कृषि विभाग,

उत्तर प्रदेश

पारदर्शी किसान सेवा योजना,

किसान का अधिकार किसान के द्वार

कृषि तिलहन

प्रसार अधिकारी प्रशिक्षण-

नवीनतम कृषि प्रौद्योगिकी का कृषकों तक शीघ्र एवं प्रभावी हस्तान्तरण करने के लिए प्रसार अधिकारी प्रशिक्षण की इस वर्ष व्यवस्था की गई है। भारत सरकार द्वारा इस मद में रू0 36000/-(रू0 छत्तीस हजार मात्र) प्रति दो दिवसीय प्रशिक्षण में 20 अधिकारियों के बैच हेतु अनुमन्य है। प्रत्येक अधिकारी पर रु0 900 प्रतिदिन का व्यय भारित किया जायेगा। इन प्रशिक्षणों में पर्याप्त संख्या में अधिकारियों की सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए इनका पर्याप्त प्रचार-प्रसार भी कराया जाय। यथा सम्भव इन प्रशिक्षणों का आयोजन खण्ड प्रदर्शन एवं बीज ग्राम योजना से सम्बद्ध करते हुए किया जाय। प्रसार अधिकारी प्रशिक्षण की मदवार फॉट निम्नवत् है-

Components Rate Amount ( Rs.)
Training material/stationery/ venue cost/ Audio-visual aids etc Rs. 5000/- per training 5000.00
Lodging/Travel/Transport/Visits etc Rs.15000/- per training 15000.00
Honorarium to Trainer/Scientist Rs.500/lecture X 8 Lectures in two days 4000.00
2 Meals /Refreshment for officers/extension workers @Rs.300/day X 20 officers/ extension workers X 2 days 12000.00
TOTAL 36000.00

जिप्सम /पाइराइट/सल्फर एंव डोलोमाइट आदि का वितरण

योजना में तिलहनी फसलों के उत्पादन में जिप्सम आदि के प्रयोग से कैल्शियम एवं गन्धक जैसे पेाषक तत्व प्राप्त होते है, जो तिलहनी फसलों में उत्पादन एवं तेल प्रतिशत वृद्धि हेतु अति उपयोगी है। अच्छी उपज हेतु तिलहनी की फसलों में जिप्सम 3 कु0/ हे0 की दर से प्रयोग किया जाता है। कृषकों द्वारा अधिकांशतः सल्फर रहित उर्वरकों यथा-डी0ए0पी0 आदि का प्रयोग किया जाता है। इसलिए जिप्सम के प्रयोग पर विशेष ध्यान दिया जाना आवश्यक है। कृषकों को जिप्सम उपलब्ध कराने में आने वाला अधिक परिवहन व्यय सबसे बड़ी बाधा है। अतः इसे दृष्टिगत रखते हुए कार्यक्रम अन्र्तगत भारत सरकार द्वारा जिप्सम वितरण मद में पदार्थ के मूल्य का 50 प्रतिशत और ढुलाई व्यय, या अधिकतम रू0 750 प्रति हे0 जो भी कम हो की दर से अनुदान अनुमन्य है। उक्त के अतिरिक्त 25 प्रतिशत का अनुदान प्रदेश सरकार द्वारा प्रदान किया जायेगा, जिसका आवंटन भूमि संरक्षण अनुभाग द्वारा आपको पृथक से किया जा रहा है। इस प्रकार जिप्सम में पदार्थ के मूल्य का 75 प्रतिशत अनुदानित होगा एवं 25 प्रतिशत कृषक से प्राप्त किया जायेगा।

राईजोबियम कल्चर/पी0एस0बी0/जेड.एस.बी./ऐजेटोबैक्टर/माइकोराइजा वितरण

योजना में तिलहनी फसलों की उत्पादकता में वृद्धि हेतु राईजोबियम कल्चर/पी0एस0बी0/जेड.एस.बी./ऐजेक्टोबेटर/माइकोराइजा एक महत्वपूर्ण मद है जिसपर मूल्य का 50 प्रतिशत अथवा रू0 300 प्रति हे0 जो भी कम हो दर से कृषकों को अनुदान अनुमन्य है।

कृषि रक्षा रसायन/तृणनाशी/बायोपेस्टीसाइड

योजना में तिलहनी फसलों में कीटों एवं बीमारियों एवं खरपतवार के नियंत्रण हेतु कार्यक्रम अन्र्तगत रसायन के मूल्य का 50 प्रतिशत अथवा रू0 500 प्रति हे0 जो भी कम हो की दर से कृषकों को अनुदान अनुमन्य है। इसका उपयोग बहुत ही विवेक से ऐसी परिस्थितियों मे किया जाना है।

कृषि रक्षा उपकरण

तिलहनी फसलें कीटों एवं व्याधियों के प्रति अधिक संवेदनशील होती है। इन फसलों में कीटों एवं बीमारियो के प्रभावी नियंत्रण हेतु संस्तुत कृषि रक्षा रसायनों के प्रयोग हेतु कृषि रक्षा उपकरण उपयोगी है।