कृषि विभाग,

उत्तर प्रदेश

पारदर्शी किसान सेवा योजना,

किसान का अधिकार किसान के द्वार

कृषि तिलहन

कार्यक्रम अर्न्तगत खण्ड प्रदर्शन आयोजन हेतु फसलवार अनुमन्य अनुदान का विवरण निम्नवत है

क्र0 सं0 फसल अनुमन्य अनुदान दर
1

राई/सरसों

कृषि निवेशों के मूल्य का 50 प्रतिशत या अधिकतम रू0 3000 प्रति हे0
2

सूरजमुखी

कृषि निवेशों के मूल्य का 50 प्रतिशत या अधिकतम रू0 4000 प्रति हे0
3

अलसी

कृषि निवेशों के मूल्य का 50 प्रतिशत या अधिकतम रू0 3000 प्रति हे0
4

सीसेम (तिल)

कृषि निवेशों के मूल्य का 50 प्रतिशत या अधिकतम रू0 3000 प्रति हे0
5

मूँगफली

कृषि निवेशों के मूल्य का 50 प्रतिशत या अधिकतम रू0 7500 प्रति हे0
6

सोयाबीन

कृषि निवेशों के मूल्य का 50 प्रतिशत या अधिकतम रू0 4500 प्रति हे0

मूँगफली हेतु पॉलीथीन मल्च खण्ड प्रर्दशन भी आयोजित कराये जायेगें जिस पर निम्नानुसार अनुदान उपलब्ध कराया जायेगा।

Crop Assistance ( Rs./ha)
Groundnut (Demo. Inputs) 7500
Groundnut (Mulch) 4000
TOTAL 11500

विशेष ध्यान देने योग्य बात है कि अधिकाधिक कृषकों को लाभान्वित करने की दृष्टि से एक फसल हेतु एक कृषक को अधिकतम एक हे0 क्षेत्र में प्रदर्शन हेतु निवेश उपलब्ध कराये जायेंगे। प्रदर्शन आयोजन स्थल पर खण्ड प्रदर्शन का पूर्ण विवरण अंकित करते हुए बोर्ड भी लगाया जाय।

खण्ड प्रदर्शनों का शतप्रतिशत स्थलीय सत्यापन संबंधित उप सम्भागीय कृषि प्रसार अधिकारी द्वारा किया जायेगा। संबंधित उप कृषि निदेशक तथा मण्डलीय संयुक्त कृषि निदेशक द्वारा रेण्डम विधि से क्रमशः 25 प्रतिशत तथा 10 प्रतिशत स्थलीय सत्यापन सुनिश्चित किया जाय। खण्ड प्रदर्शनों की सूची संबंधित उप सम्भागीय कृषि प्रसार अधिकारी तथा उप कृषि निदेशक अपने पास रखेगें तथा समय-समय पर निरीक्षण तथा अनुश्रवण भी करें। इसकी एक सूची निदेशालय को भी भेजेगें। खण्ड प्रदर्शन के आयोजन हेतु उप कृषि निदेशक की अध्यक्षता में गठित समिति इस वर्ष भी अपेक्षित कार्य करेगी।खण्ड प्रर्दशनों की सूची विभागीय वेबसाइट पर भी अपलोड की जायेगी जिसमें कृषक का मोबाइल नं0 भी अंकित किया जायेगा।

खण्ड प्रदर्शन उन्हीं ग्रामों/विकास खण्डो में आयोजित किये जायें, जहां पर गत वर्ष आयोजित न किये गये हो। खण्ड प्रदर्शन का दृश्य दर्शन निकटवर्ती ग्रामों/ विकास खण्डों के कृषकों को भी कराते हुए पर्याप्त प्रचार-प्रसार किया जाय। खण्ड प्रदर्शन के आयोजन में मुख्य मार्गो तथा राष्ट्रीय मार्गो को वरीयता दी जाय ताकि तकनीकी हस्तान्तरण से फसलों की उत्पादकता पर पड़ने वाले प्रभावों को उन मार्गो से आने-जाने वाले कृषक भी आसानी से देख सके। साथ ही खण्ड प्रदर्शन के आयोजन को जन-प्रतिनिधियों तथा उच्च अधिकारियों द्वारा भी देखा जा सके। इससे प्रचार-प्रसार के साथ उनके बहुमूल्य सुझाव भी प्राप्त हो सकेगें। खण्ड प्रदर्शनों को समुचित रूप से अभिलिखित किया जाय तथा फसल कटाई के एक माह के भीतर प्रदर्शन परिणाम निदेशालय के (तिलहन एंव दलहन) अनुभाग को भेजे जायेगें।