कृषि विभाग,

उत्तर प्रदेश

पारदर्शी किसान सेवा योजना,

किसान का अधिकार किसान के द्वार

गुणवत्ता नियंत्रण

सहनसीमा के अन्तर्गत कुल तत्व के सभी प्रकार को सम्मिलित करते हुए सहनसीमा का भाग कुल तत्व के सहनसीमा से अधिक नहीं होगा।

ब- जैव उर्वरक-

राइनोवियम, एजेटोवैवटर एजोस्पिरिलियम, पी०एस०वी० पाउडर की स्थिति में कुल जीवित कोशिका गणना 1*107 CFU/gm, तथा तरल की स्थिति में 5*107 माइकोराइजल जैव उर्वरक में जीवित प्रोग्यूल्स की संख्या 60 युस में कम नहीं होना चाहिए।

स- जैविक उर्वरक-

सिटी कम्पोस्ट तथा वर्मी कम्पोस्ट में सहनसीमा NPK का योग क्रमशः 1.5% तथा 2.5% से कम नहीं होना चाहिए।

द- अखाद्य तेलरहित केक उर्वरक-

NPK के योग का 0.5% सहनसीमा

ग्रहित नमूने एक सप्ताह के अन्दर ही उर्वरक गुण नियंत्रण प्रयोगशाला में विश्लेषण हेतु भेज दिए जाते हैं जिनका विश्लेषण कर उर्वरका के मानक विनिर्देश से पुष्टि (मिलान) की जाती है और यदि दोनों में अन्तर स्वीकार्य छूट की सीमा से अधिक हुआ तो उर्वरक को अमानक घोषित कर दिया जाता है। तत्पश्चात विक्रेता के ऊपर उर्वरक निबन्धन प्राधिकारी द्वारा न्यायिक कार्यवाही आरम्भ की जाती है। अमानक घोषित करने का अधिकारी प्रयोगशाला प्रभारी को विश्लेषकों से प्राप्त, विश्लेषण परिणामों के आधार पर होता है।

प्रयोगशाला में विश्लेषित किए जाने वाले विभिन्न उर्वरकों में प्राप्त तत्वों, विश्लेषण विधियों, प्रयुक्त होने वाले उपकरणों का विवरण निम्नवत है
क्र0सं0 मानक प्रविधि उपकरण
1 नमी ओवन ड्राई, वैक्यूम एवं डेसीकेटर। ओवन
2 अमोनिकल नाइट्रोजन आसवन (डिस्टीलेशन) नाइट्रोजन डिस्टीलेशन असेम्बली
3 नाइट्रेट नाइट्रोजन डेवेड्रा- आसवन नाइट्रोजन डिस्टीलेशन असेम्बली
4 कुल नत्रजन डाईजेशन/आसवन नाइट्रोजन डिस्टीलेशन असेम्बली
5 कैल्शियम ई०डी०टी०ए० अनुमापन डार्इजेशन
6 यूरिया नाइट्रोजन आयतन-मापन डाईजेशन चैम्बर
7 जलविलेय फास्फोरस भारम मापन (ग्रैविमेट्रीक) इलेक्ट्रानिक बैलेन्श
8 सिट्रेट- विलेय फास्फोरस अन्तर विधि हाटप्लेट
9 जलविलेय पोटाश एस.टी.पी.वी. वैक्यूम पम्प
10 जस्ता आयतन मापन ओवेन, ग्राइण्डर
11 माइक्रो मिश्रण एटामिक एब्जावर्सन स्पेक्ट्रोफोटोमीटर द्वारा ए0ए0एस0
12 कणाकार सीव टेस्ट (आई0एस0) आई0एस0सीव0