कृषि विभाग,

उत्तर प्रदेश

पारदर्शी किसान सेवा योजना,

किसान का अधिकार किसान के द्वार

मूंगफली

खरीफ एग्रोक्लाइमेटिक जोनवार धान संकर धान बासमती एवं सुगंधित धान सिस्टम ऑफ राइस इंटेंसीफिकेशन जीरो टिल से बुवाई मक्का बाजरा ज्वार सॉवा कोदो राम दाना की खेती मूंगफली सोयाबीन तिल अंडी (अरण्ड) अरहर मूंग उर्द सहफसली खेती खरपतवार नियंत्रण लोबिया तोरिया हरा चारा बीज का महत्त्व क्रॉस एवं मोथा ऊसर सुधार कार्यक्रम सनई की खेती जैव उर्वरक महत्ता एवं उपयोग फसल सुरक्षा रसायनों का नाम व मूल्य पोषक तत्व प्रबंधन फसल चक्र यंत्र एवं मशीनरी खरीफ फसलों के आंकड़े (परिशिष्ट एक एवं दो ) एकीकृत नाशीजीव प्रबंधन कार्यक्रम का मासिक कैलेंडर सघन पद्धतियाँ 2016 मशरूम की खेती जैविक खेती फसलों के अवशेष धान की बुवाई रक्षा रसायन प्रमुख रासायनिक उर्वरक खरीफ फसलों के आंकड़े नकली एवं मिलावटी उर्वरकों की पहचान सत्यापित प्रजातियां महत्वपूर्ण दूरभाष नम्बर

मूंगफली खरीफ की मुख्य तिलहनी फसल है। यह वायु और वर्षा द्वारा भूमि को कटने से बचाती है। मूंगफली के दाने में 22-28 प्रतिशत, प्रोटीन 10-12 प्रतिशत कार्बोहाइड्रेट व 48-50 प्रतिशत वसा पाई जाती है। 100 सेमी० वार्षिक वर्षा वाले क्षेत्रों में मूंगफली की पैदावार अच्छी होती है। यह मुख्यतः झांसी, हरदोई, सीतापुर, खीरी, उन्नाव, बहराइच, बरेली, बदायूं, एटा, फर्रुखाबाद, मुरादाबाद एवं सहारनपुर जनपदों में अधिक क्षेत्रफल में उगाई जाती है।
मूंगफली के अंतर्गत क्षेत्रफल, कुल उत्पादन तथा उत्पादकता के विगत 5 वर्षों के आंकड़े परिशिष्ट-2 में दिये गये है।
निम्न सघन पद्धतियां अपनाकर मूंगफली की उत्पादकता में पर्याप्त वृद्धि की जा सकती है।

1. संस्तुत प्रजातियां
निम्न प्रजातियां सम्पूर्ण उ.प्र. संस्तुत की गयी है।

प्रजाति पकने की अवधि (दिनों में) उपज (कु./हे.) सेंलिंग प्रतिशत विशेषता क्षेत्र उपयुक्त
चित्रा (एम०ए-10) 125-130 25-30 72 फैलने एक से दो मध्यम आकार, बीज कवच चित्र वर्ण फैलाने वाली प्रजाति है। सम्पूर्ण प्रदेश
कौशल (जी०201) 108-112 असिंचित दशा में 15-20 72 फलियों में 1-3 दाने सम्पूर्ण प्रदेश
118-120 सिंचित दशा में 20-25 65 गुच्छेदार मध्यम आकार के दाने सम्पूर्ण प्रदेश
प्रकाश (CSMG-884) 115-120 18-20 70 फैलने वाली सम्पूर्ण प्रदेश
अम्बर(CSMG-84-1) 115-130 25-30 72 फैलने वाली दो दाने वाली दाना गुलाबी एवं सफेद चित्रवर्ण सम्पूर्ण प्रदेश
टी०जी०-37 A 105-110 20-25 72 गुच्छेदार मध्यम 1 से 2 दान विशेषकर बुंदेलखण्ड
उत्कर्ष CSMG-9510 125-130 20-25 72 फैलने वाली 1 से 2 दाने सम्पूर्ण उ०प्र०
दिव्या(CSMG-2003-19) 125-130 20-28 72 अर्ध फैलने वाली 1-2 दाने वाली सम्पूर्ण उ०प्र०

2. बीज दर, बुवाई का समय एवं दूरी पर बुवाई
प्रायः यह देखने में आया कि कृषक मूंगफली के बीज का प्रयोग कम मात्रा में करते हैं जिसके कारण खेते में पौधों की संख्या कम होती है और उपज पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। अतः यह आवश्यक है कि मूंगफली की विभिन्न प्रजातियों के लिए निर्धारित मात्रा में ही बीज का प्रयोग करें। प्रजातियों की बुवाई वड निक्रोसिस बीमारी से बचने के लिए जुलाई के प्रथम पखवारे में करना उचित होगा। बुवाई का सही समय, बीज दर तथा दूरी निम्नानुसार है

प्रजाति बुवाई का समय बीज दर किग्रा० प्रति हे०(गिरी दाना) बुवाई की दूरी पंक्ति से पंक्ति की दूरी (सेमी०) पौध से पौध की दूरी (दूरी)
चन्द्रा ,, 70-75 50 20
उत्कर्ष ,, 70-75 50 20
एम-13 ,, 70-75 45 20
अम्बर ,, 65-70 40 15
चित्रा (एम०ए०10) ,, 65-70 40 15
कौशल (जी.201) ,, 95-100 30 10
टी०जी० 37ए विलम्ब की स्थिति में बुवाई 95-100 30 10
प्रकाश ,, 90-95 30 15
(CSMC-884) ,, 90-95 30 15