कृषि विभाग,

उत्तर प्रदेश

पारदर्शी किसान सेवा योजना,

किसान का अधिकार किसान के द्वार

एग्रोक्लाइमेटिक जोनवार

एग्रोक्लाइमेटिक जोनवार
फसल का नाम:- धान
एग्रोक्लाइमेटिक जोनवार विभिन्न खरीफ फसलों की सघन पद्धतियाँ
  फसल का नामः धान
क्र०सं०   1 1 2 3 4 5 6 7 8 9
एग्रोक्लाइमेटिक जोन का नाम   2 भावर एवं तराई क्षेत्र सहारनपुर‚ बिजनौर‚ रामपुर‚ मुरादाबाद‚ बरेली‚ पीलीभीत‚ लखीमपुर खीरी‚ बहराइच‚ श्रावस्ती। पश्चिमी मैदानी क्षेत्रः गंगा जमुना दोआब के सहारनपुर‚ मुजफ्फरनगर‚मेरठ‚गाजियाबाद‚बुलन्दशहर‚बागपत‚गौतमबुद्ध नगर मध्य पश्चिमी मैदानी क्षेत्र बिजनौर‚ मुरादाबाद‚ रामपुर‚ बरेली‚ पीलीभीत‚ शाहजहांपुर दक्षिण पश्चिमी र्अद्धशुष्क क्षेत्रः आगरा तथा अलीगढ़ मण्डल के समस्त जनपद मध्य मैदानी क्षेत्रः लखनऊ‚ कानपुर‚ मंडलों के समस्त जनपद एवं इलाहाबाद मंडल के प्रतापगढ़ को छोड़कर शेष जनपद बुन्देलखण्ड क्षेत्र झांसी एवं चित्रकूट धाम मण्डलों के समस्त जनपद उत्तरी पूर्वी मैदानी क्षेत्रः गोण्डा‚ बहराइच‚ कुशीनगर‚बस्ती‚ देवरिया‚गोरखपुर‚महाराजगंज‚ सिद्धार्थनगर‚ बलरामपुर‚श्रावस्ती‚ सन्तकबीर नगर पूर्वी मैदानी क्षेत्रः बाराबंकी‚ फैजाबाद‚सुल्तानपुर‚अमेठी‚ प्रतापगढ़‚जौनपुर‚आजमगढ़‚वाराणसी‚चन्दौली‚मऊ‚बलिया‚अम्बेडकर नगर‚ संत रविदास नगर‚ गाजीपुर। विन्ध्य क्षेत्रः मिर्जापुर‚ इलाहाबाद‚सोनभद्र‚चन्दौली के पठारी भाग
असिंचित दशा   3 नरेन्द्र-118‚ नरेन्द्र-97‚ साकेत-4 बारानी दीप शुष्क सम्राट नरेन्द्र लालमती सभी जोन हेतु नरेन्द्र-118‚ नरेन्द्र-97‚ साकेत-4 बारानी दीप शुष्क सम्राट नरेन्द्र लालमती नरेन्द्र-118‚ नरेन्द्र-97‚ साकेत-4 बारानी दीप शुष्क सम्राट नरेन्द्र लालमती साकेत-4‚ नरेन्द्र-97 बारानी दीप शुष्क सम्राट नरेन्द्र लालमती नरेन्द्र-118‚ नरेन्द्र-97‚ नरेन्द्र लालमती शुष्क सम्राट बारानी दीप साकेत-4 शुष्क सम्राट साकेत-4‚ नरेन्द्र-97‚ नरेन्द्र-118‚बारानी दीप शुष्क सम्राट नरेन्द्र-लालमती साकेत-4‚ नरेन्द्र-97‚ नरेन्द्र-118‚बारानी दीप शुष्क सम्राट नरेन्द्र-लालमती साकेत-4‚ नरेन्द्र-97‚ नरेन्द्र-118‚बारानी दीप शुष्क सम्राट नरेन्द्र-लालमती
सिंचित दशा शीघ्र पकने वाली 4 पूसा-169‚ नरेन्द्र-80 पन्त धान-12 मालवीय धान-3022 नरेन्द्र-2065 सभी जोन हेतु मनहर पूसा-169‚ नरेन्द्र-80 पन्त धान-12 मालवीय धान-3022 शुष्क सम्राट नरेन्द्र लालमती मनहर पूसा-169‚ नरेन्द्र-80 मालवीय धान-3022 शुष्क सम्राट नरेन्द्र लालमती बारानी दीप साकेत-4‚ पन्त धान-12 नरेन्द्र-80 मालवीय धान-3022 शुष्क सम्राट वरानी दीप नरेन्द्र लालमती साकेत-4‚ पन्त धान-12 मालवीय-35 3022 लालमती शुष्क सम्राट नरेन्द्र-80,
नरेन्द्र-97,
साकेत-4‚
शुष्क सम्राट
आई० आर०-36,
नरेन्द्र-118,
नरेन्द्र-97,
नरेन्द्र-80,
पन्त धान-12
शुष्क सम्राट
आई० आर०-36,
नरेन्द्र-118,
नरेन्द्र-97,
नरेन्द्र-80,
पन्त धान-12
शुष्क सम्राट नरेन्द्र लालमती
आई० आर०-36,
नरेन्द्र-118,
नरेन्द्र-97,
नरेन्द्र-80,
पन्त धान-12
शुष्क सम्राट
मध्यम अवधि में पकने वाली 5 पन्त धान-10 पन्त धान-4 सरजू-52, नरेन्द्र-359, नरेन्द्र धान-2026 नरेन्द्र धान2064 पूसा-44, पी०एन०आर०-381 मालवीय धान-36 नरेन्द्र धान-3112-1 नरेन्द्र धान-2065 नरेन्द्र धान-359 पन्त धान-10 पन्त धान-4 मालवीय 36 सरजू-52‚ पूसा-44‚ पी०एन०आर-381 मालवीय धान-36 नरेन्द्र धान-2064 नरेन्द्र धान-2026 नरेन्द्र धान-3112-1 नरेन्द्र धान-2065 पन्त धान-10 पन्त-4 सरजू-52‚ मालवीय धान-36 नरेन्द्र धान-2064 नरेन्द्र धान-2026 नरेन्द्र धान-3112-1 नरेन्द्र धान-2065 धान पन्त-10‚ सरजू-52‚ नरेन्द्र धान-359‚ पी०एन०आर०-381 मालवीय धान-36 नरेन्द्र धान-2026 नरेन्द्र धान-2064 नरेन्द्र धान-3112-1 नरेन्द्र धान-2065 सरजू-52‚ पन्त धान-4‚ नरेन्द्र धान-359 कस्तूरी मालवीय धान-36 नरेन्द्र धान-2026 नरेन्द्र धान-2064 नरेन्द्र धान-3112-1 नरेन्द्र धान-2065 नरेन्द्र-359,सरजू-52,
पी०एन०आर०-381
नरेन्द्र धान-2026
नरेन्द्र धान-2064
नरेन्द्र धान-3112-1
नरेन्द्र धान-2065
सरजू-52,
पन्त धान-4,
नरेन्द्र-359,
पी०एन०आर०-381
नरेन्द्र धान-2026
नरेन्द्र धान-2064
नरेन्द्र धान-3112-1
नरेन्द्र धान-2065
सरजू-52,
पन्त धान-4,
नरेन्द्र-359,
पी०एन०आर०-381
नरेन्द्र धान-2026
नरेन्द्र धान-2064
नरेन्द्र धान-3112-1
नरेन्द्र धान-2065
सरजू-52,
पन्त धान-4,
नरेन्द्र-359,
पी०एन०आर०-381
नरेन्द्र धान-2026
नरेन्द्र धान-2064
नरेन्द्र धान-3112-1
नरेन्द्र धान-2065
सुगन्धित धान   6 टा-3‚ पूसा बासमती-1‚ हरियाणा बासमती-1‚ एन-12 बासमती-370‚ तारावणी बासमती मालवीय बासमती-1 वल्लभ बासमती-22 मालवीय सुगंध-105 मालवीय सुगंध-4-3 नरेन्द्र सुगंध टा-3‚ पूसा बासमती-1‚ हरियाणा बासमती-1‚ तारावणी बासमती कस्तूरी मालवीय बासमती-1 वल्लभ बासमती-22 मालवीय सुगंध-105 मालवीय सुगंध-4-3 नरेन्द्र सुगंध टा-3‚ बासमती-370‚ कस्तूरी‚पूसा बासमती-1‚ मालवीय बासमती-1 वल्लभ बासमती-22 मालवीय सुगंध-105 मालवीय सुगंध-4-3 नरेन्द्र सुगंध पूसा सुगंध-4‚ पूसा सुगंध-5‚टा०-3‚ बसामती-370‚ कस्तूरी‚ पूसा बासमती-1‚ हरियाणा बासमती-1 मालवीय बासमती-1 नरेन्द्र लालमती बल्लभ बासमती-22 मालवीय सुंगध-105 मालवीय सुगंध-4-3 नरेन्द्र सुगंध टा-3‚ पूसा बासमती-1‚धान-1‚3 मालवीय बासमती-1 नरेन्द्र लालमती वल्लभ बासमती-22 मालवीय सुगंध-105 मालवीय सुगंध-4-3 नरेन्द्र सुगंध टा०-3‚ बासमती-370 टा०-3‚ बासमती-370‚ पूसा बासमती-1‚हरियाणा बासमती तरावणी बासमती नरेन्द्र लालमती वल्लभ बासमती-22 मालवीय सुगंध-105 मालवीय सुगंध-4-3 नरेन्द्र सुगध टा०-3‚ बासमती-370‚ पूसा बासमती-1‚हरियाणा बासमती तरावणी बासमती नरेन्द्र लालमती वल्लभ बासमती-22 मालवीय सुगंध-105 मालवीय सुगंध-4-3 नरेन्द्र सुगध टा०-3‚ बासमती-370‚ पूसा बासमती-1‚हरियाणा बासमती तरावणी बासमती नरेन्द्र लालमती वल्लभ बासमती-22 मालवीय सुगंध-105 मालवीय सुगंध-4-3 नरेन्द्र सुगध
ऊसरीली भूमि   7 नरेन्द्र ऊसर धान-3 नरेन्द्र धान-5050 नरेन्द्र ऊसर धान-2008 नरेन्द्र ऊसर धान-2009 सभी जोन हेतु साकेत-4‚ ऊसर धान-1‚2एवं 3‚ सी०एस०आर०-10 एवं 13‚27‚30 नरेन्द्र ऊसर धान-2008 नरेन्द्र ऊसर धान-2009 साकेत-4‚ ऊसर धान-1‚2एवं 3‚ सी०एस०आर०-10‚13‚30 नरेन्द्र ऊसर धान-2008 नरेन्द्र ऊसर धान-2009 साकेत-4‚ ऊसर धान-1‚2एवं 3‚ सी०एस०आर०-10‚13 एवं 3035‚ नरेन्द्र ऊसर धान-2008‚ नरेन्द्र ऊसर धान-2009 सी०एस०आर०-13‚ऊसर सी०एस०आर०-10‚30 नरेन्द्र ऊसर धान-2008 नरेन्द्र ऊसर धान-2009 ऊसर धान-1‚ सी०एस०आर०-13‚ सी०एस०आर-10 नरेन्द्र ऊसर धान-2008 नरेन्द्र ऊसर धार-2009 ऊसर धान-1‚ सी०एस०आर०-13‚ सी०एस०आर-10 नरेन्द्र ऊसर धान-2008 नरेन्द्र ऊसर धार-2009 ऊसर धान-1‚ सी०एस०आर०-13‚ सी०एस०आर-10 नरेन्द्र ऊसर धान-2008 नरेन्द्र ऊसर धार-2009
भूमि की तैयारी   8 गर्मी की जुताई के बाद 2-3 जुताइयां तथा मेड़बन्दी गर्मी की जुताई के बाद 2-3 जुताइयां गर्मी की जुताई के बाद 2-3 जुताइयां गर्मी की जुताई के बाद 2-3 जुताइयां तथा मेड़बन्दी गर्मी की जुताई के बाद 2-3 जुताइयां तथा मेड़बन्दी जल लहरी‚महसूरी‚जलप्रिया‚ जलनिधि‚ जलमग्न‚बाढ़ अवरोधी एम०टी०यू०-7029 वी०पी०टी०-5204 एन०डी०आर०-8002 नरेन्द्र नारायणी नरेन्द्र मयंक नरेन्द्र जलपुष्प स्वर्णी सव-1 जल लहरी‚महसूरी‚जलप्रिया‚ जलनिधि‚ जलमग्न‚बाढ़ अवरोधी वी०पी०टी०-5204 एन०डी०आर०-8002 नरेन्द्र नारायणी नरेन्द्र मयंक नरेन्द्र जलपुष्प स्वर्णी सव-1
बुवाई का समय   9 ज्यादा अवधि वाली प्रजातियों की रोपाई जून के तीसरे सप्ताह तक। कम एवं मध्यम अवधि वाली प्रजातियों की रोपाई जुलाई के अन्‍तिम सप्ताह तक। शीघ्र एवं मध्यम पकने वाली प्रजातियों की रोपाई जून के तीसरे सप्ताह से जुलाई के मध्य तक एवं देर से पकने वाली प्रजातियों की रोपाई जुलाई के अन्‍तिम सप्ताह तक। शीघ्र एवं मध्यम पकने वाली प्रजातियों की रोपाई जून के तीसरे सप्ताह से जुलाई के मध्य तक शीघ्र एवं मध्यम पकने वाली प्रजातियों की रोपाई जून के तीसरे सप्ताह से जुलाई के मध्य तक एवं देर से पकने वाली प्रजातियों की रोपाई जुलाई के अन्‍तिम सप्ताह तक। शीघ्र एवं मध्यम पकने वाली प्रजातियों की रोपाई जून के तीसरे सप्ताह से जुलाई के मध्य तक एवं देर से पकने वाली प्रजातियों की रोपाई जुलाई के अन्‍तिम सप्ताह तक। गर्मी की जुताई के बाद 2-3 जुताइयां तथा मेड़बन्दी गर्मी की जुताई के बाद 2-3 जुताइयां तथा मेड़बन्दी रोटावेटर का प्रयोग करें। गर्मी की जुताई के बाद 2-3 जुताइयां तथा मेड़बन्दी
बीज की मात्रा सीधी बुवाई हेतु 10 1. छिड़काव विधि द्वारा 80 से 100 किग्रा०/हे० धान की किस्म के अनुसार 2. सीड ड्रिल के माध्यम से 40-50 किग्रा०/हे० 1. छिड़काव विधि द्वारा 80 से 100 किग्रा०/हे० धान की किस्म के अनुसार 2. सीड ड्रिल के माध्यम से 40-50 किग्रा०/हे० 1. छिड़काव विधि द्वारा 80 से 100 किग्रा०/हे० धान की किस्म के अनुसार 2. सीड ड्रिल के माध्यम से 40-50 किग्रा०/हे० 1. छिड़काव विधि द्वारा 80 से 100 किग्रा०/हे० धान की किस्म के अनुसार 2. सीड ड्रिल के माध्यम से 40-50 किग्रा०/हे० 1. छिड़काव विधि द्वारा 80 से 100 किग्रा०/हे० धान की किस्म के अनुसार 2. सीड ड्रिल के माध्यम से 40-50 किग्रा०/हे० मध्यम पकने वाली प्रजातियों की रोपाई जून के तीसरे सप्ताह से जुलाई के मध्य तक‚ शीघ्र पकने वाली प्रजातियों की रोपाई 21 जून से 31 जुलाई तक एवं देर से पकने वाली प्रजातियों की रोपाई जुलाई के अन्‍तिम सप्ताह तक। मध्यम पकने वाली प्रजातियों की रोपाई जून के तीसरे सप्ताह से जुलाई के मध्य तक‚ शीघ्र पकने वाली प्रजातियों की रोपाई 21 जून से 31 जुलाई तक एवं देर से पकने वाली प्रजातियों की रोपाई जुलाई के अन्‍तिम सप्ताह तक। जल निधि एवं जलमग्न की सीधी बुवाई अप्रैल के अन्‍तिम सप्ताह से 10 मई तक करना चाहिए। मध्यम पकने वाली प्रजातियों की रोपाई जून के तीसरे सप्ताह से जुलाई के मध्य तक‚ शीघ्र पकने वाली प्रजातियों की रोपाई 21 जून से 31 जुलाई तक एवं देर से पकने वाली प्रजातियों की रोपाई जुलाई के अन्‍तिम सप्ताह तक। जल निधि एवं जलमग्न की सीधी बुवाई अप्रैल के अन्‍तिम सप्ताह से 10 मई तक करना चाहिए। मध्यम पकने वाली प्रजातियों की रोपाई जून के तीसरे सप्ताह से जुलाई के मध्य तक‚ शीघ्र पकने वाली प्रजातियों की रोपाई 21 जून से 31 जुलाई तक एवं देर से पकने वाली प्रजातियों की रोपाई जुलाई के अन्‍तिम सप्ताह तक। जल निधि एवं जलमग्न की सीधी बुवाई अप्रैल के अन्‍तिम सप्ताह से 10 मई तक करना चाहिए।
रोपाई हेतु 11 महीन धान 30 किग्रा०‚ मध्यम धान 35 किग्रा०‚ एवं मोटे धान 40 किग्रा०/हे० महीन धान 30 किग्रा०‚ मध्यम धान 35 किग्रा०‚ एवं मोटे धान 40 किग्रा०/हे० महीन धान 30 किग्रा०‚ मध्यम धान 35 किग्रा०‚ एवं मोटे धान 40 किग्रा०/हे० महीन धान 30 किग्रा०‚ मध्यम धान 35 किग्रा०‚ एवं मोटे धान 40 किग्रा०/हे० महीन धान 30 किग्रा०‚ मध्यम धान 35 किग्रा०‚ एवं मोटे धान 40 किग्रा०/हे० छिड़काव विधि से 80 से 100 कि०/हे० किस्म के अनुसार सीडड्रिल के माध्यम से 40-50 कि०/हे० 80 से 100 कि०/हे० किस्म के अनुसार सीडड्रिल के माध्यम से 40 कि०/हे० 80 से 100 कि०/हे० किस्म के अनुसार सीडड्रिल के माध्यम से 40 कि०/हे० 80 से 100 कि०/हे० किस्म के अनुसार सीडड्रिल के माध्यम से 40 कि०/हे०
    12 महीन धान 30 किग्रा० मध्यम धान‚ 35 किग्रा०‚ एवं मोटे धान 40 किग्रा०/हे० महीन धान 30 किग्रा० मध्यम धान‚ 35 किग्रा०‚ एवं मोटे धान 40 किग्रा०/हे० महीन धान 30 किग्रा० मध्यम धान‚ 35 किग्रा०‚ एवं मोटे धान 40 किग्रा०/हे० महीन धान 30 किग्रा० मध्यम धान‚ 35 किग्रा०‚ एवं मोटे धान 40 किग्रा०/हे०
उर्वरक की मात्रा / हे० नत्रजन 13 120 120 120 120 120 60 120 120 120
फास्फोरस 14 60 60 60 40 60 40 60 60 60
पोटाश 15 60 60 60 20 60 30 60 60 60
गोबर/कम्पोस्ट 16 10-12 टन प्रति हे० 10-12 टन प्रति हे० 10-12 टन प्रति हे० 10-12 टन प्रति हे० 10-12 टन प्रति हे० 10-12 टन प्रति हे० 10-12 टन प्रति हे० 10-12 टन प्रति हे० 10-12 टन प्रति हे०
जिंक सल्फेट 17 20-30 किग्रा० 20-30 किग्रा० 20-30 किग्रा० 20-30 किग्रा० 20-30 किग्रा०
सिंचाई   18 खेत की सतह से पानी अदृश्य होने के एक दिन बाद 5-7 सेमी० सिंचाई करना उपयुक्त होता है। खेत की सतह से पानी अदृश्य होने के एक दिन बाद 5-7 सेमी० सिंचाई करना उपयुक्त होता है। खेत की सतह से पानी अदृश्य होने के एक दिन बाद 5-7 सेमी० सिंचाई करना उपयुक्त होता है। खेत की सतह से पानी अदृश्य होने के एक दिन बाद 5-7 सेमी० सिंचाई करना उपयुक्त होता है। खेत की सतह से पानी अदृश्य होने के एक दिन बाद 5-7 सेमी० सिंचाई करना उपयुक्त होता है। खेत की सतह से पानी अदृश्य होने के एक दिन बाद 5-7 सेमी० सिंचाई करना उपयुक्त होता है खेत की सतह से पानी अदृश्य होने के एक दिन बाद 5-7 सेमी० सिंचाई करना उपयुक्त होता है खेत की सतह से पानी अदृश्य होने के एक दिन बाद 5-7 सेमी० सिंचाई करना उपयुक्त होता है खेत की सतह से पानी अदृश्य होने के एक दिन बाद 5-7 सेमी० सिंचाई करना उपयुक्त होता है
मृदा शोधन   19 खेती की तैयारी करते समय मृदा शोधन के लिये बेवेरिया बेसियाना अथवा ट्राइकोडर्मा 2.5 किग्रा०/हे०+65 से 70 किग्रा० गोबर की खाद/हे० खेती की तैयारी करते समय मृदा शोधन के लिये बेवेरिया बेसियाना अथवा ट्राइकोडर्मा 2.5 किग्रा०/हे०+65 से 70 किग्रा० गोबर की खाद/हे० खेती की तैयारी करते समय मृदा शोधन के लिये बेवेरिया बेसियाना अथवा ट्राइकोडर्मा 2.5 किग्रा०/हे०+65 से 70 किग्रा० गोबर की खाद/हे० खेती की तैयारी करते समय मृदा शोधन के लिये बेवेरिया बेसियाना अथवा ट्राइकोडर्मा 2.5 किग्रा०/हे०+65 से 70 किग्रा० गोबर की खाद/हे० खेती की तैयारी करते समय मृदा शोधन के लिये बेवेरिया बेसियाना अथवा ट्राइकोडर्मा 2.5 किग्रा०/हे०+65 से 70 किग्रा० गोबर की खाद/हे० 2 ग्राम कार्बेन्डाजिम प्रति किग्रा बीज अथवा 40 ग्राम प्लान्टोमाइसिन 2 ग्राम कार्बेन्डाजिम प्रति किग्रा बीज अथवा 40 ग्राम प्लान्टोमाइसिन 2 ग्राम कार्बेन्डाजिम प्रति किग्रा बीज अथवा 40 ग्राम प्लान्टोमाइसिन 2 ग्राम कार्बेन्डाजिम प्रति किग्रा बीज अथवा 40 ग्राम प्लान्टोमाइसिन
फसल सुरक्षा बीज शोधन 20 2 ग्राम कार्बन्डाजिम प्रति किग्रा० बीज अथवा 3 ग्राम प्रति किलो० कार्बन्डाजिम जिम तथा मैकोजेब या 4 ग्राम/हे० 2 ग्राम कार्बान्डाजिम प्रति किग्रा० बीज 2 ग्राम कार्बान्डाजिम प्रति किग्रा० बीज 2 ग्राम कार्बन्डाजिम प्रति किग्रा० बीज 2 ग्राम कार्बन्डाजिम प्रति किग्रा० बीज ब्यूटाक्लोर 50 ई०सी० 3-4 लीटर अथवा ब्यूटाक्लोर 5 प्रतिशत ग्रेन्यूल 30-40 किग्रा० प्रति हे० 2-4-डी सोडियम साल्ट 625 ग्राम प्रति हे० ब्यूटाक्लोर 50 ई०सी० 3-4 लीटर अथवा ब्यूटाक्लोर 5 प्रतिशत ग्रेन्यूल 30-40 किग्रा० प्रति हे० 2-4-डी सोडियम साल्ट 625 ग्राम प्रति हे० ब्यूटाक्लोर 50 ई०सी० 3-4 लीटर अथवा ब्यूटाक्लोर 5 प्रतिशत ग्रेन्यूल 30-40 किग्रा० प्रति हे० 2-4-डी सोडियम साल्ट 625 ग्राम प्रति हे० ब्यूटाक्लोर 50 ई०सी० 3-4 लीटर अथवा ब्यूटाक्लोर 5 प्रतिशत ग्रेन्यूल 30-40 किग्रा० प्रति हे० 2-4-डी सोडियम साल्ट 625 ग्राम प्रति हे०
खरपतवार नियंत्रण 21 ब्यूटाक्लोर 50 ई०सी० 2.50 लीटर अथवा एनिलोफास 30 ई०सी० 1.25ली०/हे० प्रेटिलाक्लोर 50 ई०सी० 1.25 ली० पाइराजोसलफयूरान ईथाइल 10 प्रतिशत डब्लू पी 0.15 किग्रा० बिसपाइरीबैक सोडियम 10 प्रतिशत एस०सी० 0.20 ली० रोपाई के 15-20 दिन बाद नमी की स्थिति में ब्यूटाक्लोर 50 ई०सी० 2.50 लीटर अथवा एनिलोफास 30 ई०सी० 1.25ली०/हे० प्रेटिलाक्लोर 50 ई०सी० 1.25 ली० पाइराजोसलफयूरान ईथाइल 10 प्रतिशत डब्लू पी 0.15 किग्रा० बिसपाइरीबैक सोडियम 10 प्रतिशत एस०सी० 0.20 ली० रोपाई के 15-20 दिन बाद नमी की स्थिति में ब्यूटाक्लोर 50 ई०सी० 2.50 लीटर अथवा एनिलोफास 30 ई०सी० 1.25ली०/हे० प्रेटिलाक्लोर 50 ई०सी० 1.25 ली० पाइराजोसलफयूरान ईथाइल 10 प्रतिशत डब्लू पी 0.15 किग्रा० बिसपाइरीबैक सोडियम 10 प्रतिशत एस०सी० 0.20 ली० रोपाई के 15-20 दिन बाद नमी की स्थिति में ब्यूटाक्लोर 50 ई०सी० 3-4 लीटर अथवा ब्यूटोक्लोर 5 प्रति० ग्रेन्यूल 30-40 किग्रा०/हे० 2-4 डी सोडियम साल्ट 625 ग्राम/हे० एनिलोफास 30 ई०सी० 1.65 ली०/हे० रोपाई के 3-4 दिन के अंदर ब्यूटाक्लोर 50 ई०सी० 3-4 लीटर अथवा ब्यूटोक्लोर 5 प्रति० ग्रेन्यूल 30-40 किग्रा०/हे० 2-4 डी सोडियम साल्ट 625 ग्राम/हे० एनिलोफास 30 ई०सी० एनिलोफास 30 ई०सी० 1.65 ली०/हे० रोपाई के 3-4 दिन के अंदर पाइरेजो सल्फ्यूरान 250 ग्राम/हे० यथा आवश्यक रसायनों का प्रयोग करें। यथा आवश्यक रसायनों का प्रयोग करें। यथा आवश्यक रसायनों का प्रयोग करें। यथा आवश्यक रसायनों का प्रयोग करें।
कीट/रोग नियंत्रण   22 यथा आवश्यक रसायनों का प्रयोग करें। यथा आवश्यक रसायनों का प्रयोग करें। यथा आवश्यक रसायनों का प्रयोग करें। यथा आवश्यक रसायनों का प्रयोग करें। यथा आवश्यक रसायनों का प्रयोग करें। अरहर की उकठा अवरोधी किस्म नरेन्द्र अरहर-1 एवं अमर तथा असिंचित दशा में धान की गोविन्द‚ साकेत-4 आश्विनी किस्म की खेती को प्रोत्साहित करना चाहिए। सोयाबीन एवं अरहर की सहफसली खेती को बढ़ावा दिया जाना चाहिए। उपरहार क्षेत्रों में धान की शीघ्र पकने वाली तथा जलभराव क्षेत्रों में उस दशा के लिए संस्तुत किस्मों का प्रयोग करें। ऊसर क्षेत्र के लिए उपयुक्त किस्मों का प्रयोग कर आमदनी बढ़ायी जा सकती है। बहराइच एवं गोण्डा में मक्का की जल्दी पकने वाली किस्मों विशेषकर संकर एवं संकुल को बढ़ावा दिया जाना चाहिए। धान की शीघ्र पकने वाली किस्मों तथा अरहर की बांझ रोग अवरोधी नरेन्द्र अरहर-1 की खेती को बड़े पैमाने पर प्रोत्साहित किये जाने की आवश्यकता है। निचले क्षेत्रों में अरहर की बहार किस्म का उपयोग करें। शीघ्र से मध्यम समय में पकने वाली धान की किस्मों को बढ़ावा दिया जाना चाहिए। अरहर की बॉझ रोग अवरोधी किस्म नरेन्द्र अरहर-1 की खेती को बढ़ावा दिया जाना चाहिए।
जोनवार संक्षिप्त संस्तुतियाँ   23 धान की नर्सरी समय से डालकर रोपार्इ भी समय से करें, ताकि अगली फसल के लिए खेत समय पर खाली हो सके। - सुगन्धित धान की खेती को प्रोत्साहित किया जाय। धान की नर्सरी समय से डालकर रोपार्इ भी समय से करें, ताकि अगली फसल के लिए खेत समय पर खाली हो सके। - सुगन्धित धान की खेती को प्रोत्साहित किया जाय।- मक्का की शीघ्र पकने वाली संकर तथा संकुल किस्मों के प्रयोग पर बल दिया जाय। - चारा हेतु उन्नत किस्मों का उपयोग करें। बिजनौर, पीलीभीत तथा रामपुर में सुगन्धित धान की पर्याप्त सम्भावनाएं हैं। - बदायूं जपद में मूंगफली एवं धान की शीघ्रता पकने वाली प्रजातियों‚ बाजरा की संकर तथा अरहर एवं चारे की सहफसली खेती को बढ़ावा दिये जाने की आवश्यकता है। सिंचित क्षेत्रों में धान की एन०डी०आर० 359‚ एन०डी०आर० 118 व पन्त धान-10 की खेती को बढ़ावा देना चाहिए।