कृषि विभाग,

उत्तर प्रदेश

पारदर्शी किसान सेवा योजना,

किसान का अधिकार किसान के द्वार

कृषि प्रसार

प्रश्न: कृषि प्रसार क्या है?

उत्तर:

  • कृषि अनुसंधान केन्द्रों एवं कृषि विश्वविद्यालयों तथा अन्य शोध केन्द्रों पर विकसित कृषि उत्पादन प्रौद्योगिकी / तकनीक एवं अन्य जानकारी किसानों तक पहुंचाना एवं उनके बारे में किसानों की प्रक्रिया सम्बन्धित संस्थाओं तक वापस पहुंचाने के कार्य को कृषि प्रसार कहते हैं।
  • प्रश्न: कृषि प्रसार क्यों?

    उत्तर:

  • नवीनतम कृषि उत्पादन तकनीकों / प्रौद्यौगिकी एवं विशिष्ट जानकारियों एवं व्यवहारिक ज्ञान को किसानों तक पहुंचाने तथा उसके उपयोग द्वारा किसानों के स्तर पर उत्पादन एवं उत्पादकता में वृद्धि करके उनकी आय बढ़ाने के लिए आवश्यक है।
  • प्रश्न: कृषि प्रसार कार्य कैसे किया जाता है?

    उत्तर:

  • कृषि प्रसार के लिए पांच स्तरीय प्रयास किये जाते हैं -
    • नई प्रौद्यौगिकी / नई तकनीक के बारे में किसानों में जागरूकता पैदा करना।
    • नई तकनीक के बारे में किसानों का ज्ञानवर्धन।
    • नई तकनीक को अपनाने के लिए किसानों की दक्षता उन्नयन।
    • नई तकनीक को अपनाने के लिए किसानों के दृष्टिकोण में परिवर्तन लाना एवं
    • कृषकों को नई तकनीक अंगीकृत कराना।

    प्रश्न: कृषि प्रसार का उद्देश्य क्या है?

    उत्तर:

  • कृषि उत्पादन की नवीनतम प्रौद्यौगिकी / तकनीक, व्यवहारिक उत्तर - कृषि उत्पादन की नवीनतम प्रौद्यौगिकी / तकनीक, व्यवहारिक ज्ञान एवं दक्षता को किसानों तक पहुंचाकर उत्पादन एवं उत्पादकता में वृद्धि लाकर तथा किसानों की आय में बढ़ोत्तरी करके उनके जीवन स्तर को ऊंचा उठाने में अधिकाधिक योगदान देना।
  • प्रश्न: कृषि प्रसार के लिए कौन-कौन सी योजनायें संचालित है?

    उत्तर:

  • (अ) भारत सरकार की सहायता से नेशनल मिशन आन एग्रीकल्चर एक्टेंशन एण्ड टेक्नोलॉजी (NMAET) संचालित है, जिसमें चार सब मिशन हैं
    • कृषि प्रसार के लिए उप मिशन (SMAE)
    • बीज एवं रोपण सामग्री के लिए उप मिषन (SMSP)
    • कृषि यंत्रीकरण हेतु उप मिषन (SMAP)
    • कृषि रक्षा एवं पादप निरोध हेतु उप मिषन (SMPP)

  • (ब) राज्य सरकार द्वारा कृषि उत्पादन में वृद्धि के लिए कृषि प्रसार, कृषि निवेश तथा तकनीकी प्रबन्धन योजना के अन्तर्गत संचालित कृषि सूचना तंत्र का सुदढीकरण एवं कृषक जागरूकता कार्यक्रम।