कृषि विभाग,

उत्तर प्रदेश

पारदर्शी किसान सेवा योजना,

किसान का अधिकार किसान के द्वार

जिप्सम का वितरण

मृदा में सूक्ष्म तत्वों की कमी को दूर करने एवं भूमि सुचार हेतु जिप्सम का वितरण योजना

योजना का संक्षिप्त विवरण

जिप्सम एक खनिज है जिसमें सूक्ष्म तत्व गंधक एवं कैल्शियम प्रचुर मात्रा में पाया जाता है इसके प्रयोग से मृदा के भौतिक, रासायनिक एवं जैविक गुणों में सुधार होता जिससे फसलों के उत्पादन, उत्पादकता एवं गुणवत्ता में वृद्धि होती है। जिप्सम वितरण की योजना प्रदेश के सभी जनपदों में संचालित है। योजना के अन्तर्गत समस्त श्रेणी के कृषक अनुदान पाने के लिये पात्र है। लघु एवं सीमान्त कृषकों को प्राथमिकता पर वितरण करने की व्यवस्था है। जिप्सम की आपूर्ति यू0पी0एग्रो द्वारा जनपद के उप कृषि निदेशकों के द्वारा बताये गये केन्द्रो की जाती है। जहां से कृषकों को अनुदान पर जिप्सम उपलब्ध कराया जाता है।

उद्देश्य

  • क्षारीय/ऊसर भूमि को पुनः खेती योग्य बनाना।
  • भूमि की उर्वरा शक्ति एवं उत्पादन में वृद्धि करना।
  • भूमि के पी0एच0 मान में संतुलन करना।
  • मृदा में कैल्शियम एवं सल्फर की मात्रा में वृद्धि करना।

योजना का कार्यक्षेत्र - प्रदेश के समस्त जनपद।

जिप्सम वितरण हेतु कृषकों की पात्रता

  • येाजना के अन्तर्गत समस्त श्रेणी के लाभ पाने के लिये हकदार होंगे लेकिन लघु एवं सीमान्त कृषकों को प्राथमिकता दी जायेगी एवं किसी एक कृषक को 2 हेक्टेयर की सीमा तक की प्रयोग करने हेतु जिप्सम उपलब्ध कराया जायेगा।
  • जिन कृषकों को एक बार जिप्सम का अनुदान अनुमन्य कराया जायेगा वह तीन वर्ष के बाद ही पुनः अनुदान प्राप्त करने के लिये पात्र होंगे।

योजना का क्रियान्वयन एवं अनुश्रवण

योजना का क्रियान्वयन एवं अनुश्रवण जनपदीय उप कृषि निदेशक के द्वारा किया जायेगा।

अनुमन्य सुविधायें एवं अनुदान

अ - केन्द्रीय योजनाओं के अन्तर्गत - भारत सरकार से 50 प्रतिशत अनुदान राज्य सरकार से 25 प्रतिशत अनुदान (कुल 75 प्रतिशत)

ब - राज्य सेक्टर योजनान्तर्गत - सामान्य कृषकों के लिये 75 प्रतिशत अनुदान अनुमन्य है।

भौतिक वित्तीय प्रगति माह----------------तक (भौतिक मै0टन में, वित्तीय लाख रू0 में)

क्र०सं० वर्ष स्वीकृत कार्य योजना आवंटित धनराशि प्रगति प्रतिशत
भौतिक वित्तीय भौतिक वित्तीय भौतिक वित्तीय
1 2017-18