश किए जाने पर या अन्यथा, इस समाधान हो जाय कि :-

  • धारा 9 के अधीन उसके द्वारा दिया गया प्रमाणपत्र किसी आवश्यक तथ्य दर्व्यपदेशन द्वारा अभिप्राय किया गया है; अथवा
  • प्रमाणपत्र का धारक उन शर्तों के अनुपालन में, जिनके अध्यधीन कि प्रमाणपत्र किया गया है, युक्तियुक्त हेतुक के बिना असफल रहा है या उसने इस या तद्धीन बनाएं गये नियमों के उपबन्धों में से किसी का उल्लघंन किया तो किसी ऐसी अन्य शास्ति पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना जिसका कि प्रमाणपत्र धारक इस अधिनियम के अधीन दायी हो, प्रमाणन अभिकरण प्रमाणपत्र के धारक को हेतुक का अवसर देने के पश्चात् प्रमाणपत्र को प्रतिसंरहत कर सकेगा।

11.    अपील :-

  • कोई व्यक्ति, जो प्रमाणन अभिकरण की धारा 9 या धारा 10 के अधीन के विनिश्चय से व्यथित हो, उस तारीख से 30 दिन के भीतर जब उसे वह विनिश्चत संसूचित किया जाए, और उसी फीस के संदाय पर जो विहित की जाय, ऐसे प्राधिकारी को अपील कर सकेगा जो राज्य सरकार द्वारा इस निर्मित विनिर्दिष्ट किया जाए।
    परन्तु यदि अपील प्राधिकारी का समाधान हो जाए कि समय के भीतर अपील फाइल करने में अपीलार्थी पर्याप्त हेतुक से निवारित हुआ तो वह तीस दिन की उक्त कालावधिक के अवसान के पश्चात भी अपील ग्रहण कर सकेगा।
  • उपधारा(1) के अधीन अपील प्राप्त होने पर अपील प्राधिकारी अपीलार्थी को सुनवाई का अवसर देने के पश्चात् यथासम्भव शीघ्रता के साथ निपटाएगा।
  • अपील प्राधिकारी को इस धारा के अधीन हर आदेश अन्तिम होगा।

12.    बीज विश्लेषक :-

शासकीय राजपत्र में अधिसूचना द्वारा, राज्य सरकार विहित अर्हतायें रखने वाले ऐसे व्यक्तियों को, जिन्हें वह ठीक समझे, बीज विश्लेषक नियुक्त कर सकेगी, और वे क्षेत्र परिभाषित कर सकेगी जिनमें वे अधिकारिता का प्रयोग करेंगे।

13.    बीज निरीक्षक :-

  • शासकीय राजपत्र में अधिसूचना द्वारा राज्य सरकार विहित अर्हतायें रखने वाले ऐसे व्यक्तियों को, जिन्हें वह ठीक समझे, बीज निरीक्षक के रूप में नियुक्त कर सकेगी, और वे क्षेत्र परिभाषित कर सकेगी जिनमें वे अधिकारित का प्रयोग करेंगे।
  • हर बीज निरीक्षक भारतीय दंड संहिता 1860 का 45 की धारा 21 के अर्थ के अन्दर लोक सेवक समझा जाएगा और शासकीय रूप में ऐसे प्राधिकारी के अधीनस्थ होगा जिसे राज्य सरकार इस निमित विनिर्दिष्ट करे।