कृषि विभाग,

उत्तर प्रदेश

पारदर्शी किसान सेवा योजना,

किसान का अधिकार किसान के द्वार

नाबार्ड इंटीग्रेटेड रेन वाटर मैनेजमेंट

इंटीग्रेटेड रेनवाटर मैनेजमेंट प्रोजेक्ट इन रेनफेड इकोसिस्टम गैंजेटिक प्लेन, यू.पी.

नाबार्ड के ग्रामीण अवस्थपना विकास कोष-11 के अन्तर्गत दसवीं पंचवर्षीय योजना अवधि में गैजेटिक प्लेन के अन्तर्गत 131000 हेक्टेयर क्षेत्र में एकीकृत वर्षा जल प्रबन्धन हेतु रू0 5265.83 लाख की योजना स्वीकृत हेतु नाबार्ड कों प्रेषित की गई है।

उद्देश्य
योजना के प्रमुख उद्देश्य निम्नाकिंत है।

  • कृषि उत्पादन एवं उत्पादकता में बढ़ोत्तरी हेतु प्रभावी नमी संरक्षण एवं वर्षा जल का संचयन कर वर्षा आधारित खेती को बढ़ावा देना।
  • खाद्यान्न, ईंधन, चारा एवं रेशा उत्पादन के सत्त विकास हेतु जलसमेट क्षेत्रा के आधार पर बीहड़ पारितंत्र में भूमि एवं जल संसाधन का संरक्षण, विकास एवं प्रबन्धन करना।
  • वर्षा जल संरक्षण के माध्यम से भूसतह एवं भूगर्भ जल स्तर में वृद्धि कर पर्यावरण सुधार एवं जैव विविधता में वृद्धि।
  • रोजगार सृजन के सुनिश्चित अवसर प्रदान करना।
  • परियोजना क्षेत्र में लाभार्थियों की आर्थिक स्थिति में वृद्धि करते हुए जीवन स्तर में सुधार लाना।

कार्यक्षेत्र

योजनान्तर्गत 39 जनपद यथा-अम्बेडकरनगर, फैजाबाद, गोण्डा, बलरामपुर, बहराईच, श्रावस्ती , बलिया, मऊ, आजमगढ़, जौनपुर, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, मुरादाबाद, जे0पी0नगर, लखीमपुरखीरी, लखनऊ, सीातपुर, हरदोई, औरैया, मिर्जापुर, संतरविदासनगर, वाराणसी, चन्दौली, गाजीपुर, देवरिया, महराजगंज, कुशीनगर एवं गोरखपुर के गंगा नदी के बारानी क्षेत्रों को एवं जालौन, हमीरपुर, बॉदा, चित्रकूट, आगरा, इटावा, औरैया, कानपुर नगर, कानपुर देहात तथा फतेहपुर के यमुना नदी के जलसमेट क्षेत्रों को चयनित किया गया है।

कृषको को देय सुविधायें
योजनान्तर्गत कृषकों को निम्न सुविधायें देय होगी।

  • अनुसूचित जाति एवं जनजाति के कृषकों को लागत का 95 प्रतिशत अनुदान एवं शेष प्रतिशत देय है।
  • लघु/सीमान्त कृषकों से लागत का 90 प्रतिशत अनुदान एवं 10 प्रतिशत देय है।
  • बड़े कृषकों को उनकी भूमि पर कराये गये निजी लाभ के कार्यो पर कोई अनुदान देय नही है। जिसकी वसूली उ0प्र0 भूमि एवंज ल संरक्षण अधिनियम 1963 के अधीन बकाया भू-राजस्व के रूप में किया जायेगा।