कृषि विभाग,

उत्तर प्रदेश

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2. मॉहूं
पहचान

यह छोटा, कोमल शरीर वाला, हरे मटमैले रंग का कीट है, जिसके झुण्ड पत्तियों, फूलों उठलों, फलियों आदि पर चिपके रहते हैं एवं रस चूसकर पौधे को कमजोर कर देते हैं।

उपचार
निम्नलिखित कीट नाशक रसायन की संस्तुत मात्रा प्रति हे० की दर से प्रयोग करे

  • मिथाइल ओडिमेटान 25 ई०सी० 1.00 लीटर या
  • डायजिनान 20 ई०सी० 1.25 लीटर या क्राइसोपर्लो कार्निया के 50000 अण्डे/लारवा/प्रति हे० 10-15 दिन के अन्तराल पर दो बार प्रयोग करें।
  • फेनीट्रोथियान 50 ई०सी० 1.00 लीटर या
  • क्लोरपायरीफास 20 प्रतिशत ई०सी० 0.75 लीटर या
  • मोनोक्रोटोफास 36 प्रतिशत ई०सी० 0.75 लीटर या
  • क्यूनालफास 25 ई०सी० 1.5 लीटर प्रति हे० या

3. बालदार गिडार (भुड़ली)
पहचान

इस भुड़ली के शरीर का रंग पीला अथवा नारंगी होता है परन्तु सिर पर पीछे का काला होता है तथा शरीर पर घने काले बाल होते हैं

उपचार
इसकी रोकथाम के लिए निम्नलिखित उपचार करें

(क) प्रथम अवस्था में गिडार झुण्ड में पाई जाती है। उस समय उन पत्तियों को तोड़कर एक बाल्टी मिट्टी के तेलयुक्त पानी में डाल दिया जाय, जिससे गिडार नष्ट हो जायें।

(ख) विभिन्न अवस्थाओं की गिडारों की रोकथाम हेतु निम्नलिखित में से किसी एक कीटनाशक रसायन का प्रति हेक्टर बुरकाव/छिड़काव किया जाये।

  • डाइक्लोरवास डी०डी०वी०पी० 76 प्रतिशत ई०सी० 625 मिली०।
  • कार्बराइल 10 प्रतिशत धूल 25 किग्रा०।
  • क्लोरपायरीफास 20 ई०सी० 1.25 लीटर।
  • क्यूनालफास 25 ई०सी० 1.25 लीटर।

कटाई-मड़ाई
जब 75 प्रतिशत फलियां सुनहरे रंग की हो जायें फसल को काटकर, सुखाकर व मड़ाई करके बीज अलग करना चाहिए। देर करने से बीजों को झड़ने की आशंका रहती है। बीज को खूब सुखाकर ही भण्डारण करना चाहिए। जैसे ही फलियां सुनहरी पीले रंग की पड़ने लगे फसल काट ली जाय। इसका कोई कुप्रभाव उपज व तेल पर नहीं पड़ेगां

मुख्य बिन्दु

  • बुवाई 15-20 दिन के भीतर विरलीकरण अवश्य करें।
  • पंक्तियों में समय से बुवाई सुनिश्चित करें।
  • 25-30 दिन की अवधि पर पहली सिंचाई करें।
  • आरा मक्खी एवं माहूं से बचाव अवश्य करें।