कृषि विभाग,

उत्तर प्रदेश

पारदर्शी किसान सेवा योजना,

किसान का अधिकार किसान के द्वार

मसूर के रोग

फूल आने की अवस्था

(जनवरी-फरवरी)

1-अर्द्ध कुण्डलीकार कीट (सेमीलूपर कीट)

पहचान

रोकथाम

  • गर्मी में गहरी जुताई करनी चाहिए।
  • समय से बुवाई करें।
  • खेत की निगरानी करते रहना चाहिए। 5 गंधपाश(फेरोमैन ट्रैप) प्रति हे0 की दर से प्रयोग करना चाहिए।

रसायनिक नियंत्रण

रसायनिक नियंत्रण हेतु निम्नलिखित कीटनाशकों में से किसी एक का प्रयोग करना चाहिए।

  • बैसिलस थूरिनजिएन्सिस(बी0टी0) 1.0 किग्रा0 प्रति हे0 की दर से 400-500 ली0 पानी में घोलकर आवश्यकतानुसार 15 दिन के अन्तराल पर सायंकाल छिडकाव करना चाहिए।
  • फेनवैलरेट 20 प्रतिशत ई0सी0 1.0 ली0 प्रति हे0 की दर से 500-600 ली0 पानी में घोलकर छिडकाव करना चाहिए।
  • क्यूनालफास 25 प्रतिशत ई0सी0 2.0 ली0 प्रति हे0 की दर से 500-600 ली0 पानी में घोलकर छिडकाव करना चाहिए।
  • मोनोक्रोटोफास 36 प्रतिशत एस0एल0 1.0 ली0 प्रति हे0 की दर से 500-600 ली0 पानी में घोलकर छिडकाव करना चाहिए।

2-माहूॅ

पहचान

रोकथाम

  • गर्मी में गहरी जुताई करनी चाहिए।
  • समय से बुवाई करें।
  • खेत की निगरानी करते रहना चाहिए। 5 गंधपाश(फेरोमैन ट्रैप) प्रति हे0 की दर से प्रयोग करना चाहिए।

रसायनिक नियंत्रण

रसायनिक नियंत्रण हेतु निम्नलिखित कीटनाशकों में से किसी एक का प्रयोग करना चाहिए।

  • एजाडिरैक्टिन(नीम आयल) 0.15 प्रतिशत ई0सी0 2.5 ली0 प्रति हे0 की दर से 500-600 ली0 पानी में घोलकर छिडकाव करना चाहिए।
  • डाइमेथोएट 30 प्रतिशत ई0सी0 1 ली0 प्रति हे0 की दर से 500-600 ली0 पानी में घोलकर छिडकाव करना चाहिए।
  • मिथाइल-ओ-डेमेटान 25 प्रतिशत ई0सी0 1 ली0 प्रति हे0 की दर से 500-600 ली0 पानी में घोलकर छिडकाव करना चाहिए।
  • मोनोक्रोटोफास 36 एस0एल0 750 मिली0 प्रति हे0 की दर से से 500-600 ली0 पानी में घोलकर छिडकाव करना चाहिए।