कृषि विभाग,

उत्तर प्रदेश

पारदर्शी किसान सेवा योजना,

किसान का अधिकार किसान के द्वार

सर्विलांस

पेस्ट सर्वेलेन्स एवं एडवाइजरी यूनिट

  • भारत सरकार के निर्देशानुसार उत्तर प्रदेश शासन द्वारा प्रदेश एवं जनपद स्तर पर पेस्ट सर्वेलेन्स एवं एडवाइजरी यूनिट का गठन किया गया है। प्रदेश स्तर पर कृषि निदेशक,उ0प्र0 की अध्यक्षता में प्रत्येक माह कमेटी की बैठक की जाती है तथा जनपद स्तरीय पेस्ट सर्वेलेन्स एवं एडवाइजरी यूनिट से प्राप्त आंकड़ों का परीक्षण, प्रस्तुतिकरण, सर्वेलेन्स का अनुश्रवण तथा प्राप्त सुझावों पर क्रियान्वयन सुनिश्चित कराया जाता है।
  • कीट, रोग एवं खरपतवार के नियंत्रण की सामयिक जानकारी हेतु समय-समय पर रेडियो एवं दूरदर्शन मे भेंट वार्ता प्रसारित की जाती है, जिससे कृषकों को फसल सुरक्षा की सामयिक जानकारी का लाभ मिल सके। समय-समय पर आवश्यकतानुसार प्रशिक्षण/गोष्ठियों के माध्यम से भी कृषकों को सम्यक तकनीकी जानकारी से लाभान्वित करने का कार्य अनवरत रुप से जारी है।
  • कीटनाशी रसायनों के दुष्परिणाम के दृष्टिगत प्रदेश में एकीकृत नाशीजीव प्रबन्धन (आई0पी0एम0) को बढ़ावा दिया जा रहा है। आई0पी0एम0 के अन्तर्गत किसान खेत स्कूल (एफ0एफ0एस0) के माध्यम से विभिन्न योजनाओ मे प्रशिक्षण-कम-प्रदर्शन का आयोजन कराकर कृषकों को जागरूक किया जा रहा है।
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1 राज्य स्तरीय पेस्ट सर्विलांस एवं एडवाइजरी यूनिट की बैठक दिनांक 27.10.2017 का कार्यवृत्त 896 KB Hindi 08.12.2017 12:30pm pdf Click to View Detail

राज्य स्तरीय पेस्ट सर्विलेन्स एवं एडवाइजरी यूनिट की बैठक दिनांक 16.09.2016 का कार्यवृत्त

राज्य स्तरीय पेस्ट सर्विलेन्स एण्ड एडवाइजरी यूनिट की बैठक दिनांक 16.09.2016 को कृषि निदेशक, महोदय की अनुमति से अपर कृषि निदेशक (कृषि रक्षा), उत्तर प्रदेश के कक्ष में पूर्वान्ह 11.00 बजे आयोजित की गयी, जिसमे निम्नलिखित सदस्यों द्वारा प्रतिभाग किया गया।

  • डॉ० बी0 किरन गाँधी, वैज्ञानिक आई0आई0पी0आर0 कानपुर।
  • श्री उमेश चन्द्रा, उप निदेशक, केन्द्रीय एकीकृत नाशीजीव प्रबन्धन केन्द्र, लखनऊ।
  • श्री राजीव कुमार, वैज्ञानिक सहायक, केन्द्रीय एकीकृत नाशीजीव प्रबन्धन केन्द्र, लखनऊ।
  • श्री रत्नेश कुमार मिश्र, वैज्ञानिक सहायक, केन्द्रीय एकीकृत नाशीजीव प्रबन्धन केन्द्र, गोरखपुर।
  • श्री राजधारी पाल,उद्यान निरीक्षक (पौध रक्षा अनुभाग), प्रतिनिधि उप कृषि निदेशक (पौध रक्षा), उद्यान निदेशालय, लखनऊ।
  • श्री पूरनलाल कुशवाहा, 161/2, लाडले कीटौरिया पोस्ट-बरूआ सागर, जनपद-झांसी।
  • श्री ब्रजेन्द्र सिंह, ग्राम-रूस्तमपुरवा पो0-बस्ती जनपद-बाराबंकी।
  • श्री रणन्जय सिंह, ग्राम-पचेहरी पोस्ट-गौरीगंज जनपद-अमेठी।
  • श्री अनन्त बहादुर सिंह, ग्राम-अलीनगर पोस्ट-थौरी जनपद-अमेठी।
  • श्री रामपाल सिंह कुशवाहा, ग्राम व पोस्ट-बड़ोखर बुजुर्ग जनपद-बांदा।
  • श्री आत्माराम राजपूत, ग्राम-बड़ौरा पोस्ट-घिसौली जनपद-झांसी।
  • श्री राम कीरत मिश्रा, ग्राम-पडित का पुरवा, पोस्ट-बैजापुर, जनपद-सुल्तानपुर।
  • श्री राजेश कुमार द्वि़वेदी, ग्राम व पोस्ट-कापा, जनपद-प्रतापगढ़।
  • श्री अरुण कुमार श्रीवास्तव, ग्राम व पोस्ट-किनौली, जनपद-फैजाबाद।
  • अपर कृषि निदेशक (कृषि रक्षा), उत्तर प्रदेश, संयोजक/सदस्य।
  • विशेष आमंत्रित सदस्य-डॉ० एल0पी0 अवस्थी, भूतपूर्व प्रध्यापक एवं अध्यक्ष पाद्प रोग विज्ञान विभाग, आचार्य नरेन्द्रदेव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, कुमारगंज,फैजाबाद।

मुख्यालय स्तर पर डॉ० कनीज फातिमा, उप कृषि निदेशक (कृषि रक्षा) मुख्यालय द्वारा भी बैठक में प्रतिभाग किया गया।

कीटों/रोगों के प्रकोप की स्थिति

बैठक में उपस्थित कृषि वैज्ञानिकों एवं विशेषज्ञों तथा प्रगतिशील कृषक प्रतिनिधियों के मध्य प्रमुख रूप से खरीफ में बोयी जाने वाली फसलों के साथ-साथ बागवानी एवं सब्जियों में सामयिक कीटों/व्याधियों व उनकी रोकथाम के सम्बन्ध में विस्तृत चर्चा की गयी, जिसमें उपलब्ध करायी गई सूचनायें/संस्तुतियां निम्नवत् हैः-