कृषि विभाग,

उत्तर प्रदेश

पारदर्शी किसान सेवा योजना,

किसान का अधिकार किसान के द्वार

राई-सरसों के रोग

बढ़वार की अवस्था ( कीट )

(नवम्बर-दिसम्बर)

1-आरा मक्खी

पहचान

रोकथाम

  • गर्मी में गहरी जुताई करनी चाहिए।
  • समय से बुवाई करें।
  • खेत की निगरानी करते रहना चाहिए। 5 गंधाश(फेरोमैन ट्रैप) प्रति हे0 की दर से प्रयोग करना चाहिए।
  • बैसिलस थूरिनजिएन्सिस(बी0टी0) 1.0 किग्रा0 प्रति हे0 की दर से 400-500 ली0 पानी में घोलकर आवश्यकतानुसार 15 दिन के अन्तराल पर सायंकाल छिडकाव करना चाहिए।

रसायनिक नियंत्रण

रसायनिक नियंत्रण हेतु निम्नलिखित कीटनाशकों में से किसी एक का प्रयोग करना चाहिए।

  • मैलाथियान 5 प्रतिशत डी0पी0 की 20-25 किग्रा0 प्रति हे0 की दर से बुरकाव करना चाहिए।
  • मैलाथियान 50 प्रतिशत ई0सी की 1.5 ली0 प्रति हे0 की दर से 600-700 ली0 पानी में घोलकर छिडकाव करना चाहिए।
  • डाईक्लोरोवास 76 प्रतिशत ई0सी0 की 500 मिली0 की दर से 600-700 ली0 पानी में घोलकर छिडकाव करना चाहिए।
  • क्यूनालफास 25 प्रतिशत ई0सी0 1.25 ली0 प्रति हे0 की दर से 600-700 ली0 पानी में घोलकर छिडकाव करना चाहिए।