कृषि विभाग,

उत्तर प्रदेश

पारदर्शी किसान सेवा योजना,

किसान का अधिकार किसान के द्वार

बीज

5. बीज की किस्मों या उपकिस्मों को अधिसूचित करने की शक्ति :-

यदि समिति से, परामर्श के पश्चात् केन्द्रीय सरकार की यह राय हो कि कृषि के प्रयोजनार्थ बेचे जाने वाले बीज की किसी किस्म या उपकिस्म की क्वालिटी का विनियमन करना आवश्यक या समीचीन है, तो वह ऐसी किस्म या उपकिस्म को इस अधिनियम के प्रयोजनार्थ अधिसूचित किस्म या उपकिस्म, शासकीय राजपत्र में अधिसूचना द्वारा, घोषित कर सकेगी और विभिन्न राज्यों के लिए या उसके विभिन्न भागों के लिए विभिन्न किस्में या उपकिस्में घोषित की जा सकेगी

6.    अंकुरण और शुद्धता आदि की न्यूनतम सीमायें विनिर्दिष्ट करने की शक्ति:-

केन्दीय सरकार, समिति से परामर्श के पश्चात् और शासकीय राजपत्र में अधिसूचना द्वारा निम्नलिखित विनिर्दिष्ट कर सकेगी:-

  • किसी अधिसूचित किस्म या उपकिस्म के बीज के बारे में अंकुरण और शुद्धता की न्यूनतम सीमायें
  • वह चिन्ह या लेबल जिससे यह प्रतीत हो कि वह अंकुरण और शुद्धता की खण्ड (क) के अधीन विनिर्दिष्ट न्यूनतम सीमाओं के अनुरूप हैं और वे विशिष्टयां जो ऐसे चिन्ह या लेबल में अन्तर्विष्ट हो।

7.    अनुसूचित किस्मों या उपकिस्मों के बीजों के विक्रय का विनियमन:-

कोई व्यक्ति स्वयं या अपनी ओर से किसी अन्य व्यक्ति के माध्यम से किसी अधिसूचित किस्म या उपकिस्म के बीज को बेचने, विक्रय के लिए रखने, बेचने की प्रस्थापना करने, उसका वस्तु विनिमय करने या अन्यथा संदाय करने का कारोबार तब से सिवाय नहीं चलाएगा जब कि:-

  • उस बीज की किस्म या उपकिस्म के बारे में पहचान हो सके
  • वह बीज धारा 6 के खण्ड (क) के अधीन विनिर्दिष्ट अंकुरण और शुद्धता की न्यूनतम सीमाओं के अनुरूप हो
  • धारा 6 के खण्ड (ख) के अधीन विनिर्दिष्ट उसकी ठीक विशिष्टियों से युक्त चिन्ह या लेबल विहित रूप से उस बीज के आधान पर लगा हो; तथा
  • वह अन्य ऐसी अपेक्षाओं का अनुपालन करे जो विहित की जाये।

8 .    प्रमाणन अभिकरण :-

राज्य सरकार या उसके परामर्श से केन्द्रीय सरकार, इस अधिनियम द्वारा या उस प्रमाणन अभिकरण को, न्यस्त कृत्यों के पालन के लिए एक प्रमाणन अभिकरण राजपत्र में अधिसूचना द्वारा स्थापित कर सकेगी।