कृषि विभाग,

उत्तर प्रदेश

पारदर्शी किसान सेवा योजना,

किसान का अधिकार किसान के द्वार

बाजरा के रोग

बुवाई एवं जमाव की अवस्था

(जुलाई मध्य से अगस्त मध्य)
(क) संकर पूसा-322,पूसा-23
(ख) संकुल प्रजाति आई0सी0एम0बी0-155,डब्लू0सी0सी0-75

1-दीमक

पहचान

रोकथाम

  • खेत में कच्चे गोबर का प्रयोग नहीं करना चाहिए।
  • फसलों के अवशेषों को नष्ट कर देना चाहिए।
  • नीम की खली 10 कुन्तल प्रति हे0 की दर से बुवाई से पूर्व खेत में मिलाने से दीमक के प्रकोप में कमी आती है।
  • यूवेरिया बैसियाना 1.15 प्रतिशत बायोपेस्टीसाइड (जैव कीटनाशी) की 2.5 किग्रा0 प्रति हे0 60-75 किग्रा0 गोबर की खाद में मिलाकर हल्के पानी का छींटा देकर 8-10 दिन तक छाया में रखने के उपरान्त बुवाई के पूर्व आखिरी जुताई पर भूमि में मिला देने से दीमक कीटों का नियंत्रण हो जाता है।

रसायनिक नियंत्रण

  • क्लोरोपाइरीफास 20 प्रतिशत ई0सी0 2.5 ली0 प्रति हे0 की दर से सिंचाई के पानी के साथ प्रयोग करना चाहिये।

2-सूत्रकृमि

पहचान

रोकथाम

  • गर्मी की गहरी जुताई करें।
  • विरलीकरण (थीनिंग) द्वारा पौधे की निर्धारित दूरी सुनिश्चित कर लें।

रसायनिक नियंत्रण

  • रसायनिक नियंत्रण हेतु बुवाई से एक सप्ताह पूर्व खेत में 10 किग्रा0 फोरेट 10 जी फैलाकर मिला दे।