कृषि विभाग,

उत्तर प्रदेश

पारदर्शी किसान सेवा योजना,

किसान का अधिकार किसान के द्वार

कृषि तिलहन

योजना की आवश्यकता

तिलहनी फसलों की उत्पादन एंव उत्पादकता बढाने हेतु भारत सरकार द्वारा मिशन मोड में नेशनल मिशन ऑन ऑयल सीड्स एण्ड ऑयल पॉम (N.M.O.O.P.) अन्तर्गत मिनी मिशन-। Oilseeds Programme (तिलहन कार्यक्रम) संचालित किया जा रहा है।

उददेश्य

  • एग्रो क्लाइमेटिक जोन के आधार पर फसलों का नियोजन करना यथा बुन्देलखण्ड में तिलहनी फसलों के उत्पादन को बढ़ावा देना।
  • क्षेत्रफल, उत्पादन एवं उत्पादकता में वृद्धि करना।
  • तिलहन की प्रदेश की मांग को दृष्टिगत रखते हुए इसमें आत्मनिर्भर बनाना।
  • लघु एवं सीमान्त/अनुसूचित जाति/अनु0जनजाति/महिला कृषकों को इन फसलों के माध्यम से कम लागत पर अधिक लाभ दिलाना।

रणनीति

  • स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप फसलों का नियोजन कराया जायेगा।
  • कृषकों की आवश्यकता को दृष्टिगत रखते हुए कार्यमदों में यथासम्भव समायोजन किया जायेगा।
  • नेशनल मिशन ऑन ऑयल सीड्स एण्ड ऑयल पॉम (N.M.O.O.P.) योजनान्तर्गत दिये गये दिशा निर्देशो का शत प्रतिशत पालन किया जायेगा।
  • उच्च क्षेत्र और उच्च उत्पादकता तिलहन वाले समस्त जनपदों में बीज उत्पादन कार्यक्रम, बीज ग्राम योजना कार्यक्रमों को केन्द्रित किया जायेगा।
  • अधिक क्षेत्र एवं न्यून उत्पादकता तिलहन वाले समस्त जनपदों में खण्ड प्रदर्शन कार्यक्रम केन्द्रित किये जायेगें।
  • जेण्डर फोकस कार्यक्रम के अन्र्तगत नेशनल मिशन ऑन ऑयल सीड्स एण्ड ऑयल पॉम (N.M.O.O.P.) योजना में 25 प्रतिशत धनराशि अनुसूचित जाति /जनजाति के कृषकों तथा महिलाओं की भागीदारी 30 प्रतिशत सुनिश्चित की जायेगी।
  • आवंटन स्रोत पर बीजों की वास्तविक उपलब्धता की नियमित समीक्षा एवं अनुश्रवण किया जायेगा। कृषको को बीज पर देय अनुदान का समायोजन डी0बी0टी0 द्वारा किया जायेगा।
  • खण्ड प्रदर्शनों के समय से आयोजन हेतु अभियान चलाया जायेगा।
  • ग्रीष्म कालीन बुवाई हेतु(सूरजमुखी, मूँगफली आदि) बीजों की व्यवस्था माह दिसम्बर में सुनिश्चित की जायेगी, जिससे कि माह फरवरी में बुवाई सम्भव हो सके।
  • सोयाबीन की उत्पादकता एवं क्षेत्रफल विस्तार के लिए विशेष प्रयास किये जायेगें।
  • तिलहनी फसलों में सल्फर की आवश्यकता की पूर्ति हेतु जिप्सम एंव सल्फर के प्रयोग पर बल दिया जायेगा।
  • भारत सरकार द्वारा 50 प्रतिशत एवं प्रदेश सरकार द्वारा 25 प्रतिशत कुल 75 प्रतिशत अनुदान पर जिप्सम उपलब्ध कराया जायेगा।
  • क्रापकटिंग एक्सपेरिमेन्ट में कृषि विभाग के अधिकारियों की सहभागिता भी प्राप्त की जायेगी।
  • तिलहनी सघन क्षेत्रों में प्रसार प्रशिक्षण कार्यक्रम, फसल विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम तथा किसान मेलों का आयोजन किया जायेगा।
  • समस्त लाभार्थी कृषकों का पंजीकरण पारदर्शी किसान योजनान्तर्गत ऑनलाइन किया जायेगा तत्पश्चात् अनुदान का समायोजन डायरेक्ट बेनीफिट ट्रान्सफर के अन्तर्गत एन0ई0एफ0टी0/आर0टी0जी0एस0 के माध्यम से लाभार्थी कृषक को प्रदान किया जायेगा।