कृषि विभाग,

उत्तर प्रदेश

पारदर्शी किसान सेवा योजना,

किसान का अधिकार किसान के द्वार

कार्यक्रम का मासिक कैलेंडर

खरीफ एग्रोक्लाइमेटिक जोनवार धान संकर धान बासमती एवं सुगंधित धान सिस्टम ऑफ राइस इंटेंसीफिकेशन जीरो टिल से बुवाई मक्का बाजरा ज्वार सॉवा कोदो राम दाना की खेती मूंगफली सोयाबीन तिल अंडी (अरण्ड) अरहर मूंग उर्द सहफसली खेती खरपतवार नियंत्रण लोबिया तोरिया हरा चारा बीज का महत्त्व क्रॉस एवं मोथा ऊसर सुधार कार्यक्रम सनई की खेती जैव उर्वरक महत्ता एवं उपयोग फसल सुरक्षा रसायनों का नाम व मूल्य पोषक तत्व प्रबंधन फसल चक्र यंत्र एवं मशीनरी खरीफ फसलों के आंकड़े (परिशिष्ट एक एवं दो ) एकीकृत नाशीजीव प्रबंधन कार्यक्रम का मासिक कैलेंडर सघन पद्धतियाँ 2016 मशरूम की खेती जैविक खेती फसलों के अवशेष धान की बुवाई रक्षा रसायन प्रमुख रासायनिक उर्वरक खरीफ फसलों के आंकड़े नकली एवं मिलावटी उर्वरकों की पहचान सत्यापित प्रजातियां महत्वपूर्ण दूरभाष नम्बर
क्रमांक फसल/माह अप्रैल/मई जून जुलाई अगस्त सितम्बर अक्टूबर नवम्बर
1 चावल बेन्थमार्क सर्वे एवं कृषकों के साथ बैठक,गर्मी की जुताई 1. नर्सरी
2. खेत की तैयारी
3. कृषकों/स्थान का चयन
खेत की तैयारी रोपाई/बोवाई कोर ट्रेनिंग टीम का चयन प्रथम फील्ड‚ स्कूल का प्रारम्भ प्रदर्शन
क्रियान्वयन फील्ड स्कूल क्रमशः
फील्ड स्कूल क्रमशः फील्ड स्कूल के नवें/दसवें सप्ताह तथा कृषक दिवस का आयोजन क्राप कटिंग व मूल्यांकन प्रसार कार्यकताओं की जनपद स्तरीय कार्यशाला
2 कपास खेत की तैयारी‚ बोवायी तथा चयन‚ प्रदर्शन स्थल व कृषकों का चयन कोर ट्रेनिंग टीम का गठन प्रथम व द्‍वितीय सत्र का प्रशिक्षण तीसरे तथा चौथे सत्र का प्रशिक्षण प्रशिक्षण पंचम‚ षष्टम सत्र का प्रशिक्षण सप्तम‚अष्टम सत्र का प्रशिक्षण नवम्‚ दसम सत्र का उत्पादन के आंकड़ों के आधार पर मूल्यांकन
3 मूंगफली बेंच मार्फ सर्वे एवं कृषकों के साथ बैठक‚ गर्मी की जुताई खेत की तैयारी प्रदर्शन स्थल व कृषकों का चयन‚ बुवाई कोर ट्रेनिंग टीम का गठन‚बुवाई (प्रथम सप्ताह तक तक केवल) प्रथम सत्र का आरम्भ‚ प्रथम-द्‍वितीय बीसवीं‚ तीसवीं तारीख 3‚4‚5 सत्र का प्रशिक्षण 10‚ 20 व 30 तारीख 6‚7‚8 सत्र का प्रशिक्षण 10‚ 20 व 30 तारीख 9 व 10 वें सत्र का प्रशिक्षण कृषक दिवस 10 व 20 तारीख मूल्यांकन
4 सोयाबीन तदैव खेत की तैयारी व बुवाई प्रदर्शन स्थल एवं कृषकों का चयन खेत की तैयारी बुवाई क्रमशः कोर ट्रेनिंग टीम का गठन प्रथम प्रशिक्षण सत्र प्रशिक्षण सत्र आरम्भ करना 2‚3‚4 प्रशिक्षण सत्र 5‚6‚7 प्रशिक्षण सत्र 8‚9‚10 तथा कृषक दिवस का आयोजन क्राप कटिंग व मूल्यांकन
5 अरहर (अगैती-अल्पकालिक) तदैव खेत की तैयारी व बुवाई प्रदर्शन स्थल एवं कृषकों का चयन कोर टीम का गठन तथा दो प्रशिक्षण सत्र (10 वीं तथा 25 वीं तारीख) प्रशिक्षण सत्र 3 व 4 प्रशिक्षण सत्र 5 व 6 प्रशिक्षण सत्र 7 व 8 प्रशिक्षण सत्र 9 व 10 मूल्यांकन दिसम्बर में
6 अरहर (पक्षैती-दीर्घकालीन) तदैव - खेत की तैयारी व बुवाई प्रदर्शन स्थल एवं कृषकों का चयन कोर टीम का गठन‚ प्रथम सत्र 25 तारीख (अन्‍तिम सप्ताह सत्र दो माह की 15 तारीख सत्र 3 व 4 (माह की 5 तथा) सत्र 5 (माह की 15 तारीख)
खेत की तैयारी व बुवाई प्रदर्शन स्थल एवं कृषकों का चयन कोर टीम का गठन‚ प्रथम सत्र 25 तारीख (अन्‍तिम सप्ताह) सत्र दो माह की 15 तारीख सत्र 3 व 4 (माह की 5 तथा) सत्र 5 (माह की 15 तारीख)
दिसम्बर 6व 7 माह की 5 व 15 तारीख जनवरी सत्र 8 वां माह की 15 तारीख फरवरी सत्र 9 व 10 माह की 25 तारीख मार्च/अप्रैल किसान दिवस मूल्यांकन
क्रमांक फसल फसल कीट की अवस्था कीट/रोग उपचार
1 चावल 1. बुवाई बीज शोधन एम०ई०एम०सी०‚ स्ट्रैप्टोसाइक्लीन रसायन के घोल में रातभर करना
2. नर्सरी में खरपतवार शस्य क्रियाओं द्वारा नियंत्रण
3. रोपाई के समय - पौधों की चोटी का काटा जाना
4. रोपाई के बाद खरपतवार पौधों की चोटी का काटा जाना
5. बढ़वार की अवस्था हिस्पा‚ पत्ती लपेटक‚ हरा फुदका रासायनिक कीटनाशकों का प्रयोग वर्जित।डालमीज तथा हरे फुदकों के प्रारम्भिक प्रकोप के निर्धारण हेतु 400 से 500 मिली०प्रति हे० एजाडिरेक्टिन 0.03 प्रतिशत (नीम पदार्थ) का छिड़काव पत्ती लपेटक तथा तना छेदक‚ सेपीडाप्टेरा कुल के कीड़ों के लिए वी०टी०का उपयोग।
6. दुग्धावस्था - गंधी निवारण हेतु लहसुन तथा तम्बाकू के घोल का उपयोग
7. दाना अवस्था - यांत्रिक विधियां तथा पानी भरना। तीव्र प्रकोप स्तर पर रासायनिक उपचार
2 कपास 1 बुवार्इ बीज जनित्र रोग गंधक के तेजाब से बीज को रेशाहीन करना। स्टेप्टोसाइक्लीन तथा कार्बेन्डाइजिन से बीज का शोधन।
2 प्रारम्भिक बढ़वार अवस्था (4 से 6 सप्ताह की फसल) 3 मध्य बढ़वार अवस्था (6 सप्ताह से आग) जैसिड तथा माहू पत्ती लपेटक तथा विभिन्न गूलर वेदक कीट एजाडिजैक्टिन 0.03 प्रतिशत (नीम पदार्थ) का 400-500 मिली०प्रति हे० छिड़काव 10-15 दिन के अन्तराल पर करें। पंजाब इलेक्ट्रिक 0.03 प्रतिशत (नीम पदार्थ) 500-700 मिली० प्रति हे० छिड़काव‚ लगभग 10-10 दिन के अन्तराल पर। बेसिलस थ्यूरिजिसेस (वी०टी०) का 750-1000 मिली०/ग्राम का प्रति हे० का छिड़काव।
टिप्पणी 1 फसल की बढ़वार की अवस्था में कीटनाशक का उपयोग वर्जित कर देने से मित्र कीट एवं मकड़ियां आदि की संरचना सुरक्षित रहकर बढ़ेगी एवं भावी नाशी जीवों को नियंत्रण में रखेगी।
2 नीम पदार्थ एवं वी०टी० पूरा लाभ कीड़ों की प्रारम्भिक अवस्था में पौधे के बढ़ने वाले अंगों पर भली प्रकार से छिड़काव करने पर ही मिलेगा।
3 कीटनाशकों जैसे इण्डोसल्फास का प्रयोग नाशी कीटों के आर्थिक प्रकोप स्तर को कार्य करने तथा मित्र कीटों के भाव की दशा में ही किया जाना चाहिए।
3 मूंगफली 1 बुवाई बीज जनित्र रोग सफेद गिडार समय से बुवाई‚ थिरम तथा कार्बनडाजिम के मिश्रण से बीज शोधन। क्लोराफाइरीफास/क्यूनालफास से बीज उपचार
2 बढ़वार अवस्था माहू तथा फुदके एजाडिजैक्टिन 0.03 प्रतिशत (नीम पदार्थ का प्रयोग)
4 सोयाबीन बुवाई बीज जनित्र रोग गर्डिल बीटिंग (सुरक्षात्मक) थीरम द्वारा बीज शोधन‚ फोरेक/कारबोफ्यूरान का मिट्टी में मिलाया जाना
5 अरहर 1 बुवाई बीज जनित्र रोग उकठा थीरम द्वारा बीज शोधन‚ ट्राइकोडर्मा फफूंदीनाशक पदार्थ से बीज शोधन
2 बढ़वार/फली बनने/की अवस्था पत्ती पलेटक/फली छेदक/पाड प्लाई हेलियोसिस (फली छेदक के लिए) एन०पी०वी० का प्रयोग। एजाडिरेक्टिन 0.03 प्रतिशत नीम पदार्थ का प्रयोग।
नोट बायो एजेन्ट्स (ट्राइको डर्मा‚ ट्राइकोग्रामाएवं एन०पी०वी०) का उत्पादन कृषि विश्वविद्यालय एवं कृषि विभाग के अन्तर्गत स्थापित बायोलैब में हो रहा है। सम्बनिधत बायो लैब से संलग्न सूची के अनुसार आवंटित जनपद आवश्यकतानुसार बायोएजेन्टस प्राप्त कर सकते हैं।