कृषि विभाग,

उत्तर प्रदेश

पारदर्शी किसान सेवा योजना,

किसान का अधिकार किसान के द्वार

सघन पद्धतियाँ 2016

खरीफ एग्रोक्लाइमेटिक जोनवार धान संकर धान बासमती एवं सुगंधित धान सिस्टम ऑफ राइस इंटेंसीफिकेशन जीरो टिल से बुवाई मक्का बाजरा ज्वार सॉवा कोदो राम दाना की खेती मूंगफली सोयाबीन तिल अंडी (अरण्ड) अरहर मूंग उर्द सहफसली खेती खरपतवार नियंत्रण लोबिया तोरिया हरा चारा बीज का महत्त्व क्रॉस एवं मोथा ऊसर सुधार कार्यक्रम सनई की खेती जैव उर्वरक महत्ता एवं उपयोग फसल सुरक्षा रसायनों का नाम व मूल्य पोषक तत्व प्रबंधन फसल चक्र यंत्र एवं मशीनरी खरीफ फसलों के आंकड़े (परिशिष्ट एक एवं दो ) एकीकृत नाशीजीव प्रबंधन कार्यक्रम का मासिक कैलेंडर सघन पद्धतियाँ 2016 मशरूम की खेती जैविक खेती फसलों के अवशेष धान की बुवाई रक्षा रसायन प्रमुख रासायनिक उर्वरक खरीफ फसलों के आंकड़े नकली एवं मिलावटी उर्वरकों की पहचान सत्यापित प्रजातियां महत्वपूर्ण दूरभाष नम्बर

खरीफ मौसम में औद्यानिक फसलों की सघन पद्धतियाँ 2016

अ. फलोद्यान
क्र०सं० फल उन्नतिशील प्रजातियाँ रोपण दूरी (मीटर में) अन्य महत्वपूर्ण बिन्दु
1 आम अगेती-बाम्बे ग्रीन, गौरजीत मध्यम- दशहरी, लंगड़ा स्वर्णरेखा, रामकेला (अचार हेतु) दशहरी-51, पिछैती- लखनऊ सफेदा, आम्रपाली, चौसा, फजरी, नीलम, मल्लिका 10×10 आम्रपाली 2.5×2.5 बागों में परागी किस्मों को अवश्य लगाना चाहिए उदाहरण दशहरी के बाग में बाम्बे ग्रीन
2 अमरूद इलाहाबाद, सफेदा, सरदार (एल-49), ललित, संगम 6×6 व्यावसायिक दृष्टि से जाड़ें की अधिक पैदावार के लिए 10 प्रतिशत यूरिया (100ग्राम प्रति ली० पानी का घोल) इलाहाबाद सफेदा एवं 15 प्रतिशत(150ग्राम प्रति लि०) पानी, लखनऊ-49 किस्म में अप्रैल मई (पुष्पावस्था)में दो छिड़काव 8 से 10 दिन के अन्तराल पर करना चाहिए।
3 ऑवला कृष्णा, कंचन, नरेन्द्र-आँवला 6,7 एवं 10, लक्ष्मी-52 6×6 अच्छी फसल के लिए दो प्रजातियों को एक साथ लगाना चाहिए।
4 लीची अर्ली सीडलेस, अर्ली लार्ज रेड, मुजफ्फरपुर, कलकतिया, शाही, रोज सेन्टेड 10
5 कटहल एन०जे०-1,एन०जे०-3, पडरौना, खाजा, रूद्राक्षि 10
6 नींबू कागजी, पंत लेमन-1, विक्रम परमालिनी 4.5-6
7 बेर उमरान, बनारसी,कड़ाका, गोला, पैवन्दी, दनदन 8×8
8 बेल कागजी, मिर्जापुर, नरेन्द्र बेल-5 एवं 9 10×10
9 पपीता हनीड्यू, पूसा नन्हा, पूसा डेलिसियस पूसा ड्रवार्फ, पूसा मेजिस्टिक 1.5 से 2.5 व 1.80×1.80 माह सितम्बर में रोपण करना अच्छा पाया गया है।
10 केला ग्रैण्डनेन, रोबस्टा, ड्रवार्फ, केवेन्डिश पूवन, रसथाली, हरीछाल 1.5 से 2.0 मीटर व 1.80×1.80

(ब) शाकभाजी एवं मसाला
1. खरीफ मौसम में शाकभाजी उत्पादन के लिए विभिन्न शाकभाजी फसलों की नवीन उन्नतिशील प्रजातियों के बीजों का प्रयोग करें। सब्जियों की विभिन्न उन्नतिशील प्रजातियां निम्नलिखित हैः

1 भिण्डी आजाद भिण्डी-1 व 2, वर्षा उपहार, हिसार उन्नत, बी०आर०ओ०-6ए बी०आर०ओ०-10
2 लोबिया पूसा बरसाती, पूसा दो फसली, पूसा कोमल, नरेन्द्र लोबिया-1, बी०आर०ए०, सी०पी०-2
3 मिर्च (मसाला हेतु) पूसा ज्वाला, पंत सी-1, कल्यानपुर चंचल, पंत सी-2 पूसा सदाबहार, आजाद मिर्च-1
मिर्च (गृहवाटिका हेतु) कल्याणपुर चंचल, पूसा, सदाबहार, आजाद मिर्च-1
मिर्च (अचार हेतु) अचार-8 तथा अचार-36
4 बैंगन (गोल फल) पन्त, ऋतुराज, हिसार श्यामल, हिसार प्रगति, के०एस०-224, पूसा अंकुर, पूसा परपिल राउण्ड, पूसा बहार,कल्यानपुर टी-3
बैंगन (लम्बे फल) पूसा परपिल लॉग, पंत सम्राट, आजाद बी-3, पूसा परपिल क्लस्टर, पंजाब बरसाती, आजाद क्रान्ति, नरेन्द्र बैंगन-1
5 लौकी कल्यानपुर लम्बी हरी, लम्बी आजाद हरित,आजाद नूतन, पूसा नवीन, पंजाब कोमल
6 तरोई (चिकनी) पूसा चिकनी, कल्यानपुर हरी चिकनी, पूसा सुप्रिया, आजाद तरोई-1
तरोई (नसदार) पंजाब सदाबहार, पूसा नसदार, स्वर्णमंजरी, पी०के०एम०-1, सतपुतिया
7 करेला पूसा दो मौसमी,कल्यानपुर बारामासी, पूसा विशेष
8 टिण्डा एस०-48, अर्का हिसार, सेलेक्शन-1
9 खीरा कल्यानपुर हरा, प्वाइनसेट, स्वर्ण अगेती, हिसार चयन-1, जापानी लॉग ग्रीन
10 कद्दू आजाद कद्दू-1, पूसा विश्वास, अर्का चन्दन, नरेन्द्र अमृत
11 पेठा सी०ओ०-2
12 अरबी आजाद अरबी-1
13 फूलगोभी अर्ली कुंवारी, पूसा कार्तिकी, पूसा दीपाली, पूसा अर्ली सिन्थेटिक
14 हल्दी आजाद हल्दी-1, राजेन्द्र सोनिया, सुगन्धा, स्वर्णा, सुगना
15 अदरक नाड़िया, बरूआ सागर, रिओडिजेनरो, सुप्रभा तथा मैरान, कालीफर
16 प्याज (खरीफ) एन०-53, एग्री फाउण्ड डार्क रैड, अर्लीग्रेनो