कृषि विभाग,

उत्तर प्रदेश

पारदर्शी किसान सेवा योजना,

किसान का अधिकार किसान के द्वार

गन्ना के रोग

3-पायरिला (जुलाई से सितम्बर तक)

कीट का सिरा लम्बा व चोंचनुमा होता है। इसके शिशु तथा वयस्क गन्ने की पत्ती से रस चूसकर क्षति पहुॅचाते है।

पहचान

रोकथाम

  • अण्ड समूहों को निकाल कर नष्ट कर देना चाहिए।
  • फसल वातावरण में पायरिला कीट के परजीवी एपीरिकेनिया मेलोनोल्यूका को संरक्षण प्रदान करना चाहिए। परजीवी कीट की पर्याप्त उपस्थित में कीट की स्वतः रोकथाम हो जाती है।

रसायनिक नियंत्रण

रसायनिक नियंत्रण हेतु निम्नलिखित कीटनाषको में से किसी एक का प्रयोग करना चाहिए।

  • क्यूनालफास 25 प्रतिशतई0सी0 2 ली0 प्रति हे0 800-1000 ली0 पानी में घोलकर छिडकाव करना चाहिए
  • डाइक्लोरोवास 76 प्रतिशतई0सी0 375 मिली0 800-1000 ली0 पानी में घोलकर छिडकाव करना चाहिए
  • क्लोरपाइरीफास 20 प्रतिशतई0सी01.5 ली0 प्रति हे0 800-1000 ली0 पानी में घोलकर छिडकाव करना चाहिए

4-पोरी बेधक (इन्टर नोड बोरर) (जुलाई से अक्टूबर तक)

इसके लारवा गन्ने के कोमल व मुलायम भाग को क्षतिग्रस्त कर पोरी में बेधक करते हुए गन्ने के ऊपरी भाग में पहुंच जाते है।

पहचान

रोकथाम

  • गन्ने की सूखी पत्तियाँ को काट कर अलग कर देना चाहिए।
  • नाइट्रोजन का अधिक उपयोग नही करना चाहिए।
  • खेत में समुचित जल प्रबन्ध करना चाहिए।
  • एकीकृत नाशीजीव प्रबन्धन के अन्तर्गत ट्राइकोग्रामा कीलोनिस के 10 कार्ड प्रति हे0 15 दिन के अन्तराल पर सायंकाल में प्रयोग करना चाहिए

रसायनिक नियंत्रण

रसायनिक नियंत्रण हेतु निम्नलिखित कीटनाशकों में से किसी एक का प्रयोग करना चाहिए।

  • मोनोक्रोटोफास 36 प्रतिशत एस0एल0 2 ली0 प्रति हे0 800-1000 ली0 पानी में घोलकर छिडकाव करना चाहिए
  • क्लोरपाइरीफास 20 प्रतिशत ई0सी01.5 ली0 प्रति हे0 800-1000 ली0 पानी में घोलकर छिडकाव करना चाहिए
  • कार्बोफ्यूरान 3 प्रतिशत सी0जी0 30 किग्रा0 प्रति हे0 की दर से बुरकाव करना चाहिए
  • फोरेट 10 प्रतिशत सी0जी0 30 किग्रा0 प्रति हे0 की दर से बुरकाव करना चाहिए ।