कृषि विभाग,

उत्तर प्रदेश

पारदर्शी किसान सेवा योजना,

किसान का अधिकार किसान के द्वार

कृषि रक्षा

प्रश्न: क्या किसान कीटनाशी रसायन के नमूनें की जाँच स्वयं करा सकता है ॽ

उत्तर:

  • शासन के निर्देशानुसार, कृषकों द्वारा क्रय किये गये कृषि रक्षा रसायनों के गुणवत्ता की जॉच हेतु उनके द्वारा प्रयोगशाला में प्रेषित नमूनों की निशुल्क जॉच की व्यवस्था है। कृषक के नमनों की जॉच तभी होगी जब कृषक के पास डीलर द्वारा दिया गया कैश मेमों जिस पर रसायन का सही नाम व बैच नम्बर लिखा हो। किसान द्वारा लिया गया नमूना यदि विश्लेषण के उपरान्त अधोमानक पाया जाता है तो किसान जनपद के जिला कृषि रक्षा अधिकारी से सम्पर्क कर सम्बन्धित प्रतिष्ठान से उसी बैच का दूसरा नमूना कीटनाशी अधिनियम 1968 के अधीन ग्रहित करायेगा और इस नमूनों को उसी प्रयोगशाला में विश्लेषण करायेगें। कीटनाशी नमूना यदि पुनः अधोमानक पाया जाता है तो कीटनाशी निरीक्षक अधिनियम के अधीन अग्रिम कार्यवाही करायेगें।
  • प्रश्न: यदि कोई रसायन किसी कीट/रोग के उपचार हेतु छिड़काव के बाद असर नहीं करता तो क्या करना चाहिए ॽ

    उत्तर:

  • सम्बन्धित रसायन का कन्टेनर अथवा पैकेट लेकर बिल/बाउचर सहित सम्बन्धित विकासखण्ड पर स्थित कृषि रक्षा इकाई के प्रभारी अथवा सम्बन्धित जनपद के जिला कृषि रक्षा अधिकारी से सम्पर्क करना चाहिए, उनकी समस्या का समाधान किया जायेगा।
  • प्रश्न: कीटनाशक रसायनों के प्रयोग करते समय क्या-क्या सावधानियॉ बरतनी चाहिए ॽ

    उत्तर:

  • कीटनाशक रसायनों को रखते समय निम्नलिखित सावधानियॉ रखनी चाहिए
  • क्र.सं. सावधानियॉ
    1 कीटनाशक रसायन आवश्यकतानुसार खरीदना चाहिए। डिब्बा खुला या टूटा न हो तथा उसका लेबल एवं सील सही दशा में हो।
    2 कीटनाशक रसायन घर के अन्दर नहीं रखना चाहिए तथा बच्चों एवं पशुओं की पहुंच एवं भोजन/चारा आदि से दूर रखें।
    3 रसायन का घोल बनाने वाले व्यक्ति को हाथ-पैर पालीथिन से बन्द रखना चाहिए तथा चेहरे पर नकाब, सिर पर टोपी एवं शरीर पर अपरेन धारण करना चाहिए। घोल बनाते समय एवं छिड़काव करते समय कोई भी वस्तु खाना-पीना नहीं चाहिए।
    4 रसायन के प्रयोग हेतु सही यंत्र का प्रयोग करें। उसमें किसी प्रकार का रिसाव नहीं होना चाहिए।
    5 उपयुक्त नाजिल का प्रयोग किया जाय तथा नाजिल बन्द होने जाने पर उसको मुँह से फूक कर साफ नही करना चाहिए। साफ करने के लिए तार अथवा ब्रस का इस्तेमाल किया जाय।
    6 तृणनाशकों के छिड़काव में प्रयोग किये गये यंत्रों को अच्छी तरह साफ करके अन्य कीटनाशकों का छिड़काव करें।
    7 छिड़काव धूप या हवा में नहीं करना चाहिए।
    8 वर्षा के पहले एवं वर्षा के तुरन्त बाद छिड़काव न किया जाय।
    9 हवा के विपरीत छिड़काव न किया जाय।
    10 कीटनाशकों के खाली डिब्बों को तोड़कर जमीन में गाड़ दिया जाय।
    11 छिड़काव कार्य सम्पन्न होने के बाद प्रयोग में लाये गये बर्तन एवं यंत्र को साबुन से साफ करना चाहिए और छिड़काव करने वाले व्यक्ति को साबुन से नहाकर कपड़ों को भी साबुन से धोना चाहिए।

    प्रश्न: कीट/रोग नियंत्रण हेतु अनुदान की सुविधाएं कहॉ से प्राप्त की जा सकती है ॽ

    उत्तर:

  • भारत सरकार एवं प्रदेश सरकार द्वारा योजनाओं के अन्तर्गत विभिन्न फसलों हेतु अनुमन्य अनुदान की सुविधाएं विकासखण्ड स्तर पर खण्ड विकास अधिकारी तथा जनपद स्तर पर जिला कृषि अधिकारी, जिला कृषि रक्षा अधिकारी एवं उप कृषि निदेशक से सम्पर्क करके प्राप्त की जा सकती है।
  • प्रश्न: सहभागी फसल निगरानी एवं निदान प्रणाली PCSRS (पी०सी०एस०आर०एस०) क्या है ॽ

    उत्तर:

  • यह दो दूरभाष नम्बरों क्रमशः 9452247111 तथा 9452257111 पर आधारित एक सेवा है जिस पर किसान अपनी कृषि रक्षा से सम्बन्धित समस्याओं का समाधान मैसेज (SMS) या व्हाट्सऐप करके प्राप्त कर सकते हैं। उपरोक्त नम्बरों पर बात नहीं की जा सकती है।