कृषि विभाग,

उत्तर प्रदेश

पारदर्शी किसान सेवा योजना,

किसान का अधिकार किसान के द्वार

गुणवत्ता नियंत्रण

कीटनाशी विश्लेषण

कीटनाशी के नमूनों का आहरणः-
ग्रहित नमूनों की पैकिंग पर रसायन का नाम तथा उसके तत्व प्रतिशत का ही उल्लेख किया जाय। धूल एवं चूर्ण रसायनों के नमूनें 500 ग्राम की प्लास्टिक की थैली तथा तरल रसायनों के नमूनें 100 अथवा 250 मि0ली0 एल्युमिनियम या आई0एस0आई0 मार्क प्लास्टिक कन्टेनरों में आवश्यकतानुसार लिए जांय। तरल रसायनों के नमूने यथासम्भव उपलब्ध छोटी मूल पैकिंग में ही लिए जांय।
कीटनाशी विक्रेता अथवा रसायन निर्माता फर्मों के यहां से नमूना लेते समय कीटनाशी निरीक्षक रूप-पत्र 20 का प्रयोग करेंगे। तथा प्रयोगशाला में नमूना परीक्षण हेतु भेजने के लिए रूप-पत्र 21 का प्रयोग करें।

कीटनाशी विश्लेषण

कीटनाशी अधिनियम 1968 के अर्न्तगत आहरित नमूनें राजकीय उर्वरक एवं कीटनाशी विश्लेषण प्रयोगशाला आलमबाग-लखनऊ, रहमानखेड़ा-लखनऊ, मेरठ, वाराणसी को विश्लेषण हेतु भेजे जाय एवं उक्त प्रयोगशालाओं में अमुक कीटनाशी के विश्लेषण की व्यवस्था न होने पर सीधे पौध रक्षा सलाहकार, भारत सरकार, रीजनल पेस्टीसाइड टेस्टिंग लेबोरेट्रीज, एन0एव0-4, फरीदाबाद (हरियाणा) के भेजकर परीक्षण कराया जाय। इसी प्रकार कीटनाशी अधिनियम 1968 के अन्तर्गत आहरित नमूनों को विश्लेषणोपरान्त अधोमानक पये जाने पर माननीय सक्षम न्यायालय के आदेश के क्रम में पुनर्विश्लेषण हेतु नमूना निदेशक, केन्द्रीय परीक्षण प्रयोगशाला, एन0एच0-4, फरीदाबाद (हरियाणा) को भेजें तथा कीटनाशी अधिनियम 1968 के प्राविधानों के अन्तर्गत विधिक कार्यवाही भी नियमानुसार सुनिश्चित की जाये।

कृषक नमूनें

भारत सरकार के निर्देशानुसार कृषकों द्वारा क्रय किए कृषि रक्षा रसायनों की गुणवत्ता की जांच हेतु उनके द्वारा प्रयोगशाला में प्रेषित नमूनों के निःशुल्क जांच की व्यवस्था है। कृषक नमूनों की जांच तभी होगी जब कृषक के पास डीलर द्वारा दिया गया कैश-मैमो, जिस पर रसायन का सही नाम व बैच नम्बर लिखा हो, उपलब्ध होगा। प्रयोगशाला द्वारा किसान के नमूनों की निःशुल्क जांच करके विश्लेषण परिणाम उपलब्ध कराया जायेगा। किसान द्वारा दिया गया नमूना यदि विश्लेषण के उपरान्त अधोमानक पाया जाता है तो किसान जनपद में जिला कृषि रक्षा अधिकारी से सम्पर्क कर सम्बन्धित प्रतिष्ठान के यहां से उसी बैच का पुनः दूसरा नमूना कीटनाशी अधिनियम 1968 के अधीन ग्रहित करायेगा। कीटनाशी निरीक्षक उक्त अधिनियम के अधीन नमूना ग्रहण कर उसी प्रयोगशाला से विश्लेषण करायेंगे। जहां से किसान ने विश्लेषण कराया था। कीटनाशी नमूने का विश्लेषण परिणाम प्राप्त होने पर कीटनाशी निरीक्षक अधिनियम के अधीन अग्रिम कार्यवाही करायेंगे।

कीटनाशी नमूनों की विश्लेषण विधिया

प्रदेश की कीटनाशी प्रयोगशालाओं में कीटनाशी नमूनों का विश्लेषण मुख्य रूप से दो विधियों से किया जाता है :-

  • वाल्यूमेट्रिक विधि।
  • इन्स्ट्रूमेन्टल विधि।

सभी कीटनाशी नमूनों का विश्लेषण भारतीय मानक ब्यूरो द्वारा जारी मानकों एवं विधियों के अनुरूप किया जाता है। रसायनों के विकास के साथ-साथ विभिन्न रसायनों के विश्लेषण में गुणवत्ता बनाने एवं विश्लेषण के समय में कमी लाने के उद्देश्य से नवीन तकनीकिया जो मानकीकृत हैं, प्रयोग की जा रही हैं।

प्रयोगशालाओं में निम्न उपकरण उपलब्ध हैं :-
  • एच.पी.एल.सी हाई परफॉरमेंस लिक्विड क्रोमैटोग्राफ
  • जी.एल.सी. गैस लिक्विड क्रोमैटोग्राफ
  • यू.वी. विज़िबल स्पेक्ट्रोफोटोमीटर.
  • आई. आर. (केवल आलमबाग, लखनऊ प्रयोगशाला में उपलब्ध) कीटनाशक रसायनों के विश्लेषण में निम्नानुसार छूट की सीमाएं निर्धारित हैं