कृषि विभाग,

उत्तर प्रदेश

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सहफसली खेती

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अरहर खरीफ की मुख्य फसल है। मुख्यतः अरहर बारानी क्षेत्रों में उगायी जाती है। अतः पैदावार काफी कम रह जाती है। साथ ही साथ वर्षा के समय से उचित मात्रा में न होने से पैदावार काफी प्रभावित होती है। अतः अरहर को खरीफ की अन्य फसलों को सह फसल क्रम में उगाकर प्रति हेक्टर उत्पादन बढ़ाया जा सकता है। अरहर को अन्य फसलों के साथ उगाने की पद्धतियां निम्न प्रकार हैं

1. अरहर एवं मक्का की सह-फसली खेती की संस्तुत पद्धतियां

शस्य क्रियायें अरहर मक्का
प्रजातियां बहार, एम०ए०एल०-13, नरेन्द्र अरहर-1 अमर मेरठ, पीली, जौनपुरी सफेद
बुवाई का समय जुलाई जुलाई
बुवाई की विधि एम०ए०एल०-13, 120×30 सेमी० तथा बहार 90×25 सेमी० पर पंक्तियों में बोना चाहिए अरहर की एक पंक्ति के बाद मक्का की एक पंक्ति उगाई जाय। पौधे से पौधे की दूरी 20 सेमी० रखें।
बीज की दर 12-15 किग्रा० प्रति हेक्टर। 10 किग्रा० प्रति हेक्टर।
बीजोपचार एक किलो बीज को 2.5 ग्राम थीरम से उपचारित करके बुवाई करें। एक किलो बीज को 2.5 ग्राम थीरम से उपचारित करके बुवाई करें।
उर्वरकों की मात्रा किग्रा० प्रति हेक्टर एक बेसल ड्रेसिंग (प्रत्येक फसल हेतु कूंड में)
(अ)
नत्रजन 30
फास्फोरस 40
पोटाश 30
(ब)
टाप ड्रेसिंग
नत्रजन कुछ नहीं
निकाई-गुड़ाई पहली निराई जमाव के 15 दिन बाद तथा दूसरी निराई 35-40 दिन बाद करनी चाहिए। पहली निराई जमाव के 15 दिन बाद तथा दूसरी निराई 35-40 दिन बाद करनी चाहिए। सिल्किंग की अवस्था पर भूमि में नमी की कमी होने पर सिंचाई करनी चाहिए।

रसायनिक विधि से खरपतवार नियंत्रण
पेन्डामिथिलान 30 प्रतिशत 3.3 लीटर अथवा एलाक्लोर 50 प्रतिशत 2 लीटर हे० की दर से 700-800 लीटर पानी में घोलकर बुवाई के 3 दिन के अंदर प्रयोग करना चाहिए।

2. अरहर एवं मूंगफली की सह-फसली खेती की संस्तुत पद्धतियां

शस्य क्रियायें अरहर मूंगफली
प्रजातियां बहार कौशल, TG 37 A
बुवाई का समय जुलाई का प्रथम पक्ष जुलाई का प्रथम पक्ष
बुवाई की विधि अरहर की पंक्ति से पंक्ति एवं पौधे की दूरी 120×30 सेमी० एवं बहार की दूरी 90/25 सेमी० रखी जाय। इन पंक्तियों के बीच में दो मूंगफली की पंक्तियां 30-30 सेमी० पर बोई जायें। पंक्तियों में बुवाई करें।
बीज की दर 12-15 किग्रा० प्रति हेक्टर 60-65 किग्रा० गिरी प्रति हे० (किस्म के अनुसार)
बीजोपचार एक किलो बीज को 2.5 ग्राम थीरम के साथ उपचारित करके बोएं बोने से पूर्व बीज को 2.5 ग्राम थीरम से 1 किग्रा० बीज की दर से उपचारित किया जाय।
उर्वरकों की मात्रा बेसल ड्रेसिंग (कूंड़ में)
नत्रजन अलग से आवश्यकता नहीं होती। 20
फास्फोरस मूंगफली की फसल में उर्वरकों का प्रयोग करें। 40
निकाई-गुड़ाई मूंगफली की फसल के अनुसार निकाई-गुड़ाई करें। बुवाई के 15-20 दिन बाद पहली सिंचाई गुड़ाई बुवाई के 30-35 दिन बाद दूसरी निकाई-गुड़ाई अवश्य करें।
सिंचाई मूंगफली की फसल के अनुसार आवश्यकतानुसार करें। यदि वर्षा न हो तो आवश्यकतानुसार दो सिंचाइयां खूंटियां (पेगिंग) तथा फली बनते समय करनी चाहिए।