कृषि विभाग,

उत्तर प्रदेश

पारदर्शी किसान सेवा योजना,

किसान का अधिकार किसान के द्वार

कृषि तिलहन

सिंचाई जल को स्रोत से खेत तक ले जाने हेतु पाइप का वितरण

सिंचाई जल को स्रोत से खेत तक ले जाने में होने वाली बर्बादी को दृष्टिगत रखते हुए भारत सरकार द्वारा वर्ष 2016-2017 मंे योजनान्र्तगत कृषकों को अनुदान पर पाइप वितरण का प्राविधान किया गया है। जिससे 40 से 50 प्रतिशत तक सिंचाई जल बचाया जा सके। वित्तीय वर्ष 2016-17 में भारत सरकार द्वारा नेशनल मिशन ऑन ऑयल सीड्स एण्ड ऑयल पॉम (N.M.O.O.P.) योजना एंव राज्य सरकार द्वारा संचालित तिलहन उत्पादन बढाने हेतु कृषकों को सहायता योजनान्र्गत निम्नवत् अनुदान अनुमन्य कराया जायेगा।

क्र0 सं0 मद का नाम भारत सरकार द्वारा (N.M.O.O.P.) योजना से देय अनुदान राज्य सरकार द्वारा संचालित तिलहन उत्पादन बढाने हेतु कृषकों को सहायता योजना से अतिरिक्त देय अनुदान
1 एच0डी0पी0ई0 पाइप रु0 50.00 प्रति मीटर रु0 25.00 प्रति मीटर
2 पी0वी0सी0 पाइप रु0 35.00 प्रति मीटर शून्य
3 बूवेन फैब्रिक्स एच0डी0पी0ई0 लैमिनेटेड फलैट टयूब रु0 20.00 प्रति मीटर शून्य

भारत सरकार द्वारा दिये गये दिशा निर्देशों के अनुसार यदि कृषक स्प्रिंकलर इरीगेशन सिस्टम के साथ-साथ सिंचाई जल को स्रोत से खेत तक ले जाने हेतु पाइप भी प्राप्त करना चाहता है तो कृषक को उक्त दोनो मदों में अनुदान अनुमन्य कराया जायेगा।

फलैक्सी फण्ड

भारत सरकार द्वारा प्रदत्त दिशा निर्देशों के अनुसार प्रदेश में नेशनल मिशन ऑन ऑयल सीड्स एण्ड ऑयल पॉम योजना के अन्तर्गत कुल मात्राकृत धनराशि के 10 प्रतिशत की सीमा तक फलैक्सी फण्ड का प्राविधान किया गया है। जिसमें निम्न मदें प्रस्तावित है-

क- डीजल पम्प सेट

तिलहनी फसलों में सिंचाई सुविधाओ के विस्तार हेतु डीजल पम्प सेट के मूल्य का 50 प्रतिशत अधिकतम रू0 10000/- का अनुदान कृषकों को अनुमन्य होगा। डीजल पम्प सेट भारत सरकार द्वारा आई0एस0आई0 प्रमाणित होना अनिवार्य है।

ख- जिला स्तरीय तिलहन मेला

योजनान्तर्गत प्रति जिला स्तरीय तिलहन मेलें पर रू0 100000/- की धनराशि मात्राकृत की गयी है। मेलों का उद्घाटन क्षेत्रीय जन प्रतिनिधियों अथवा जिलाधिकारियों/मण्डलायुक्त द्वारा कराया जायेगा साथ ही कृषकों में तिलहनी खेती के प्रति जागरूकता पैदा करने हेतु कृषि यन्त्र, कृषि रक्षा उपकरण, स्प्रिंकलर इरीगेशन सिस्टम, एच0डी0पी0ई0 पाइप एवं डीजल पम्प सेट आदि का प्रदर्शन स्टाॅल लगाकर किया जायेगा एंव वैज्ञानिको को भी आंमत्रित किया जायेगा।

नेशनल मिशन ऑन ऑयल सीड्स एण्ड ऑयल पॉम (N.M.O.O.P.) अर्न्तगत Tree Borne oilseeds वृक्षजनित तेल कार्यक्रम 2016-2017

योजना की आवश्यकता

भारत सरकार द्वारा प्रदत्त दिशा निर्देशों के अनुसार प्रदेश में नेशनल मिशन ऑन ऑयल सीड्स एण्ड ऑयल पॉम योजना के अन्तर्गत मिनी मिशन-।।। (वृक्षजनित तेल कार्यक्रम) संचालित किया जा रहा है। वृक्षजनित तेल प्राप्त करने हेतु कृषि विभाग अन्य विभाग यथा Department of Forest/Central or State level Corporations/Institutes of the Ministry of Forest & Environment of the Government of India/ICAR / SAUs / CSIR / ICFRE / CFTRI / TERI / IITs / KVIC etc. से यथा सम्भव सहयोग प्राप्त कर योजना का संचालन किया जायेगा। विभागीय भूमिसंरक्षण की ईकाइयों का पूर्ण सहयोग ही प्राप्त किया जायेगा।

उददेश्य

प्रदेश में महुआ, नीम एंव जैट्रोफा के वृक्षों जिनसे तेल प्राप्त होता है कि नर्सरी तैयार कर बंजर भूमि, परती अनुपयोगी भूमि तथा ऐसे क्षेत्र जंहा पर जंगल है वहां पर उक्त वृक्षजनित वृक्षो का पौधरोपड़ कर र्दीधकाल में वृक्षजनित खाद्य तेल प्राप्त करना ताकि प्रदेश की आवश्यकताओं की पूर्ति करते हुये खाद्य तेलों पर देश की कुल उपलब्धता में योगदान प्रदान करना।

कार्यक्षेत्र

वर्ष 2016-2017 में मिनी मिशन-।।। प्रदेश के 09 जनपदों यथा झांसी, ललितपुर, जालौन, बांदा, हमीरपुर, महोबा, चित्रकूट, मीरजापुर एंव सोनभद्र में संचालित की जायेगी एंव पूर्व चयनित जनपदों हरदोई एंव प्रतापगढ़ में अनुरक्षण का कार्य संचालित किया जायेगा।