कृषि विभाग,

उत्तर प्रदेश

पारदर्शी किसान सेवा योजना,

किसान का अधिकार किसान के द्वार

अधिनियन-2005

अध्याय 2

सूचना का अधिकार और लोक प्राधिकारियों की बाध्यताएं

3. इस अधिनियम के उपबन्धों के अधीन रहते हुए सभी नागरिकों को सूचना का अधिकार होगा।

4. प्रत्येक लोक प्राधिकारी।

  1. अपने सभी अभिलेखों को सम्यक रूप से सूचीपत्रित और अनुक्रमणिकाबद्ध ऐसी रीति और रूप में रखेगा जो इस अधिनियम के अधीन सूचना के अधिकार को सुकर बनाता है और सुनिश्चित करेगा कि ऐसे सभी अभिलेख जो कम्प्यूटरीकृत किए जाने के लिये समुचित है ,युक्तियुक्त समय के भीतर है ,और संसाधनों की उपलब्धता के अधीन रहते हुए है कम्प्यूटरीकृत और विभिन्न प्रणालियों पर संपूर्ण देश मे नेटवर्क के माध्यम से संबंध है जिससे कि ऐसे अभिलेख तक पहुंच को
  2. इस अधिनियम के अधिनियमन से एक सौ बीस दिन के भीतर -
    1. अपने संगठन की विशिष्टियां, कृत्य और कर्तव्य ।
    2. अपने अधिकारियों और कर्मचारियों की शक्तियां और कर्तव्य ।
    3. विनिश्चिय करने की प्रक्रिया में पालन की जाने वाली प्रकिया जिसमें पर्यवेक्षण और उत्तदायित्व के माध्यम सम्मिलित है।
    4. अपने कृत्यों के निर्वहन के लिए स्वयं द्वारा स्थापित मापमान ।
    5. अपने द्वारा या अपने नियंत्राधीन धारित या अपने कर्मचारियों द्वारा अपने कृत्यों के निर्वहन के लिए प्रयोग किए गए नियम विनियम , अनुदेश , निर्देशिका और अभिलेख ।
    6. ऐसे दस्तावेजों के, जो उसके द्वारा धारित या उसके नियंत्राधीन है, प्रवर्गों का विवरण ।
    7. किसी व्यवस्था की विशिष्टयां जो उसकी नीति की संरचना या उसके कार्यान्वयन के संबंध में जनता के सदस्यों से परामर्श के लिए या उनके द्वारा अभ्यावेदन के लिए विद्यमान है ।
    8. ऐसे बोर्डों परिषदों, समितियों और अन्य निकायों के जिनमें दो या अधिक व्यक्ति हैं जिनको उसके भागरूप में या इस बारे में सलाह देने के प्रयोजन के लिए गठन किया गया है और इस बारे में कि क्या उन बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों की बैठकों की पहुंच होगा विवरण।
    9. अपने अधिकारियों और कर्मचारियों की निर्देशिका ।
    10. अपने प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी द्वारा प्राप्त मासिक पारिश्रमिक जिसमें उसके विनियमों में यथा उपबंधित प्रतिकर की प्रणाली सम्मिलित हो ।
    11. सभी योजनाओं, प्रस्तावित व्ययों, और किए गए संवितरणों पर रिपोर्ट की विशिष्टियां उपदर्शित करते हुए अपने प्रत्येक अभिकरण को आवंटित बजट ।
    12. सहायिकी कार्यक्रमों के निष्पादन की रीति जिसमें आवंटित राशि और ऐसे कार्यक्रमों के फायदा ग्रहियों के ब्योरे सम्मिलित है
    13. अपने द्वारा अनुदत्त रियायतों, अनुज्ञापन या प्राधिकारों के प्राप्तिकर्ताओं की विशिष्टियां ।
    14. किसी इलैक्ट्रानिक रूप में सूचना के संबंध में ब्योरे जो उसको उपलब्ध हो या उसके द्वारा धारित हो ।
    15. सूचना अभिप्रेत करने के लिए नागरिकों को उपलब्ध सुविधाओं की विशिष्टियां जिनके अंतर्गत किसी पुस्तकालय या वाचन कक्ष के यदि लोक उपयोग के लिए अनुरक्षित है तो कार्यकरण घंटे सम्मिलित है।
    16. लोक सूचना अधिकारियों के नाम, पदनाम और अन्य विशिष्टियां।
    17. ऐसी अन्य सूचना, जो विहित जाए,प्रकाशित करेगा और तत्पश्चात इन प्रकाशनों को प्रत्येक वर्ष में अद्यतन करेगा ।
  3. महत्वपूर्ण नीतियों की विरचना करते समय या ऐसे विनिश्चियो की घोषणा करते समय जो जनता को प्रभावित करते हो। सभी सुसंगत तथ्यों को प्रकाशित करेगा ।
    1. प्रभावित व्यक्तियों को अपने प्रशासनिक या न्यायिक कल्प विनिश्चित के लिए कारण उपलब्ध कराएगा ।
    2. प्रत्येक लोक अधिकारी का निरंतर यह प्रयास होगा कि वह स्वप्रेरणा से संसूचना के विभिन्न साधनों के माध्यम से, जिसके अन्तर्गत इंटरनेट भी है, नियमित अंतरालों पर जनता को उतनी सूचना उपलब्ध कराने के लिए उपधारा (1) के खंड (ख) की अपेक्षाओं के अनुसार उपाय करें, जिससे कि जनता को सूचना प्राप्त करने के लिए इस अधिनियम का कम से कम अवलम्ब लेना पड़े।
    3. उपधारा (1) के प्रयोजन के लिए, प्रत्येक सूचना को विस्तृत रूप से और ऐसे प्रारूप और रीति में प्रसारित किया जाऐगा, जो जनता के लिए सहज रूप से पहुंचने योग्य हो।
    4. सभी सामग्री को, उस क्षेत्र में लागत प्रभावशीलता स्थानीय भाषा और उस क्षेत्र में संसूचना की अत्यंत प्रभावी प्राद्धति को ध्यान मे रखते हुए, प्रसारित किया जाएगा तथा सूचना यथास्थिति का अधिकार केन्द्रीय लोक सूचना अधिकारी या राज्य सूचना अधिकारी के पास इलैक्ट्रानिक प्रारूप में संभव सीमा तक निःशुल्क या माध्यम की ऐसी लागत पर या ऐसी मुद्रण लागत कीमत पर, जो विहित की जाए, सहज रूप से पहुंचने योग्य होनी चाहिये।
स्पष्टीकरण

उपधारा (3) या उपधारा (4) के प्रयोजनों के लिए ʺप्रसारित’‘ से सूचना, समाचारपत्रों, लोक उद्घोषणाओं, मीडिया प्रसारणों, इंटरनेट या किसी अन्य माध्यम से, जिसमें किसी लोक प्राधिकारी के कार्यालयों का निरीक्षण सम्मिलित है, जनता को सूचना की जानकारी देना या संसूचित कराना अभिप्रेत है।


5. लोक सूचना अधिकारियों का पदनाम

  1. प्रत्येक लोक प्राधिकारी इस अधिनियमन के सौ दिन के भीतर उतने अधिकारियों को जिसने इस अधिनियम के अधीन सूचना के लिए अनुरोध करने वाले व्यक्तियों को सूचना प्रदान करने के लिए आवश्यक हो। कि एकॉक या उसके अधीन यथास्थिति केन्द्रीय लोक सूचना अधिकारियों या राज्य सूचना अधिकारियों के रूप मे अभिविहित करेगा।
  2. उपधारा (1) उपबंधों पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना प्रत्येक लोक प्राधिकारी इस अधिनियम के सौ दिन के भीतर किसी अधिकारी को प्रत्येक उपमंडल स्तर या अन्य उप जिला स्तर पर, यथास्थिति, केन्द्रीय सहायक लोक सूचना अधिकारी या किसी राज्य सहायक लोकसूचना अधिकारी के रूप में इस अधिनियम के अधीन सूचना के लिए आवेदन या अपील प्राप्त करने और उसे तत्काल यथास्थिति केन्द्रीय लोक सूचना अधिकारी या राज्य लोक सूचना अधिकारी या धारा 19 की उपधारा (1) के अधीन विनिर्दिष्ट वरिष्ठ अधिकारी या केन्द्रीय सूचना आयोग अथवा राज्य सूचना आयोग को भेजने के लिए पदाभिहित करेगा। परन्तु यह कि जहॉ सूचना या अपील के लिए कोई आवेदन यथास्थिति किसी केन्द्रीय सहायक सूचना लोक अधिकारी या किसी राज्य सहायक लोक सूचना अधिकारी को दिया जाता है। वहां धारा 7 की उपधारा (1) के अधीन विनिर्दिष्ट उत्तर के लिए अवधि की संगणना करने मे पॉच दिन की अवधि जोड़ दी जायेगी।
  3. प्रत्येक , यथास्थिति , केन्द्रीय लोक सूचना अधिकारी या राज्य लोक सूचना अधिकारी सूचना की मांग करने वाले व्यक्तियों के अनुरोधों पर कार्यवाही करेगा। और ऐसी सूचना की मांग करने वाले व्यक्तियों को युक्तियुक्त सहायता प्रदान करेगा।
  4. यथास्थिति, केन्द्रीय लोक सूचना अधिकारी, ऐसे किसी अन्य अधिकारी की सहायता की मांग कर सकेगा, जिसे वह अपने कृत्यों के समुचित निर्वहन के लिए आवश्यक समझे।
  5. कोई अधिकारी या राज्य लोक सूचना अधिकारी जिसकी उपधारा (4) के अधीन सहायता चाही गई है ,उसकी सहायता चाहने वाले यथास्थिति केन्द्रीय लोक सूचना अधिकारी या राज्य लोक सूचना अधिकारी को सभी सहायता प्रदान करेगा और इस अधिनियम के उपबंधों के किसी प्रयोजनों के लिए ऐसे अन्य अधिकारी को लोक सूचना अधिकारी या राज्य लोक सूचना अधिकारी समझा जाऐगा।

6. कोई व्यक्ति जो इस अधिनियम के अधीन कोई सूचना अभिप्राप्त करना चाहता है लिखित में या इलेक्ट्रॉनिक युक्ति के माध्यम से अंग्रेजी या हिन्दी में या उस क्षेत्र की जिसमें आवेदन किया जा रहा है राजभाषा मे ऐसी फीस के साथ जो विहित की जाए।

    1. संबंधित लोक प्राधिकरण के यथास्थिति , केन्द्रीय लोक सूचना अधिकारी या राज्य लोक सूचना अधिकारी ।
    2. यथा स्थिति केन्द्रीय सहायक लोक सूचना अधिकारी या राज्य सहायक लोक सूचना अधिकारी, को उसके द्वारा मांगी गई सूचना की विशिष्टियां विनिर्दिष्ट करता हुए अनुरोध करेगा। परन्तु जहां ऐसा अनुरोध लिखित में नही किया जा सकता है, वहां यथास्थिति केन्द्रीय लोक सूचना अधिकारी या राज्य लोक सूचना अधिकारी अनुरोध करने वाले व्यक्ति को सभी युक्तियुक्त सहायता मौखिक रूप से देगा, जिससे कि उसे लेखबद्ध किया जा सके।
  1. सूचना के लिए अनुरोध करने वाले आवेदक से सूचना करने वाले अनुरोध के लिए किसी कारण को या किसी अन्य व्यक्तिगत ब्यौरे को सिवाय उसके जो उससे संपर्क करने के लिए आवश्यक हो देने की अपेक्षा नही की जायेगी।
  2. जहॉ किसी ऐसी सूचना के लिए अनुरोध करते हुए कोई आवेदन किसी लोक प्राधिकारी को किया जाता है।
    1. जो किसी अन्य लोक प्राधिकारी द्वारा धारित है, या
    2. जिसकी विषय वस्तु किसी अन्य लोक प्राधिकारी के कृत्यों से अधिक निकट रूप से सम्बंन्धित है।
वहॉ वह लोक प्राधिकारी, जिसको ऐसा आवेदन किया जाता है, ऐसे आवेदन या उसके ऐसे भाग को जो समुचित हो, उस अन्य लोक प्राधिकारी को अंतरित करेगा और ऐसे अंतराल के संबंध में आवेदक को तुरन्त सूचना देगा। परन्तु यह कि इस उपधारा के अनुसरण में किसी आवेदन का अंतरण यथासाध्य शीघ्रता से किया जायेगा किंतु किसी भी दशा में आवेदन की प्राप्ति की तारीख से पांच दिनों के पश्चात नहीं किया जायेगा।