कृषि विभाग,

उत्तर प्रदेश

पारदर्शी किसान सेवा योजना,

किसान का अधिकार किसान के द्वार

कृषि तिलहन

भौतिक सत्यापन रैण्डम विधि द्वारा किया जायेगां। स्थलीय भौतिक सत्यापन के न्यूनतम व्यवहारिक लक्ष्य निम्नवत हैः-

क्र0 सं0 कर्मचारी/ अधिकारी भौतिक सत्यापन की न्यूनतम सीमा
1 सहायक विकास अधिकारी कृषि 50 प्रतिशत
2 सहायक विकास अधिकारी कृषि रक्षा 50 प्रतिशत
3 भूमि संरक्षण निरीक्षक 100 प्रतिशत
4 प्राविधिक सहायक 75 प्रतिशत
5 अपर जिला कृषि अधिकारी 50 प्रतिशत
6 वरिष्ठ कृषि रक्षा सहायक 50 प्रतिशत
7 उप सम्भागीय कृषि प्रसार अधिकारी 75 प्रतिशत
8 जिला कृषि अधिकारी 30 प्रतिशत
9 भूमि संरक्षण अधिकारी 30 प्रतिशत
10 उप कृषि निदेशक 15 प्रतिशत
11 उप कृषि निदेशक, भू0 सं0 10 प्रतिशत
12 उप कृषि निदेशक कृषि रक्षा 5 प्रतिशत
13 मण्डलीय संयुक्त कृषि निदेशक 5 प्रतिशत

कार्यक्रम के संचालन का अनुश्रवण

नेशनल मिशन ऑन ऑयल सीड्स एण्ड ऑयल पॉम (N.M.O.O.P.) मिनी मिशन-। oilseeds (तिलहन कार्यक्रम) एंव मिनी मिशन-।।। ज्तमम इवतदम oilseeds (वृक्षजनित तेल कार्यक्रम) की कार्ययोजना निमार्ण, लक्ष्यों का विभाजन तथा जनपदों का प्रेषण, मार्ग निर्देशन, धन की व्यवस्था तथा उसके समय से उपभोग और लक्ष्यों की पूर्ति तथा कार्यक्रम की उपलब्धियों के मूल्यांकन के लिए राज्य स्तर पर मिशन निदेशक / अपर कृषि निदेशक (तिलहन एंव दलहन), उत्तर प्रदेश होगें। मण्डल स्तर पर संबंधित जनपदों में सफल क्रियान्वयन, सामयिक प्रगति प्रतिवेदन प्रेषण तथा योजनाओं के अनुश्रवण एवं मूल्यांकन हेतु मण्डलीय संयुक्त कृषि निदेशक, उत्तरदायी होगें। जनपद स्तर पर उप कृषि निदेशक विकास खण्डवार योजनाओं को तैयार कराने, कृषि निवेशों की समय से व्यवस्था करने तथा बीज भण्डारों पर समय से आपूर्ति एवं वितरण के प्रति उत्तरदायी होगें। इसके साथ ही कार्यक्रम की प्रगति प्रेषण, निरीक्षण, अनुश्रवण तथा उपलब्धियों के मूल्यांकन का भी कार्य करेगें और समन्वय स्थापित करते हुए कार्यक्रम संचालन के प्रति पूर्ण रूप से उत्तरदायी होगें।

योजना के अर्न्तगत वितरण किये जाने वाले कृषि निवेषों की पंजिका का प्रारूप

क्र0 सं0 लाभार्थी का नाम पिता का नाम पूरा पता/ मोबाइल नं0 विकास खण्ड कृषि निवेश का नाम कृषि निवेश के वितरण की तिथि अनुदान प्रदान करने की तिथि सत्यापन अधिकारी का नाम एवं पदनाम सत्यापन अधिकारी के हस्ताक्षर

विकास खण्ड मुख्यालय पर सहायक विकास अधिकारी (कृषि) खण्ड विकास अधिकारी की देख-रेख में खण्ड स्तरीय कृषि निवेशों की आवश्यकता के आंकलन आपूर्ति एवं वितरण के प्रति उत्तरदायी होगें। ग्राम स्तर पर कृषि विभाग के कर्मचारी जिनको संबंधित जिला कृषि अधिकारी/ उप कृषि निदेशक द्वारा कार्यक्रम के सम्पादन हेतु नामित किया गया है, योजना के अन्र्तगत खेतों का चयन कृषि निवेशों की व्यवस्था तथा बुवाई, फसल सुरक्षा आदि के प्रति उत्तरदायी होगें। वे प्रगति विवरण निर्धारित समय-सारिणी के अनुसार अपने जिला कृषि अधिकारी/ उप कृषि निदेशक को उपलब्ध करायेगें। जनपद स्तर पर उप कृषि निदेशक द्वारा सभी विभागों से समन्वय कर पाक्षिक/मासिक प्रगति प्रतिवेदन प्राप्त किया जायेगा तथा संकलित रूप में मण्डलीय कार्यालय को नियमित रूप से प्रेषित किया जायेगा। मण्डलीय संयुक्त कृषि निदेशक अपने मण्डल की जनपदवार संकलित पाक्षिक/ मासिक प्रगति विवरण निर्धारित रूपपत्र पर प्रत्येक अनुवर्ती माह की 05 तारीख तक अनिवार्य रुप से अपर कृषि निदेशक (तिलहन एंव दलहन) उत्तर प्रदेश को नियमित रूप से उपलब्ध कराना सुनिश्चित करेगें।

उक्त क्रम में यह भी अवगत कराना है कि कार्ययोजना में जनपदवार निर्धारित वित्तीय लक्ष्यों की सीमान्र्तगत भौतिक लक्ष्यों में आवश्यकतानुसार संशोधन किया जा सकता है।

प्रगति का प्रेषण

भौतिक एवं वित्तीय प्रगति एंव व्यय विवरण कार्ययोजना में संलग्न रुप पत्रों पर (मदवार/सामान्य एंव स्पेशल कम्पोनेन्ट) अपर कृषि निदेशक (तिलहन एंव दलहन) को संकलित कर संयुक्त कृषि निदेशक द्वारा भेजी जायेगी। इसके साथ जनपदवार प्रगति भी संलग्न की जायेगी

यह प्रगति रिपोर्ट प्रत्येक अनुवर्ती माह की 05 तारीख तक विशेष पत्रवाहक द्वारा उपलब्ध करायी दी जाये।