कृषि विभाग,

उत्तर प्रदेश

पारदर्शी किसान सेवा योजना,

किसान का अधिकार किसान के द्वार

मक्का

जायद में मक्का की खेती भुट्टो एंव चारे दोनो के लिए की जाती है। प्रदेश मे विगत पांच वर्षो के क्षेत्रफल उत्पादन उत्पादकता के आकडे निम्नवत् है।

वर्ष क्षेत्रफल (हे.) उत्पादन (मी. टन) उत्पादकता कु./हे.
2008 22000 32000 14.37
2009 26539 38375 14.46
2010 3020 44239 14.66
2011 33320 55078 16.53
2012 44000 81000 18.53
2013 48224 91432 18.96
2014 62374 110903 17.78

भूमि की चुनाव
मक्का की खेती के लिए पर्याप्त जीवांश वाली दोमट भूमि अच्छी होती है। भली-भांति समतल एवं अच्छी जल धारण शक्ति वाली भूमि मक्का की खेती के लिए उपयुक्त होती है।

भूमि की तैयारी
पलेवा करने के बाद मिट्टी पलटने वाले हल से 10-12 सेमी. गहरी एक जुताई तथा उसके बाद कल्टीवेटर या देशी हल से दो-तीन जुताइयां करके पाटा लगाकर खेत की तैयारी कर लेनी चाहिए।

प्रजातियां
जायद हेतु मक्का की निम्न प्रजातियां संस्तुत हैं

क्र सं. प्रजाति पकने की अवधि दिन दाने की उपज कु./हे.
अ. संकुल
नवजोत 75-80 35-40
नवीन 75-80 35-40
श्वेता 75-80 35-40
आजाद उत्तम 75-80 35-40
कंचन 70-75 35-40
गौरव 70-75 35-40
ब. संकर
प्रकाश 70-75 35-40
जे.एच.3459 70-75 35-40
पूसा अगेती संकर मक्का-2 70-75 35-40
दक्कन-115 80-85 40-45
एम.एम.एच.-133 80-85 40-45
प्रो.-4212 80-85 40-45
शिशु मक्का हेतु भी उपयुक्त
मालवीय संकर मक्का-2 80-85 40-45
एच.क्यू.पी.एम.-15 85-90 45-50
स. हरे भट्टे हेतु
संकुल
माधुरी (मीठी मक्का)
प्रिया (मीठी मक्का)
विन आरेंज (मीठी मक्का)
द. शिशु मक्का हेतु उपज (कु./हे.) छिलका सहित छिलका सहित लम्बाई सेमी. शिशु मक्का की छिलका रहित उपज
आजाद कमल 45-45  4 -5 15-20
प्रकाश 45-50 4-5 16-18
पूसा अगेती संकर मक्का-2 45-50 5-6 16-18
एच.एम.-4 45-50 7-8 15-20

शिशु मक्का के लिए जीरा निकलते ही उन्हें तोड़ देना चाहिए। इससे शिशु भुट्टे अधिक निकलते है।

बुवाई का समय
मक्का की बुवाई के लिए फरवरी का प्रथम सप्ताह सर्वोत्तम है। बुवाई 20 फरवरी तक अवश्य कर लेना चाहिए। विलम्ब करने से जीरा निकलते समय गर्म हवायें चलने पर सिल्क तथा पराग कणों के सूखने की सम्भावना रहती है जिससे दाना नहीं पड़ता है।

बीज दर
20-25 किग्रा. संकुल एवं 18-20 किग्रा. संकर बीज प्रति हेक्टेयर पर्याप्त होता है। बीज को 2.5 ग्राम थीरम या 2 ग्राम कार्बेन्डाजिम रसायन से प्रति किलो बीज को शोधित करके बोयें।

बुवाई की विधि
मक्का की बुवाई हल के पीछे उठे हुये बेड पर लाइनों में करें। संकर व संकुल प्रजातियों की बुवाई 60 सेमी. की दूरी पर करनी चाहिए। पौधे से पौधे की दूरी 20-25 सेमी. रखनी चाहिए। मीठी मक्का की बुवाई अन्य प्रजातियों से लगभग 400 मीटर की दूरी पर करना चाहिए।