कृषि विभाग,

उत्तर प्रदेश

पारदर्शी किसान सेवा योजना,

किसान का अधिकार किसान के द्वार

योजना

विभिन्न पारिस्थितिकीय संसाधनों द्वारा कीट/रोग नियंत्रण योजना

उद्देश्य

  • बायोपेस्टीसाइड्स/बायोएजेण्ट्स के उत्पादन एवं वितरण में गुणात्मक अभिवृद्धि।
  • रसायनिक कृषि रक्षा रसायनों के वितरण में लाल श्रेणी में वर्गीकृत (सबसे अधिक जहरीले) पर अनुदान न दिया जाना और क्रमशः कम जहरीले रसायनों को अनुदान की परिधि में रखा जाना।
  • चूहा नियंत्रण एवं अन्न भण्डारण हेतु धूम्रक रसायन लाल श्रेणी के है। जिसमें अभी उचित विकल्प उपलब्ध नही है अतः केवल इन पर ही अनुदान पूर्ववत देय होगा।
  • बीजशोधन कार्यक्रम को प्रोत्साहित किया जाना जिससे अल्प व्यय में रोगों पर नियंत्रण किया जा सके।
  • एकीकृत नाशीजीव प्रबन्धन (आई0पी0एम0) प्रणाली के प्रयोग को बढावा देना।

कृषकों को देय सुविधायें
योजनान्तर्गत जनपद के प्रत्येक वर्ग एवं श्रेणी के कृषक बीजशोधन हेतु तथा अन्य कार्यमदों में लघु एवं सीमान्त कृषक जिसमें अनुसूचित जाति एवं जनजाति तथा महिला कृषक सम्मिलित हो को लाभान्वित किया जा रहा है। योजना का लाभ विकास खण्ड स्तरीय कृषि रक्षा इकाई के माध्यम से कृषकों को निम्नवत् प्रदान किया जा रहा है।

  • बायो पेस्टीसाइड्स/बायो एजेण्ट्स पर 75 प्रतिशत अनुदान अधिकतम रू0 500 प्रति हे0, जो भी कम हो।
  • बीजशोधन हेतु बीजशोधक रसायनों पर 75 प्रतिशत अनुदान अधिकतम रू0 150 प्रति हे0, जो भी कम हो।
  • कृषि रक्षा रसायनों पर 50 प्रतिशत अनुदान अधिकतम रू0 500 प्रति हे0, जो भी कम हो।
  • कृषि रक्षा यंत्रों पर 50 प्रतिशत अनुदान-
    • मानव चालित अधिकतम रू0 1500 प्रति यंत्र, जो भी कम हो।
    • शक्ति चालित अधिकतम रू0 3000 प्रति यंत्र, जो भी कम हो।
  • अन्न सुरक्षा हेतु 5, 3, 2 कु0 की बखारी पर 50 प्रतिशत अनुदान अधिकतम रू0 1500 प्रति बखारी, जो भी कम हो देय होगा।

कार्यक्षेत्र:-सम्पूर्ण प्रदेश।

अनुदान की आवश्यकता:-

  • कीट एवं रोग के प्रकोप का एपिडेमिक अथवा आउट ब्रेक होने की दशा में अनुदान दिया जाना