कृषि विभाग,

उत्तर प्रदेश

पारदर्शी किसान सेवा योजना,

किसान का अधिकार किसान के द्वार

उपलब्धियाँ

दिनांक-19.03.2018 तक


वर्तमान सरकार के कार्यकाल में कृषि विभाग से सम्बन्धित महत्वपूर्ण निर्णय एवं उल्लेखनीय कार्यों (उपलब्धियों) का विवरण।

  • प्रदेश के समस्त लघु एवं सीमांत किसानों के फसली ऋण को माफ किया जाना-
    समस्त लघु एवं सीमांत किसानों जिनके द्वारा दिनांक 31.03.2016 तक फसली ऋण प्राप्त किया गया है, एक लाख रूपये तक की सीमा का ऋण मोचन किया गया। बैंकों के माध्यम से तीन चरणों में कुल 34.80 लाख अर्ह किसानों में से 34.11 लाख कृषकों का कुल रू0 20598.31 करोड़ का भुगतान किया गया। उक्त कार्य हेतु जनपदों में विशेष कैम्पों का आयोजन कर प्रभारी मंत्रियों के द्वारा ऋण माफी प्रमाण पत्र वितरित किये गये, इसके अतिरिक्त एन.पी.ए. समाधान योजना में भी पात्र कृषकों को लाभान्वित किया जायेगा।
  • वर्ष 2022 तक उत्तर प्रदेश के किसानों की कृषि आमदनी को दोगुना किया जाना-
    वर्ष 2022 तक कृषकों की आय दोगुना करने का रोडमैप तैयार कर लिया गया है तथा आठ सूत्रीय रणनीति तैयार कर कार्यवाही प्रारंभ कर दी गयी है। इसी क्रम में दिनांक 06.12.2017 को सी0सी0आई0 एवं मण्डी परिषद, उ0प्र0 के संयुक्त तत्वाधान में Farmers-Agro Industrialist meet "Farmers' First" का आयोजन लखनऊ में किया गया जिसमें कृषि उद्यमी, अधिकारीगण तथा कृषकों द्वारा प्रतिभाग किया गया। इस बैठक की संस्तुति/निर्णयों के आधार पर मण्डी-रिफॉर्म्स, कृषक आय वृद्धि हेतु दिये गये सुझावों पर कार्यवाही की जा रही है। कृषकों की आय दोगुना करने के क्रम में विभाग द्वारा कृषकों को कृषि की नवीनतम तकनीक से प्रशिक्षित करने हेतु एक अनूठी किसान पाठशाला (द मिलियन फार्मस स्कूल) का आयोजन पूरे प्रदेश में किया गया जिसमें 10 लाख से अधिक कृषकों को 05 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम को दो सत्रों में (दि0 05.12.17 से 09.12.2017 एवं 11.12.2017 से 15.12.2017 के मध्य) में कृषि, उद्यान, पशुपालन, मत्स्य पालन एवं कृषि से संबंधित अन्य गतिविधियों की जानकारी उपलब्ध करायी गयी, किसान पाठशाला के आयोजन में 11 मा0 सासंद, 78 मा0 विधायकगण तथा 30 मा0 ब्लाक प्रमुख एवं 752 ग्राम प्रधान, इस प्रकार कुल 1475 जनप्रतिनिधियों द्वारा प्रतिभाग किया गया।
  • प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ सभी इच्छुक एवं जरूरतमंद किसानों तक पहुँचाते हुए क्षतिपूर्ति की धनराशि किसानों को समय से उपलब्ध कराना-
    योजना को संचालन करने की अधिसूचना जारी करते हुए निर्धारित समय सारिणी के अनुसार संचालित कराने हेतु समस्त जिलाधिकारियों एवं बीमा एजेन्सियों को निर्देश दिये गये है। योजनान्तर्गत खरीफ 2017 में 25.48 लाख कृषकों का 24.72 लाख हे0 क्षेत्रफल में फसलों का रू0 9713.29 करोड का बीमा कराया गया। फसलों की क्षतिपूर्ति हेतु आकलन कर भुगतान की कार्यवाही क्रमिक है। माह फरवरी, 2018 तक रू0 193.40 करोड़ की क्षतिपूर्ति करायी जा चुकी है। रबी 2017-18 में 29.15 लाख कृषकों का 23.58 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल के फसलों का रू0 11621.27 करोड़ का बीमा कराया गया। इस वर्ष प्रथम बार 55422 गैर ऋणी कृषकों (विशेष रूप में सूखा प्रभावित जनपद महोबा में) का भी फसल बीमा कराया गया है, जिससे अवर्षण के कारण बुवाई न होने की दशा में कृषकों को फसल बीमा का लाभ मिल सकेगा।
  • मार्च, 2018 तक सभी किसानों को स्वायल हेल्थ कार्ड का वितरण किया जाना-
    प्रथम चरण के 169.91 लाख स्वायल हेल्थ कार्ड वितरण लक्ष्य के सापेक्ष 169.58 मृदा स्वास्थ्य कार्ड वितरित करके प्रथम चरण के लक्ष्य को शत-प्रतिशत प्राप्त किया जा चुका है। द्वितीय चक्र के प्रथम वर्ष के भी 24.82 लाख के मृदा नमूनों के लक्ष्य के सापेक्ष 22.09 लाख नमूने ग्रहित कर 19.36 लाख नमूनों का विश्लेषण कराया जा चुका है। मार्च 2018 तक द्वितीय चरण के अन्तर्गत 45 लाख मृदा स्वास्थ्य कार्ड के वितरण हेतु दिनांक 08 से 09 मार्च मृदा स्वास्थ्य कार्ड के वितरण का विशेष अभियान चलाया गया तथा दिनांक 23 से 24 मार्च, 2018 को भी मृदा स्वास्थ्य कार्ड के वितरण का विशेष अभियान चलाया जायेगा।
  • बुन्देलखण्ड क्षेत्र में सिंचन क्षमता बढ़ाने के लिए खेत-तालाब योजना का विस्तार-
    बुन्देलखण्ड क्षेत्र में 2549 तालाब निर्माण लक्ष्य के सापेक्ष 2489 तालाबों पर कार्य पूर्ण कराया जा चुका है। अवशेष का निर्माण दिनांक 31.03.2018 तक पूर्ण हो चुकेगा। इसके अतिरिक्त प्रदेश के अन्य अतिदोहित एवं दोहित जिलों में 780 खेत तालाब निर्माण के लक्ष्य के सापेक्ष 780 खेत तालाबों का निर्माण पूर्ण किया जा चुका है। इस प्रकार प्रदेश में कुल 3329 खेत तालाबों के निर्माण के लक्ष्य के सापेक्ष अबतक 3269 खेत तालाबों का निर्माण कराया जा चुका है।
  • प्रदेश में जहाँ सिंचाई के साधन कम है अथवा विद्युत आपूर्ति नहीं है उन क्षेत्रों में सोलर पम्प की स्थापना को बढ़ावा दिया जाना- योजनान्तर्गत वित्तीय वर्ष 2017-18 में 10000 पम्प स्थापना का लक्ष्य है, जिसके सापेक्ष 7674 कृषकों का चयन कर लिया गया है। फर्म द्वारा 2685 पम्पों की आपूर्ति की गयी है एवं 1325 पम्पों की स्थापना दिनांक 19.03.2018 तक की जा चुकी है, चयनित कृषकों से ड्राफ्ट लगातार एकत्रित किये जा रहे हैं।
  • इच्छुक किसानों को स्प्रिंकलर सिंचाई का लाभ सुनिश्चित किया जाना-
    प्रदेश के 261 अतिदोहित/क्रिटिकल/सेमी क्रिटिकल विकासखण्डों में सिंचाई जल उपयोग की क्षमता बढ़ाने की योजनान्तर्गत 48 जनपदों में 3720 स्प्रिंकलर सेट वितरण लक्ष्य के सापेक्ष 1120 का वितरण किया जा चुका है। इसी प्रकार बुन्देलखण्ड क्षेत्र में सिंचाई जल उपयोग की क्षमता बढ़ाने की योजनान्तर्गत 11115 स्प्रिंकलर सेट वितरण लक्ष्य के सापेक्ष है जिसके सापेक्ष शत-प्रतिशत किसानों का चयन हो चुका है तथा 6353 कृषकों को स्प्रिंक्लर सेट वितरण किया जा चुका है, तथा स्प्रिंक्लर सेट के वितरण का कार्य लगातार प्रगति पर है। प्रदेश सरकार द्वारा स्प्रिंक्लर सेट/ड्रिप पर लघु एवं सीमान्त कृषकों को 90 प्रतिशत तथा सामान्य कृषकों को 80 प्रतिशत का अनुदान अनुमन्य किया गया है, इस प्रकार स्प्रिंक्लर प्रणाली पर क्रमशः रू0 63000 एवं रू0 56000 का अनुदान प्रदान किया जा रहा हैं।
  • प्रदेश में जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए जैविक प्रमाणीकरण संस्था का गठन-
    जैविक प्रमाणीकरण संस्था का राज्य स्तर पर गठन हो चुका है तथा संस्था प्रदेश में कार्यशील है। संस्था द्वारा कृषक, कृषक समूह का प्रदेश के विभिन्न जनपदों में माह फरवरी, 2018 तक 342 हे0 क्षेत्रफल में पंजीयन का कार्य पूर्ण किया गया।