कृषि विभाग,

उत्तर प्रदेश

पारदर्शी किसान सेवा योजना,

किसान का अधिकार किसान के द्वार

उपलब्धियाँ

  • जैविक खेती-
    परम्परागत कृषि विकास योजनान्तर्गत जैविक खेती कार्यक्रम में कुल 1230 क्लस्टर चयन कर 61500 एकड़ क्षेत्रफल में जैविक खेती को बढ़ावा देने हेतु 61500 कृषकों को लाभान्वित किया जा रहा है जिसमें 1055 (प्रति क्लस्टर 50 एकड़) क्लस्टर में जैविक खेती का कार्यक्रम क्रमिक है। बुन्देलखण्ड क्षेत्र के हमीरपुर जनपद को जैविक खेती के अन्तर्गत मॉडल जनपद बनाने हेतु वर्ष 2016-17 में चयनित 140 क्लस्टर में (प्रति क्लस्टर 50 एकड़), द्वितीय वर्ष में जैविक खेती का कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। आर0के0वी0वाई0 योजनान्तर्गत पीलीभीत जनपद में वर्ष 2017-18 में जैविक खेती योजान्तर्गत 35 क्लस्टर का गठन कर कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त ‘नमामि गंगे’ योजना में 320 क्लस्टरों हेतु रू0 6.80 करोड़ की धनराशि अतिरिक्त प्राप्त हो गयी है। झांसी व बांदा में भी आर्गेनिक आउटलेट की स्थापना करायी गयी है।
  • वर्मी कम्पोस्ट यूनिट की स्थापना-
    मृदा में जीवांश कार्बन बढ़ाने हेतु वर्मी कम्पोस्ट यूनिट की स्थापना योजनान्तर्गत वर्ष 2017-18 में 97814 वर्मी कम्पोस्ट यूनिट के स्थापना लक्ष्य के सापेक्ष 69726 कृषकों का चयन कर 8062 वर्मी कम्पोस्ट यूनिट की स्थापना की जा चुकी है। माह मार्च, 2018 तक लक्ष्य शत-प्रतिशत पूर्ण किया जायेगा।
  • किसानों को गुणवत्तायुक्त बीज समय से उपलब्ध कराना-
    खरीफ 2017 में 8.02 लाख कु0 प्रमाणित बीज वितरण लक्ष्य के सापेक्ष 8.12 लाख कु0 की उपलब्धता तथा 7.97 लाख कु0 का वितरण किया गया। 3.01 लाख कु0 संकर बीज वितरण लक्ष्य के सापेक्ष 3.04 लाख कु0 की उपलब्धता तथा 2.67 लाख कु0 का वितरण किया गया। रबी 2017-18 में 48.12 लाख कु0 बीज वितरण लक्ष्य के सापेक्ष 48.54 लाख कु0 बीज की उपलब्धता कराते हुए 46.67 लाख कु0 बीज का वितरण कराया गया।
  • डी0बी0टी0-
    समस्त योजनाओं के अन्तर्गत डी0बी0टी0 के माध्यम से 21.65 लाख किसानों के खातों में रू0 363.89 करोड की धनराशि स्थानान्तरित करनें हेतु डी0बी0टी0 के पोर्टल पर फीडिंग करायी जा चुकी है जिसमें से 18.96 लाख किसानों के खातों में रू0 310.71 करोड की धनराशि दिनांक 19.03.2018 तक स्थानान्तरित कराया जा चुका है।
  • बीज मिनी किट का वितरण-
    खरीफ में सोयाबीन के 7500 (600 कुन्टल) मिनीकिट एवं तिल के 28799 (288 कुन्टल) मिनीकिट निःशुल्क वितरण कराये गये जिसमें से बुन्देलखण्ड क्षेत्र में 8799 मिनीकिट वितरित किये गये इसी प्रकार रबी में तोरिया के 70269 (1405 कुन्तल) मिनीकिट एवं राई/सरसों के 183330 (3667 कुन्टल), अलसी के 2700 (54 कुन्तल) मिनीकिट, चना के 35150 (5624 कुन्तल) मिनिकिट एवं मसूर के 34625 (2770 कुन्तल) मिनिकिट निःशुल्क वितरित किये गये। बुन्देलखण्ड में मुख्य रूप से तिल की खेती को बढावा देने हेतु तिल बीज पर 90 प्रतिशत का अनुदान भी दिया गया।
  • किसान गोष्ठियों एवं मेलों का जनप्रतिनिधियों/उच्चाधिकारियों की अध्यक्षता में आयोजित किया जाना-
    खरीफ एवं रबी 2017 में मण्डल/जनपद/विकासखण्ड स्तर पर आयोजित 2591 किसान गोष्ठियों का आयोजन किया गया जिसमें 34 मा0 मंत्रीगण, 61 मा0 सासंद 369 मा0 विधायकगण, 258 मा0 ब्लाक प्रमुख 162 जिलापंचायत सदस्य एवं 315 ग्राम प्रधान इस प्रकार कुल 1199 मा0जनप्रतिनिधियों द्वारा कार्यक्रमों की अध्यक्षता भी की गयी आयोजित प्रसार कार्यक्रमों में लगभग 7 लाख से अधिक कृषकों ने प्रतिभाग भी किया।
  • किसानों को कॉल सेन्टर के माध्यम से सरकार द्वारा संचालित कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी एवं उनकी समस्याओं का निराकरण किया जाना-
    वित्तीय वर्ष 2017-18 में माह फरवरी, 2018 तक 1161971 काल्स प्राप्त हुई जिसमें से 1133314 काल्स का जवाब देकर किसानों की समस्याओं का निराकरण किया गया।
  • प्रदेश में कृषि कल्याण केन्द्रों की स्थापना-
    वर्ष 2017-18 में 100 कृषि कल्याण केन्द्र विभिन्न जनपदों में निर्मित कराये जा रहे है जहाँ से ‘सिंगल विण्डों सिस्टम’ द्वारा कृषकों को गुणवत्तायुक्त बीज, कृषि रक्षा रसायन तथा कृषकों को परामर्श देने की व्यवस्था भी की जायेगी।
  • किसानों का ऑनलाइन पंजीकरण-
    दिनांक 19.03.2018 तक 166.74 लाख किसानों का ऑनलाइन पंजीकरण कराया गया।
  • मोबाइल एप-
    मा0 मुख्यमंत्री जी द्वारा दिनांक 05.11.2017 द्वारा पारदर्शी किसान सेवा योजना के लिए UP PARDARSHI मोबाइल एप लांच किया गया जिससे किसान कृषि विभाग की योजनाओं एवं सुविधाओं की जानकारी तथा ऑनलाइन पंजीकरण करा सकते है।
  • ]
  • प्रदेश में माइक्रोन्यूट्रियन्ट की टेस्टिंग हेतु जनपदों में क्रियाशील किया जाना-
    43 ए0ए0एस0 (एटॉमिक एब्जापर्सन स्पेक्ट्रोफोटोमीटर) की आपूर्ति कराकर क्रियाशील किया गया जिससे मृदा में माइक्रोन्यूट्रियन्ट्स की टेस्टिंग करायी जा रही है।
  • प्रदेश में बेरोजगार कृषि स्नातकों को रोजगार सृजन हेतु एग्रीजंक्शन(वन स्टॉप शॉप) की स्थापना-
    वर्ष 2017-18 में 1100 एग्रीजंक्शन की स्थापना के लक्ष्य के सापेक्ष दिनांक 19.03.2018 तक 1292 लाभार्थियों का चयन, 1040 का डी.पी.आर. बैंक को प्रेषित, 550 का डी0पी0आर0 स्वीकृत कराये गये तथा 571 केन्द्र स्थापित कराये जा चुके हैं।
  • प्रदेश में अन्तर्राष्ट्रीय धान अनुसंधान केन्द्र (IRRI) की स्थापना-
    प्रदेश सरकार की पहल पर देश का प्रथम अन्तर्राष्ट्रीय धान अनुसंधान केन्द्र फिलीपीन्स की शाखा वाराणसी में स्थापित कराने की कार्यवाही क्रमिक है।
  • उर्वरक-
    72.76 लाख मै0टन(खरीफ-29.07+रबी-43.69) उर्वरक वितरण लक्ष्य के सापेक्ष 90.34 लाख मै0टन (खरीफ-41.26+रबी-49.83) की उपलब्धता कराते हुए 67.63 लाख मै0टन (खरीफ-26.96+रबी-40.67) का वितरण किया गया।
  • कृषि रक्षा रसायन-
    18140 मै0टन/किली0(खरीफ-8780+रबी-9360) कृषि रक्षा रसायन वितरण लक्ष्य के सापेक्ष 22909 मै0टन/किली0(खरीफ-12026+रबी-10883) की उपलब्धता कराते हुए 14601 मै0टन/किली0(खरीफ-7610+रबी-6991) का वितरण किया गया।
  • फसली ऋण-
    रू0 50362 करोड़ का फसली ऋण वितरण किया गया।
  • किसान क्रेडिट कार्ड-
    30.46 लाख किसान क्रेडिट कार्ड कृषकों को उपलब्ध कराये गये।
  • किसान मेलों का आयोजन-
    10 वृहद किसान मेलों का आयोजन किया गया।
  • कृषि यंत्रों की प्रगति-
    वर्ष 2017-18 में अब तक कुल 19275 उन्नत कृषि यंत्र कृषकों को अनुदान पर वितरित किये गये, 29 कस्टम हायरिंग सेंटर की स्थापना करायी गयी तथा 419 फार्म मशीनरी बैंक की स्थापना करायी गयी।