कृषि विभाग,

उत्तर प्रदेश

पारदर्शी किसान सेवा योजना,

किसान का अधिकार किसान के द्वार

गुणवत्ता नियंत्रण

उर्वरक नमूने को ग्रहीत करना
अ- रासायनिक उर्वरक

नमूना सम्पूर्ण संहति का प्रतिनिधित्व करता है, अतः उसमें सम्पूर्ण संहति के औसत संगठन के अनुसार सभी अवयव विद्यमान होने चाहिए। चूकि संहति (mass) संभागी नहीं होती, अतएव कई प्राथमिक नमूनों को मिलाकर मिश्रित नमूना तैयार किया जाता है। प्राथमिक नमूनों की संख्या संहति के परिमाण (size) पर निर्भर करती है। प्रत्येक 100 मैट्रिक टन के उर्वरक उत्पाद पर एक नमूना ग्रहित करने का प्राविधान हैं। नमूनों का ग्रहण प्रतिनिधित्व नमूने के रूप में होता है। नमूना परखी से ग्रहीत किया जाना प्राविधानित है। उर्वरक (नियंत्रण) आदेश 1985 की अनुसूची-।। के भाग क में उर्वरकों के नमूनों को लेने की प्रक्रिया शीर्षक के अर्न्तगत क्र0सं0-2 के भाग ग में नमूना लेने के लिए बोरियों का चयन किसी एक लाट के आकार पर निर्भर होगा जो निम्नवत हैः-

बोरियों की संख्या नमूने हेतु चयनित बोरियों की संख्या बोरियों की संख्या नमूने हेतु चयनित बोरियों की संख्या
10 तक 1 601-800 6
11-100 2 801-1000 7
101-200 3 1001-1300 8
201-400 4 1301-1600 9
401-600 5 1601-2000 10

इस प्रकार अधिकतम 100 मैट्रिकटन (2000 बोरी) का एक लाट बनाकर एक नमूना ग्रहित किया जाना प्राविधानित है। यदि मात्रा 100 मै0 टन से अधिक हो तो अधिकतम 100 मै0 टन मात्रा के लाट बनाकर प्रत्येक लाट के अलग-2 नमूने ग्रहित किये जाने चाहिए।

ब- जैव उर्वरक

मूल पैकेट को, मूलरूप में बिना खोले हुये ताकि संभावी संक्रमण से बचा जा सके, प्रयोगशाला को भेजा जाये। जिसमें प्रत्येक प्रकार के जैव उर्वरकों का बैचवार, लाटवार, नमूने ग्रहीत किया जायेंगें।

लाट से नमूनों की संख्या-

लाट/बैच नमूनों की संख्या
5000 पैकेट तक 04
5001 से 10000 पैकेट 05
10000 से अधिक पैकेट 06
स- जैविक उर्वरक-

रासायनिक उर्वरकों के समान ही नमूना ग्रहित की प्रक्रिया सम्पन्न की जायेगी।

द- अखाद्य तेल रहित केक उर्वरक-

रासायनिक उर्वरकों के समान ही नमूना ग्रहित की प्रक्रिया सम्पन्न की जायेगी।

एक नमूने का वजन
1. मुख्य तत्वधारी उर्वरक एवं निश्चित उर्वरक 400 ग्राम न्यूनतम
2. एकल तत्वधारी सूक्ष्म उर्वरक 100 ग्राम न्यूनतम
3. चिलेटेड सूक्ष्म तत्व उर्वरक एवं सूक्ष्म तत्व मिश्रित उर्वरक मिश्रण 50 ग्राम न्यूनतम

उर्वरक नमूनों को ग्रहित करते समय फार्म P नमूने की थैली के अन्दर रखे जाने चाहिए एवं उर्वरक निरीक्षक द्वारा फार्म J पूर्ण करते हुए उर्वरक निबन्धन प्राधिकारी को प्रेषित करता है एवं फार्म J की एक प्रति सम्बन्धित उर्वरक विक्रेता को भी उपलब्ध कराया जाता है। तत्पश्चात् उर्वरक निबन्धन प्राधिकारी द्वारा ग्रहित नमूनों का विवरण फार्म K पर अंकित करते हुए अधिसूचित प्रयोगशालाओं को नमूना विश्लेषण हेतु प्रेषित किया जाता है।