कृषि विभाग,

उत्तर प्रदेश

पारदर्शी किसान सेवा योजना,

किसान का अधिकार किसान के द्वार

स्वावलम्बन योजना

उक्त के क्रम में वित्तीय वर्ष 2016-17 में शासन द्वारा स्वीकृत रूपये 705 लाख के सापेक्ष रूपये 600 लाख की कार्य योजना 1000 एग्री जंक्शन केन्द्रों की स्थापना हेतु प्राप्त हुई है, शेष रूपये 105 लाख जिसकी कि प्रशासनिक स्वीकृति शासन द्वारा प्रदान की जा चुकी है, के व्यय हेतु रूपये 60,000/-प्रति केन्द्र की दर से 175 अन्य एग्री जंक्शन केन्द्रों की स्थापना कराये जाने से सम्बन्धित प्रस्ताव प्रस्तुत है, जिस पर शासन से अनुमोदन अपेक्षित है।

यह योजना नाबार्ड के परामर्श एवं प्रदेश में कार्यरत सहकारी बैंक/ भूमि विकास बैंक/अन्य सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के माध्यम से क्रियाशील की जायेगी।

इस योजना के बारे में मुख्य-मुख्य बाते इस प्रकार हैं:-

पात्रता

उत्तर प्रदेश में निवास करने वाले कृषि स्नातक/कृषि व्यवसायं प्रबन्धन स्नातक/स्नातक जो कृषि एवं सहबद्ध विषयों यथा-उद्यान, पशुपालन, वानिकी, दुग्ध, पशुचिकित्सा, मुर्गी पालन एवं इसी तरह की गतिविधियां जो किसी राज्य/केन्द्रीय विश्वविद्यालय या किसी अन्य विश्वविद्यालयों जो आई0सी0ए0 आर0/यू0जी0सी0 द्वारा मान्यता हों, पात्र होंगे।

इसके अतिरिक्त अनुभव प्राप्त डिप्लोमाधारी/कृषि विषय में इन्टरमीडिएट योग्य प्रार्थी पर विचार किया जायेगा।

आयु 40 वर्ष से अनधिक, अनुसूचित जाति/जनजाति/महिलाओं को 05 वर्ष की छूट अधिकतम्।
योजना लागत रू0 4.00 लाख (अधिकतम्)
ऋण सीमा रू0 3.50 लाख
प्रतिपूर्ति राशि रू0 0.50 लाख (प्रोजेक्ट लागत का 12.50 प्रतिशत) ऋणी आवेदक द्वारा अभिदान किया जायेगा।
  राज्य सरकार द्वारा अधिकतम् रू0 60,000/- की सहायता निम्नानुसार की जायेगी
  अग्रिम ब्याज अनुदान रू0 42,000/- तीन वर्ष के लिए प्रस्तावित कार्य हेतु, परिसर किराया 50 प्रतिशत प्रति माह अधिकतम् रू0 12,000/- किराया (रू0 1,000/-प्रतिमाह केवल प्रथम वर्ष के लिए)
  लाइसेन्सिस फीस की प्रतिपूर्ति रू0 3,000/- (अधिकतम्)
अन्य व्यय अधिकतम् रू0 3,000/- उद्यमी कृषि निवेशों की आपूर्ति एवं अन्य कलापों के लिए अनुमन्य अनुदान प्राप्त करने हेतु मान्य होंगे।
वितरण प्रशिक्षण अवधि पूर्ण करने के उपरान्त ।
लाक इन पीरियड 36 माह
सुविधायें सावधि ऋण या नगद क्रेडिट ऋण की सीमा तक।
ब्याज दर ब्याज दर बैंक के बेस दर के निकट रखी जायेगी। योजना का उद्देश्य क्रेडिट निवेश दर को बढ़ावा देकर उत्तर प्रदेश में कृषि पूंजी सृजित करना। ताकि ‘‘वन स्टाफ शाप‘‘ के सृजन से कृषकों को लाभान्वित किया जा सके।
डाक्यूमेन्टशन बैंक में लागू डायरेक्ट एग्री सिग्मेन्ट अग्रिम के अनुसार।
प्रतिभूति (1) प्राथमिक बैंक से पोषित, सृजित, प्रकल्पित परिसम्पत्ति
  (2) कोलेटेरल धनराशि के लिए थर्ड पार्टी गारन्टी, महिला के केस में (माता, पिता/पति पत्नी)।
पुर्नभुगतान 03 माह के मोरैटोरियम अवधि को सम्मिलित करते हुए 36 से 60 माह में।
प्रशिक्षण एण्ड हैंण्ड होल्डिंग चयनित आवेदकों को व्यवसायं के निमित्त ऋण राशि के पूर्व राज्य कृषि प्रबन्ध विस्तार प्रशिक्षण संस्था (समेती, रहमानखेड़ा, लखनऊ)/आर-सेटीज के द्वारा कम से कम 12 दिन का ग्रामीण व्यवसायं विकास योजना (आर0ई0डी0पी0) का प्रशिक्षण प्रदान कराया जायेगा।
चयन प्रक्रिया आवेदकों के नाम सरकारी/सहकारी क्षेत्र के बैंकों द्वारा राज्य सरकार की जिला स्तरीय समिति जिसमें ब्लाक स्तरीय एवं बैंक की संयुक्त समिति द्वारा आवेदकों की प्रारम्भि छटनी के उपरान्त प्रकाशित किया जायेगा। यह समिति 03 सदस्यीय होगी, जिसमें जिला मैजिस्ट्रेट/ मुख्य विकास अधिकारी, जिला कृषि अधिकारी एवं बैंक का एक प्रतिनिधि/एल0डी0एम0 होंगे। अन्य विभागों से सम्बन्धित प्रतिनिधियों को भी आमंत्रित किया जा सकता है।
परियोजना पूर्ण होने की अवधि तीन वर्ष अधिकतम् ।