कृषि विभाग,

उत्तर प्रदेश

पारदर्शी किसान सेवा योजना,

किसान का अधिकार किसान के द्वार

गन्ना के रोग

बढ़वार की अवस्था (लेटर स्टेज)

(जुलाई से अक्टूबर तक)

1-तना बेधक (स्टेम बोरर)

कीट का प्रकोप वर्षा काल के बाद जल भराव की स्थित में अधिक पाया जाता है। यह कीट तनों में छेद करके इसके अन्दर प्रवेष कर जाता है तथा पोरी के अन्दर का गूदा खा जाता है जिसके कारण उपज में कमी आ जाती है।

पहचान

रोकथाम

  • गन्ने की सूखी पत्तियाँ को काट कर अलग कर देना चाहिए।
  • एकीकृत नाशीजीव प्रबन्धन के अन्तर्गत ट्राइकोग्रामा कीलोनिस के 10 कार्ड प्रति हे0 की दर से 15 दिन के अन्तराल पर सायंकाल प्रयोग करना चाहिए

रसायनिक नियंत्रण

रसायनिक नियंत्रण हेतु निम्नलिखित कीटनाषको में से किसी एक का प्रयोग करना चाहिए।

  • मोनोक्रोटोफास 36 प्रतिशत एस0एल0 2 ली0 प्रति हे0 800-1000 ली0 पानी में घोलकर छिडकाव करना चाहिए
  • क्लोरपाइरीफास 20 प्रतिशत ई0सी01.5 ली0 प्रति हे0 800-1000 ली0 पानी में घोलकर छिडकाव करना चाहिए
  • कार्बोफ्यूरान 3 प्रतिशत सी0जी0 30 किग्रा0 प्रति हे0 की दर से बुरकाव करना चाहिए
  • फोरेट 10 प्रतिशत सी0जी0 30 किग्रा0 प्रति हे0 की दर से बुरकाव करना चाहिए ।

2-गुरूदासपुर बेधक

कीट का प्रकोप जुलाई से अक्टूबर तक रहता है। सूडी ऊपर से दूसरी या तीसरी पोरी में प्रवेष कर अन्दर से गन्ने को खोखला कर देती है।

पहचान

रोकथाम

  • गन्ने की सूखी पत्तियाँ को काट कर अलग कर देना चाहिए।
  • एकीकृत नाशीजीव प्रबन्धन के अन्तर्गत ट्राइकोग्रामा कीलोनिस के 10 कार्ड प्रति हे0 की दर से 15 दिन के अन्तराल पर सायंकाल प्रयोग करना चाहिए ।

रसायनिक नियंत्रण

रसायनिक नियंत्रण हेतु निम्नलिखित कीटनाषको में से किसी एक का प्रयोग करना चाहिए।

  • मोनोक्रोटोफास 36 प्रतिशत एस0एल0 2 ली0 प्रति हे0 800-1000 ली0 पानी में घोलकर छिडकाव करना चाहिए
  • क्लोरपाइरीफास 20 प्रतिशत ई0सी01.5 ली0 प्रति हे0 800-1000 ली0 पानी में घोलकर छिडकाव करना चाहिए
  • कार्बोफ्यूरान 3 प्रतिशत सी0जी0 30 किग्रा0 प्रति हे0 की दर से बुरकाव करना चाहिए
  • फोरेट 10 प्रतिशत सी0जी0 30 किग्रा0 प्रति हे0 की दर से बुरकाव करना चाहिए ।