कृषि विभाग,

उत्तर प्रदेश

पारदर्शी किसान सेवा योजना,

किसान का अधिकार किसान के द्वार

अधिनियन-2005

सूचना का अधिकार विधेयक 2005

प्रत्येक लोक प्राधिकारी के कार्यक्रम में पारदर्शिता और उत्तरदायित्व के संवर्धन के लिए लोक प्राधिकारियों के नियंत्रणाधीन सूचना तक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए नागरिकों के सूचना के अधिकार की व्यावहारिक शासन पद्धति स्थापित करने, एक केन्द्रीय सूचना आयोग तथा राज्य सूचना आयोग का गठन करने और उनसे संबंधित या उनसे आनुषांगिक विषयों का उपबंध करने के लिए भारत के संविधान ने लोकतंत्रात्मक गणराज्य की स्थापना की है; और लोकतंत्र शिक्षित नागरिक वर्ग तथा ऐसी सूचना की पारदर्शिता की अपेक्षा करता है; जो उसके कार्यकरण तथा भ्रष्टाचार को रोकने के लिए भी और सरकारों तथा उनके परिकरणों के शासन के प्रति उत्तरदायी बनाने के लिए अनिवार्य है। और वास्तविक व्यवहार में सूचना के प्रकटन से संभवत: अन्य लोक हितों जिनके अंतर्गत सरकारों के दक्ष प्रचालन सीमित राज्य वित्तीय संसाधनों के अधिकतम उपयोग और संवेदनशील सूचना की गोपनीयता को बनाएं रखना भी है, के साथ विरोध हो सकता है; और लोकतंत्रातिक आदर्श की प्रभुता को बनाए रखते हुए इन विरोधी हितों के बीच सामंजस्य बनाना आवश्यक है। अतः अब यह समीचीन है कि ऐसे नागरिकों को कतिपय सूचना देने के लिए जो उसे पाने के इच्छुक है उपबंध किया जाय। भारत गणराज्य के छप्पनवे वर्ष में संसद द्वारा निम्नलिखित रूप में यह अधिनियमित हों -


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अध्याय 1

1. संक्षिप्त नाम विस्तार और प्रारभ
  1. इस अधिनियम का संक्षिप्त नाम सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 है।
  2. इसका विस्तार जम्मू कश्मीर राज्य के सिवाय सम्पूर्ण भारत पर है।
  3. धारा 4 की उपधारा (1), धारा 5 की उपधारा (1) और उपधारा (2) धारा 12, धारा 13, धारा 15, धारा 16, धारा 24, धारा 27, और धारा 28, के उपबंध तुरंत प्रभावी होंगे और इस अधिनियम के शेष उपबंध इसके अधिनियमत के एक सौ बीसवें दिन को प्रवृत्त होगें।

परिभाषाएं

2. इस अधिनियम में जब तक कि संदर्भ से अन्यथा अपेक्षित न हो।

  1. "समुचित सरकार" से किसी ऐसे लोक प्राधिकरण के संबधों में जो-
    1. केन्द्रीय सरकार या संघ राज्य क्षेत्र द्वारा स्थापित गठित उसके स्वामित्वाधीन नियंत्रणाधीन या उसके द्वारा प्रत्यक्ष रूप से या अप्रत्यक्ष रूप से उपलब्ध कराई गई निधियों द्वारा पूर्णतया वित्त पोषित किया जाता है, केन्द्रीय सरकार अभिप्रेत है।
    2. राज्य सरकार द्वारा स्थापित, गठित उसके स्वामित्वाधीन नियंत्रणाधीन या उसके द्वारा प्रत्यक्ष रूप से या अप्रत्यक्ष रूप से उपलब्ध कराई गई निधियों द्वारा पूर्णतया वित्त पोषित किया जाता है, राज्य सरकार अभिप्रेत है।
  2. ʺकेन्द्रीय सूचना आयोग‘‘ से धारा 12 की उपधारा (1) के अधीन गठित केन्द्रीय सूचना आयोग अभिप्रेत है।
  3. ʺकेन्द्रीय लोक सूचना अधिकारी’‘ से उपधारा (1) के अधीन पदभिहित केन्द्रीय लोक सूचना अधिकारी अभिप्रेत है और इसके अतर्गत धारा 5 की उपधारा (2) के अधीन इस प्रकार पदाभिहित कोई केन्द्रीय सहायक लोक सूचना अधिकारी भी है।
  4. ʺमुख्य सूचना आयुक्त’‘ और ʺसूचना आयुक्त’‘ से धारा 12 की उपधारा (3) के अधीन नियुक्त मुख्य सूचना आयुक्त और सूचना आयुक्त अभिप्रेत है।
  5. ʺसक्षम प्राधिकारी’‘ से अभिप्रेत है।
    1. लोक सभा किसी राज्य की विधानसभा या ऐसी सभा वाले किसी राज्यक्षेत्र की दशा में अध्यक्ष और राज्य सभा या राज्यों की विधान परिषद की दशा में सभापति।
    2. उच्चतम न्यायालय की दशा में भारत का मुख्य न्यायमूर्ति ।
    3. किसी उच्च न्यायालय की दशा में उच्च न्यायालय का मुख्य न्यायमूर्ति ।
    4. संविधान द्वारा या उसके अधीन स्थापित या गठित अन्य प्राधिकरणों की दशा में यथास्थिति राष्ट्रपति या राज्यपाल।
    5. संविधान के अनुच्छेद 239 के अधीन नियुक्त प्रशासक ।
  6. ʺसूचना’‘ से किसी रूप से कोई ऐसी सामग्री जिसके अन्तर्गत किसी इलैक्ट्रानिक रूप से धारित अभिलेख दस्तावेज ,ज्ञापन ,ई-मेल, मत , सलाह , प्रेस , विज्ञप्ति , परिपत्र , आदेश , लागबुक , संविदा रिपोर्ट , कागजपत्र , नमूने , माडल ,आंकडो संबंधी सामग्री और किसी प्राइवेट निकाय से ऐसी सूचना सम्मिलित है जिस तक तत्तसमय प्रवृत्त किसी अन्य विधि के अधीन किसी लोक प्राधिकारी की पहुंच हो सकती है। अभिप्रेत है।
  7. "विहित" से "यथास्थिति समुचित" सरकार या सक्षम प्राधिकारी द्वारा अधिनियम के अधीन बनाए गए नियमों द्वारा विहित अभ्रिपेत है।
  8. ʺलोक प्राधिकारी’‘ से।
    1. संविधान द्वारा या उसके अधीन ।
    2. संसद द्वारा बनाई गई किसी अन्य विधि द्वारा ।
    3. राज्य विधान मंडल द्वारा बनाई गई किसी अन्य विधि द्वारा ।
    4. "समुचित सरकार" द्वारा जारी की गई अधिसूचना या किए गए आदेश द्वारा स्थापित या गठित कोई प्राधिकारी या निकाय या स्वायत सरकारी संस्था अभिप्रेत है। और इसके अन्तर्गत-
      1. कोई ऐसा निकाय है जो केन्द्रीय सरकार के स्वामित्वाधीन नियंत्रणाधीन या उसके द्वारा प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से उपलब्ध कराई गई निधियों द्वारा वित्तपोषित है।
      2. कोई ऐसा गैर सरकारी संगठन है जो "समुचित सरकार" द्वारा प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से उपलब्ध कराई गई निधियों द्वारा वितपोषित है।
  9. अभिलेख मे निम्नलिखित सम्मिलित है।
    1. कोई दस्तावेज पाण्डुलिपि और फाइल ।
    2. किसी दस्तावेज की कोई माइक्रोफिल्म ,माइक्रोफिच ,या प्रतिकृति प्रति।
    3. ऐसी माइक्रोफिल्म मे सन्नविष्ट प्रतिबिम्ब या प्रतिबिम्बों का पुनरूत्पादन (चाहें वधित रूप मे हो या न हों) और
    4. किसी कम्प्यूटर द्वारा या किसी अन्य युक्ति द्वारा उत्पादित कोई अन्य सामग्री।
    5. ʺसूचना का अधिकार’‘ से इस अधिनियम के अधीन पहुच यो‚य सूचना का जो किसी लोक प्राधिकारी द्वारा या उसके नियंत्रणाधीन धारित है, अधिकार अभिप्रेत है और जिसमें निम्नलिखित का अधिकार सम्मिलित है।
    6. कृति दस्तावेजों अभिलेखो का निरीक्षण

      1. दस्तावेजों या अभिलेखों के टिप्पणी उद्धरण या प्रमाणित प्रतिलिपि लेना
      2. सामग्री के प्रमाणित नमूने लेना
      3. डिस्केट फ्लापी टेप वीडियो कैसेट के रूप में या किसी अन्य इलैक्ट्रानिक रीति में या किसी अन्य युक्ति में भण्डारित अभिप्राप्त करना
    7. ʺराज्य सूचना आयोग’‘ से धारा 15 की उपधारा (1) के अधीन गठित राज्य सूचना आयोग अभिप्रेत है ।
    8. ʺराज्य मुख्य सूचना आयुक्त’‘ और ʺराज्य सूचना आयुक्त’‘ से धारा 15 की उपधारा (3) के अधीन नियुक्त राज्य मुख्य सूचना आयुक्त और राज्य सूचना आयुक्त अभिप्रेत है ।
    9. ʺराज्य लोक सूचना अधिकारी’‘ से उपधारा (1) के अधीन पद्भिहित राज्य लोक सूचना अधिकारी अभिप्रेत है और इसके अंतर्गत धारा 5 की उपधारा (2) के अधीन उस रूप मे पद्भिहित राज्य सहायक लोक सूचना अधिकारी भी है ।
    10. ʺपर व्यक्ति’‘से सूचना के लिए अनुरोध करने वाले नागरिक से भिन्न कोई व्यक्ति अभिप्रेत है और इसके अंतर्गत कोई लोक प्राधिकारी भी है ।