कृषि विभाग,

उत्तर प्रदेश

पारदर्शी किसान सेवा योजना,

किसान का अधिकार किसान के द्वार

गुणवत्ता नियंत्रण

त्वरित विधि द्वारा उर्वरकों की जाँच में प्रयोग होने वाले रसायन/अभिकारकों को तैयार करना।
  • सिल्वर नाइट्रेट घोल।
  • एक चम्मच सिल्वर नाईट्रेट रसायन 100 मि0ली0 पानी में घोलकर रंगीन शीशी में ढक्कन बन्दर कर रखें।
  • सोडियम हाइड्रोक्साइड (4 प्रतिशत तनु कास्टिक सोडा)।
  • 1 चम्मच (4 ग्राम) कास्टिक सोडा रसायन को 100 मि0ली0 पानी में घोलकर प्लास्टिक की शीशी में भरकर ढक्कन से बन्द कर रखे।
  • सोडियम हाइड्रोक्साइड (40 प्रतिशत सान्द्र कास्टिक सोडा)।
  • लगभग 40 प्रतिशत कास्टिक सोडा रसायन को 100 मि0ली0 पानी में, शीशी में भरकर ढक्कन बन्द कर रखें।
  • बेरियम क्लोइड।
  • 2 चम्मच बेरियम क्लोराइड रसायन 100 मि0ली0 पानी में घोलकर शीशी में बन्द कर रख लें।
  • बाईयूरेट घोल।
  • 3 चम्मच कास्टिक सोडा रसायन +4 चम्मच पोटेशियम सोडियम टरट्रेट 50 मि0ली0 पानी में घोलें तथा 1 चम्मच कापर सल्फेट रसायन मिलाकर, 100 मि0ली0 घोल बना लें।
  • फेरस सल्फेट घोल।
  • 1 चम्मच फेरस सल्फेट रसायन परखनली में लेकर, पानी में घोलकर प्रयोग करें। सदैव ताजा घोल प्रयोग करें।
  • कोबाल्टी नाइट्रेट घोल।
  • 1 चम्मच कोबाल्टी नाइट्रेट रसायन तथा 5 चम्मच सोडियम नाइट्राइट रसायन 100 मि0ली0 पानी में घोलकर 10 बून्द‚ लेशियल एसिटिक एसिड मिलाकर रंगीन शीशी में रखे तथा दूसरे दिन प्रयोग में लायें।
  • तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल।
  • सान्द्र हाइड्रोक्लोरिक अम्ल का एक भाग लेकर तीन भाग पानी में मिलाकर शीशी में बन्द कर रख लें।
सावधानियां

इन सभी रसायनों को बच्चों की पहुँच से दूर, खाने-पीने की सामग्री तथा कपड़ो से दूर रखें, हाथ से न छुएं, ठण्डे एवं छाये में रखें।